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किसानों के लिए आग ने मचाया कोहराम, अब तक राख हो चुकी है एक हजार कनाल से अधिक फसल

Jammu and Kashmir Bureauजम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Sat, 18 May 2019 01:27 AM IST
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कठुआ। गर्मी के मौसम में किसानों के लिए आग ने कोहराम मचाया है। आग के कारण किसानों का लाखों का नुकसान हो गया है, लेकिन अचरज की बात यह है कि इस नुकसान का मुआवजा मिलने की किसानों को कोई उम्मीद ही नहीं है। न तो फसल बीमा योजना के तहत ओर न ही सरकार की ओर से। पिछली बार के नुकसान की बात करें तो करीब छह साल पहले किसानों को नाम मात्र का मुअवाजा मिला था, लेकिन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजे की उम्मीद नहीं है, क्योंकि जिन परिस्थितियों में आग लगी है उसे यह योजना कवर ही नहीं करती है। वहीं विभाग से प्राप्त आंकड़ों की बात करें तो अब तक जिला में एक हजार कनाल से अधिक की भूमि पर लगी गेहूं की फसल राख हो चुकी है।
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किसान देव राज, शिव देव सिंह, तिलक राज की मानें तो फसल बीमा के नाम पर बिना कोई सूचना दिए खाते से पैसे काटे जाते हैं, लेकिन मुआवजा देने की बारी आती है तो नियम कानून बता दिए जाते हैं। हालत यह है कि दो-ढाई हजार रुपया काटे जाने के बाद भी जब किसान मुआवजा मांगता है जो उसे मुआवजा नहीं दिया जाता है। किसानों ने बताया कि पिछले एक साल से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत एक करोड़ से अधिक रुपये की राशि बीमा कंपनी कठुआ के किसानों से ऐंठ चुकी है, जबकि आग, जंगली जानवरों और तूफान से होने वाले नुकसान पर बीमा कंपनी ने उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया। इसी वजह से किसानों ने इसे लूट करार दिया है। किसानों का कहना है कि उनको कभी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में जानकारी देने कोई नहीं आया। न तो बीमा कंपनी और न ही बैंकों की तरफ से कभी इस योजना के बारे में उनको जागरूक किया गया, लेकिन उन्होंने बिना बताए इस योजना के नाम पर पैसे काट लिए।
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इस तरह मिलेगा मुआवजा
कृषि विभाग ने बीमा कंपनी और बैंक को पिछले दस साल का उपज का आंकड़ा सौंप दिया है। इस आंकड़ों को ही आधार बनाकर नुकसान का आकलन किया जाना है। एक खंड स्तर पर 16 कट बिंदु बनाए जाते हैं। इसके बाद उन बिंदुओं पर नुकसान की पैमाइश की जाती है। इसके बाद सभी का आकलन कर नुकसान का आंकड़ा तैयार होगा और फिर उस आंकड़े को पिछले दस सालो के आंकड़ों के साथ मिलाया जाएगा, जो कृषि विभाग ने बीमा कंपनी को सौंपा है। पिछले साल की उपज और इस साल की उपज में अंतर होने पर बीमा के तहत मुआवजा मिलेगा।
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क्या कहते हैं अधिकारी
कृषि विभाग और राजस्व विभाग ने मिलकर नुकसान का सर्वे किया है। अब तक 1070 कनाल भूमि पर लगी गेंहु क फसल आग की भेंट चढ़ चुकी है। ऐेसे में जिस किसान का भी नुकसान हुआ है उसे सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तह कोई मुआवजा नहीं मिलेगा क्योंकि बिजली की तारों से, शार्ट सर्किट से या फिर थ्रेशिंग के दौरान आग से नुकसान को योजना में कवर नहीं किया गया है।
-अरुण गुप्ता, मुख्य कृषि अधिकारी, कठुआ

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