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भारत बंद पर सत्ता पक्ष के हाथ इतने खाली क्यों हैं?

शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 11 Sep 2018 06:33 AM IST
Why the ruling Bharatiya Janata Party's hands of are so empty on bharat bandh issue
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साढे चार साल के मोदी सरकार के कामकाज पर प्रहार करते हुए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सहयोगी दलों के साथ मिलकर भारत बंद का आह्वान किया, लेकिन इस बंद पर सत्ता पक्ष के हाथ इतने खाली क्यों हैं? भारत बंद की हकीकत: विपक्षी एकता पर सवाल नाम से भाजपा ने एक विज्ञप्ति जारी की है। यह विज्ञप्ति ही अपने आप में एक सवाल है।
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पूरे दो पेज की विज्ञप्ति में भाजपा ने ऐसा कोई सवाल नहीं उठाया है, जिसके बल पर भारत बंद जैसे आह्वान को कठघरे में खड़ा किया जा सके? भाजपा की इस विज्ञप्ति में शरद पवार के राहुल गांधी से पहले बोलने, 21 दलों के भारत बंद के समर्थन की बजाय 16 दलों का ही समर्थन होने जैसे बिंदु भर शामिल हैं।

भारत बंद में विश्वास नहीं करते

कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने कहा कांग्रेस पार्टी ने कभी भारत बंद नहीं करवाया और कभी इस पर विश्वास नहीं करती थी, लेकिन इस बार देश में जो हालात बने, हमें करना पड़ा। अशोक गहलोत ने कहा कि मोदी जी ने असत्य बोलकर, झूठे आंकड़े देकर ऐसा माहौल बना दिया था कि जब वह देश के प्रधानमंत्री बनेंगे तो आकाश से तारे तोड़ लाएंगे। अच्छे दिन आएंगे, काला धन आएगा, रोजगार देंगे, पेट्रोल-डीजल के दाम घटेंगे, मंहगाई कम होगी....क्या-क्या नहीं बोलते थे। अशोक गहलोत ने इसके जरिए दलील दी कि क्यों भारत बंद का आह्वान करना पड़ा?
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आप तो विपक्ष की चिंता कर रहे हैं?

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