2016 में बर्बाद हुई फसल का मांगा मुआवजा

Jammu and Kashmir Bureauजम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Thu, 24 Jan 2019 01:22 AM IST
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कठुआ। बारिश और ओलावृष्टि की वजह से वर्ष 2016 में बर्बाद हुई फसल के कारण जहां किसानों के लिए मौसम की मार पड़ी, तो वहीं अभी तक सरकार ने इस मार पर मरहम नहीं लगाया है। जिला कठुआ में पचास प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई। अभी तक मुआवजे के लिए मंजूर 26 करोड़ से ज्यादा की राशि जारी नहीं की गई है। भारतीय किसान संगठन ने बुधवार को बैठक कर इस राशि को जारी करने की मांग राज्यपाल से की।
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किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि किसानों का नुकसान हर वर्ष होता है, लेकिन हर बार सर्वे नहीं होता। सरकार ने वर्ष 2016 में सर्वे करवाया था और रिपोर्ट के अनुसार पचास प्रतिशत के करीब फसल बर्बाद हो गई थी, लेकिन उस नुकसान की भरपाई के लिए मंजूर हुए 26 करोड़ से ज्यादा की राशि को अभी तक जारी नहीं किया गया। इस मार का अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है। जिला प्रशासन द्वारा नुकसान का सर्वे करवाए तीन साल से अधिक बीतने को है। ऐसे में किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। किसानों की उम्मीदों पर जहां बारिश और ओलावृष्टि ने पानी फेरा तो प्रशासन ने भी कोई प्रयास नहीं किए।
किसान देवराज, प्रीतम सिंह, राज सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा करवाए गए सर्वे के अनुसार जिला के किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए करीब 26 करोड़ रुपये चाहिए। सर्वे के दौरान नुकसान को दो हिस्सों में बांटा गया। पहले हिस्से में सिंचाई वाले इलाके रखे गए। इन इलाकों में सरकार को साढे़ तेरह करोड़ रुपये देने हैं। दूसरे हिस्से में बिना सिंचाई वाले इलाके रखे गए हैं। इन इलाकों में सरकार तेरह करोड़ रुपये देने हैं। ऐसे में पूरे जिला के किसानों को 26 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुआवजा मिलना है।
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