5 साल पहले दुनिया को मिला था 'विश्व रेडियो दिवस' का तोहफा, आज पूरी दुनिया दे रही बधाई

amarujala.com: written by- ऋतुराज त्रिपाठी Updated Tue, 13 Feb 2018 06:17 PM IST
World Radio Day: 5 years ago the world had got this gift
ख़बर सुनें
आज 13 फरवरी है, इतिहास में यह दिन 'वर्ल्ड रेडियो डे' के नाम से जाना जाता है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग बढ़-चढ़कर बधाइयां दे रहे हैं। 29 सितंबर 2011 को यह फैसला हुआ था कि दुनिया 'वर्ल्ड रेडियो डे' मनाएगी। जमाना भले ही स्मार्टफोन्स का हो लेकिन रेडियो के लिए लोगों की दीवानगी आज भी कम नहीं हुई है। 
कैब ड्राइवर, स्टूडेंट्स, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स समेत करोड़ों लोग आज भी रेडियो सुनते हैं। हालांकि कुछ साल पहले यह अफवाह उड़ी थी कि स्मार्टफोन आने के बाद रेडियो पूरी तरह खत्म हो जायेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं बल्कि स्मार्टफोन्स के आने की वजह से और भी ज्यादा लोग रेडियो से जुड़े हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रेडियो को एक नई दिशा दी है। वह रेडियो पर 'मन की बात' कहते हैं जिसे सुनने के लिए करोड़ों लोग रेडियो का प्रयोग करते हैं। इस तरह पीएम ने रेडियो को दोबारा लोगों के घर में पहुंचाया है।
आगे पढ़ें

कब हुई विश्व में रेडियो की शुरुआत

RELATED

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

India News

भाजपा विधायक का दावा हनुमान थे पहले आदिवासी, नहीं होना चाहिए उनका असम्मान

आहूजा का विश्वास है कि हनुमान आदिवासियों के बीच काफी ज्यादा पूजे जाते हैं। उन्होंने आदिवासियों को इकट्ठा करके एक सेना बनाई थी जिसे खुद भगवान राम ने प्रशिक्षण दिया था।

27 मई 2018

Related Videos

गुजरात की 'बैट वुमेन', 400 चमगादड़ों को बनाया अपना परिवार

जहां एक तरफ केरल से शुरू हुए निपाह वायरस का खौफ पूरे भारत में है। वहीं दूसरी तरफ एक बुजुर्ग महिला ने चमगादड़ों को अपना परिवार बना लिया है। अहमदाबाद से करीब 50 किमी दूर स्थित राजपुर गांव की शांताबेन प्रजापति अपने घर में 400 चमगादड़ों के साथ रहती है।

27 मई 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे कि कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स और सोशल मीडिया साइट्स के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज़ नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज़ हटा सकते हैं और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डेटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy और Privacy Policy के बारे में और पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen