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Kolkata Case: 'छात्रा को दी थी वीडियो वायरल करने की धमकी, थाने पर भी रखी थी नजर', मुख्य आरोपी ने बताया सच

Thu, 03 Jul 2025 12:13 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: बशु जैन Updated Thu, 03 Jul 2025 12:13 PM IST
सार

24 साल की लॉ की छात्रा के साथ 25 जून को कोलकाता के कस्बा इलाके के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा ने पुलिस पूछताछ में बड़े खुलासे किए हैं। 

Threatened the student to make video viral, also kept an eye on the police station', main accused told truth
कोलकाता केस का मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा - फोटो : IANS
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विस्तार

    कोलकाता लॉ कॉलेज में विधि छात्रा से दुष्कर्म मामले में मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा ने बड़ा सच उजागर किया है। आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि हमने छात्रा को दुष्कर्म का वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी। हमें लगा कि छात्रा इस डर से पुलिस के पास नहीं जाएगी। इसके बाद मैंने कुछ दोस्तों से कॉलेज के पास बने पुलिस स्टेशन पर नजर रखने के लिए कहा था।


    24 साल की लॉ की छात्रा के साथ 25 जून को कोलकाता के कस्बा इलाके के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा था कि उसने अपने पिता से इस भयावह अपराध के बाद उसे कॉलेज से ले जाने के लिए कहा था। कुछ ही देर बाद मनोजीत और सह-आरोपी प्रमित मुखोपाध्याय और जैब अहमद कैंपस से चले गए। 

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    पुलिस ने बताया कि मनोजीत ने अगले दिन कॉलेज के एक कर्मचारी को फोन करके पूछा कि क्या पुलिस कैंपस में आई है? जब उसे अहसास हुआ कि पुलिस उसके पीछे पड़ी है, तो उसने अपने वकील दोस्तों और कॉलेज के सीनियर्स को फोन करके मदद मांगी, लेकिन किसी ने भी मदद नहीं की। 26 जून की शाम को मोनोजीत और जैब कॉलेज कैंपस से करीब 1.5 किलोमीटर दूर बल्लीगंज रेलवे स्टेशन के पास फर्न रोड पर मिले। पुलिस ने उन्हें ढूंढ निकाला और उसी शाम उन्हें गिरफ्तार कर लिया। प्रमित को उसी रात उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस सूत्रों ने कहा कि मनोजीत ने पुलिस को बताया कि प्रमित और जैब ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म करते हुए वीडियो बनाए और उन्हें यकीन था कि पीड़िता पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराएगी क्योंकि उन्हें डर था कि वह वीडियो को वायरल कर सकता है। पीड़िता कॉलेज में आने के दिन से ही मनोजीत के निशाने पर थी। परिसर में तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा के पूर्व प्रमुख और पूर्व छात्र मोनोजीत ने एक संविदा कर्मचारी के रूप में कॉलेज ज्वाइन किया था। 

    पीड़िता को सबक सिखाना चाहता था मनोजीत
    दूसरे आरोपी जैब और प्रमित ने पुलिस को बताया कि पीड़िता ने पहले मनोजीत के प्रयासों को ठुकरा दिया था और वह उसे सबक सिखाना चाहता था। उसने 25 जून को हमले की योजना बनाने से पहले उसे कॉलेज यूनियन के महासचिव का पद देने की पेशकश की थी। दिलचस्प बात यह है कि यह पद तब दिया गया जब परिसर में कई वर्षों से कोई आधिकारिक छात्र संगठन नहीं था।  जैब और प्रमित ने यह भी बताया कि घटना से दो दिन पहले मनोजीत ने उन्हें बताया था कि पीड़िता परीक्षा फॉर्म जमा करने के लिए कैंपस में आएगी। उन्हें उसे शाम तक वहीं रखने का निर्देश दिया गया था। 

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    मनोजीत की नियुक्ति रद्द, दोनों छात्र भी निष्काषित
    दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने मनोजीत की संविदा नियुक्ति को रद्द करने का निर्णय लिया है। यह भी तय किया गया है कि आरोपी को अंतरिम अवधि के दौरान प्राप्त वेतन वापस करना होगा। मामले में दो अन्य आरोपी जैब अहमद और प्रमित मुखोपाध्याय (लॉ कॉलेज के वर्तमान छात्र) को संस्थान से निष्कासित कर दिया गया है। हालांकि, विपक्षी दलों के नेताओं ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि मनोजीत की नियुक्ति को कैसे मंजूरी दी गई?

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