ट्विटर का यूटर्न : मोहन भागवत सहित कई नेताओं के अकाउंट पर ब्लू टिक वापस, फॉलोअर बढ़े

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Sat, 05 Jun 2021 05:27 PM IST

सार

भारी विरोध के बाद ट्विटर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के साथ-साथ अरुण कुमार, सुरेश जोशी और कृष्ण गोपाल के अकाउंट पर ब्लू टिक को वापस कर दिया है।
मोहन भागवत के अकाउंट पर ब्लू टिक वापस
मोहन भागवत के अकाउंट पर ब्लू टिक वापस - फोटो : Twitter
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विस्तार

देश में भारी विरोध के बाद ट्विटर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के साथ-साथ अरुण कुमार, सुरेश जोशी और कृष्ण गोपाल के अकाउंट पर ब्लू टिक को वापस करना पड़ा है। बता दें कि इससे पहले शनिवार सुबह ट्विटर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई  नेताओं के निजी ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक हटा दिया था। हालांकि इस फैसले पर बवाल बढ़ने के बाद ट्विटर ने नायडू के ट्विटर हैंडल पर दोबारा ब्लू टिक लगा दिया था।
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फॉलो करने वालों की संख्या बढ़ी
खास बात यह है कि ब्लू टिक हटाने और वापस आने तक हुए इस विवाद के बाद इन हस्तियों को फॉलो करने वाले लोगों की संख्या में इजाफा होता दिखाई दिया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के फॉलोअर्स की संख्या की बात करें तो ब्लू टिक हटाए जाने पर यह 207.9के थे, जबकि ब्लू टिक वापस आने तक यह बढ़ा 214.3के पर पहुंच गई। इस तरह देखें तो भागवत को फॉलो करने वालों की संख्या में करीब छह लाख 40 हजार का इजाफा हुआ। कुछ ऐसा ही वेंकैया नायडू के मामले में भी देखने को मिला। ब्लू टिक हटने पर नायडू के 1.2 मिलियन फॉलोअर थे। वहीं ब्लू टिक वापस आने पर यह संख्या बढ़कर 1.3 मिलियन हो गई।


ट्विटर से ब्लू टिक हटाने का मतलब होता है कि कंपनी ने उस अकाउंट को अनवेरिफाई कर दिया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत आरएसएस के कई नेताओं के ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक को हटा दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि मोहन भागवत ने अपने ट्विटर हैंडल से अभी तक एक भी ट्वीट नहीं किया है, इसलिए उनके हैंडल से ब्लू टिक हटा दिया गया है।

2019 में बनाया ट्विटर अकाउंट, अभी तक एक ट्वीट नहीं
बता दें कि मोहन भागवत ने अपना ट्विटर अकाउंट साल 2019 में बनाया था और अभी तक उनके निजी ट्विटर हैंडल से कोई ट्वीट नहीं किया गया है। मोहन भागवत से पहले आरएसएस नेता सुरेश सोनी, सुरेश जोशी और अरुण कुमार के निजी ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक हटा दिया था। 



नियमों के आधार पर ब्लू टिक हटाता है ट्विटर
दरअसल, ट्विटर के नियमों के मुताबिक, अकाउंट को सक्रिय रखने के लिए हर छह महीने में लॉग इन करना जरूरी है और प्रोफाइल को अपडेट करना जरूरी है। वहीं वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाने के बाद ट्विटर की ओर से यही सफाई दी गई थी कि वेंकैया नायडू के ट्विटर हैंडल को पिछले छह महीने में लॉग इन नहीं किया गया था।

ट्विटर ने नई गाइडलाइंस मानी
बता दें कि  ट्विटर भारत सरकार की सोशल मीडिया कई नई गाइडलाइन मानने को तैयार हो गया है। बीते दिनों ट्विटर ने दिल्ली हाई कोर्ट में बताया कि उसने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 का अनुपालन कर लिया है और 28 मई को ही उसने शिकायत अधिकारी को भी नियुक्त कर दिया है। 

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