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Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का यूट्यूब से प्रसारण अस्थायी, खुद का अलग प्लेटफॉर्म बनेगा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 26 Sep 2022 12:55 PM IST
सार

यह बात खुद शीर्ष कोर्ट ने सोमवार को मामले को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कही। प्रधान न्यायाधीश यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने भाजपा के पूर्व विचारक केएन गोविंदाचार्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान कही। 

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social media
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विस्तार

सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के सीधे प्रसारण  (Live-Streaming) के लिए अलग प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। यूट्यूब के माध्यम से हो रहा सीधा प्रसारण अस्थायी व्यवस्था है। 



यह बात खुद शीर्ष कोर्ट ने सोमवार को मामले को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कही। प्रधान न्यायाधीश यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने भाजपा के पूर्व विचारक केएन गोविंदाचार्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान कही। याचिका में कहा गया है कि शीर्ष कोर्ट की कार्यवाही के प्रसारण के लिए यूट्यूब जैसे निजी चैनल के समक्ष सरेंडर नहीं किया जा सकता। वकील विराग गुप्ता ने पीठ से कहा कि यूट्यूब के पास इस प्रसारण के कॉपीराइट है। सुनवाई के दौरान पीठ पर जस्टिस एस. रवींद्र भट और जस्टिस जेबी पारदीवाला भी आसीन थे।


यह शुरुआत है, हमारा खुद का प्लेटफॉर्म होगा: सीजेआई ललित सीजेआई ललित ने कहा, ‘ये शुरुआती चरण हैं। हमारे पास निश्चित रूप से अपना प्लेटफॉर्म होगा। हम उस कॉपीराइट मुद्दे (copyright issue) का ध्यान रखेंगे। इसके साथ ही गोविंदाचार्य की अंतरिम याचिका पर 17 अक्तूबर को आगे सुनवाई तय की। 

2018 के एक फैसले का हवाला देते हुए वकील गुप्ता ने कहा कि यह माना गया था कि इस अदालत में दर्ज और प्रसारित सभी सामग्री पर कॉपीराइट केवल इस अदालत के पास होगा।उन्होंने कॉपीराइट के उपयोग की शर्तों का भी उल्लेख किया और कहा कि यूट्यूब को भी कॉपीराइट प्राप्त है।

संविधान पीठ की सुनवाई का  27 सितंबर से सीधा प्रसारण
बता दें, सीजेआई की अध्यक्षता में हाल ही में शीर्ष कोर्ट की पूर्ण पीठ की बैठक में  27 सितंबर से संविधान पीठ की सुनवाई के सीधे प्रसारण का फैसला किया गया है। 2018 में इससे संबंधित ऐतिहासिक फैसले के करीब चार साल इसकी शुरुआत हो रही है। सूत्रों का कहना था कि शीर्ष अदालत यूट्यूब के माध्यम से कार्यवाही का सीधा प्रसारण कर सकती है और बाद में उन्हें अपने सर्वर पर होस्ट कर सकती है। लोग बिना किसी परेशानी के अपने मोबाइल फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर पर शीर्ष अदालत की कार्यवाही देख-सुन सकेंगे। इसके बाद 26 अगस्त को पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने एक वेबकास्ट पोर्टल के माध्यम से तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया था। यह एक औपचारिक कार्यवाही थी क्योंकि उस दिन न्यायमूर्ति रमण के कार्यकाल का अंतिम दिन था। 

कई अहम मामलों की सुनवाई करेगी संविधान पीठ
सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठों को कई अहम मामलों की सुनवाई करनी है। इनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) 10 फीसदी आरक्षण देने वाले 103वें संविधान संशोधन की वैधता और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA)  की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाएं शामिल हैं।

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