विज्ञापन
विज्ञापन

पीएचई सीपी वर्कर्स ने निकाली राज्य प्रशासन की शव यात्रा

Jammu and Kashmir Bureauजम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Fri, 17 May 2019 02:07 AM IST
ख़बर सुनें
कठुआ। पिछले पांच साल से बकाया वेतन की मांग कर रहे और नियमित करने की मांग पूरी न होने के विरोध में वीरवार को पीएचई सीपी वर्कर्स ने राज्य प्रशासन के पुतले की शव यात्रा निकाली। पीएचई सब डिविजन कठुआ से जिला सचिवालय तक निकाली गई शव यात्रा के बाद जिला सचिवालय के बाहर पीएचई सीपी वर्कर्स ने राज्य प्रशासन के शव का दाह संस्कार भी किया। वर्कर्स ने कहा कि उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया है। उन्होंने कहा कि पांच साल एक अर्सा होता है और एक पूरी सरकार इस दौरान बदल जाती है, लेकिन उनके प्रति शोषण की नीति नहीं बदली।
विज्ञापन
विज्ञापन
शव यात्रा में शामिल शिव नारायाण सिंह ने कहा कि आज पांच साल बिना वेतन के उनके परिवार भुखमरी का शिकार हो गए हैं। बच्चे घर पर बैठे रोज एक ही सवाल करते है कि उन्हें स्कूल में दाखिला कब मिलेगा, लेकिन उनके पास परिवार और बच्चों के किसी भी सवाल का जवाब नहीं हैं। क्योंकि उनके साथ शोषण के साथ साथ भेदभाव और धोखा किया गया है। उन्होंने कहा कि अगगर पचीस साल काम करने के बाद भी सरकार उनके साथ ऐसा व्यवहार कर सकती है तो किसी भी सरकार से उम्मीद नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इन पांच सालों में उन्होंने संतरी से लेकर मंत्री तक हर किसी को अपनी स्थिति बताई है। जंतर मंतर पर भी धरना दिया। प्रधानमंत्री, गठबंधन सरकार, राज्यपाल को भी ज्ञापन दिया लेकिन पांच सालों से वेतन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर के बीच जो टकराव है उसका शिकार भी उन्हें बनाया गया है। अगर कश्मीर में बीस हजार से अधिक कर्मचारियों को पांच साल से वेतन नहीं मिला होता तो सरकार व राज्य प्रशासन की नींद कब से खुल गई होती लेकिन अधिकतर वर्कर्स जम्मू संभाग से हैं इसलिए उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।
-----
जम्मू के नेता को सिर्फ कुर्सी का लालच
सीपी वर्कर्स ने कहा कि जम्मू के नेताओं को केवल कुर्सी का लालच है। पांच सालों से उन्हें वेतन नहीं मिला लेकिन जम्मू के हितों कही बात करने वाले एक भी जम्मू के नेता ने उनके लिए आवाज नहीं उठाई। जब उन्हें वेतन मिलना बंद हुआ तब भी उन्हें आश्वासन दिया और अब फिर चुनाव हो रहा तो भी उन्हें आश्वासन ही मिल रहा है। इन दो चुनावों के बीच कुछ नहीं बदला। कुर्सी के लालच में उनके साथ धोखा किया गया। जब कुर्सी मिली तो वर्कर्स की याद तक नहीं आई। उन्होंने कहा कि आज उन्होंने शव यात्रा निकाली है अगर इसके बाद भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो इससे भी उग्र रुख अपनाया जाएगा।

Recommended

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए
Lovely Professional University

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए

जानिए जल्दी से सरकारी नौकरी पाने के उपाय।
Astrology

जानिए जल्दी से सरकारी नौकरी पाने के उपाय।

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Jammu

Exclusive कठुआ कांड : पीड़िता की मां बोली- जैसे मेरी बेटी को मारा वैसे ही दरिंदों को भी मिले मौत

जम्मू-कश्मीर में कठुआ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में फैसला आने के दूसरे दिन मंगलवार को पीड़िता की मां ने कहा कि थोड़ा सुकून पहुंचा है। लेकिन जैसे उसकी बेटी को मारा गया वैसे दोषियों को भी फांसी की सजा सुनाई जाए।

12 जून 2019

विज्ञापन

मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत पर हो रही थी प्रेस कॉन्फ्रेंस, लेकिन सो रहे थे मंत्री जी

रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने मुजफ्फरपुर के अस्पतालों का जायजा लिया। उन्होंनें दिमागी बुखार से पीड़ित बच्चों से मुलाकात भी की। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की।

17 जून 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
सबसे तेज अनुभव के लिए
अमर उजाला लाइट ऐप चुनें
Add to Home Screen
Election