विज्ञापन
विज्ञापन

तिब्बत के निर्वासित राष्ट्रपति ने पूछा, भारत के अच्छे दिन आ गए, तिब्बत के कब आएंगे?

अमित शर्मा, नई दिल्ली Updated Sun, 22 Sep 2019 06:45 PM IST
तिब्बत की निर्वासित सरकार के राष्ट्रपति लोबसंग सांगे
तिब्बत की निर्वासित सरकार के राष्ट्रपति लोबसंग सांगे - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
तिब्बत की निर्वासित सरकार के राष्ट्रपति लोबसंग सांगे ने उम्मीद व्यक्त की कि भारत तिब्बत को उसका हक वापस दिलाने में उनकी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से भारत के अच्छे दिन वापस आ गए हैं। पूरी दुनिया में भारत की ताकत बढ़ी है, लेकिन अब उन्हें तिब्बत के 'अच्छे दिन' लाने के लिए भी प्रयास करना चाहिए। लोबसंग सांगे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के टेक्सास शहर में 'हाउडी मोदी' (Howdy Modi) कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक मेगा शो को संबोधित करने वाले हैं।

'भारत तिब्बत का गुरु और तिब्बत भारत का अच्छा शिष्य'

रविवार को भारत-तिब्बत सहयोग मंच के एक कार्यक्रम में बोलते हुए लोबसंग सांगे ने कहा कि भारत तिब्बत का गुरु रहा है, और तिब्बत भारत का अच्छा शिष्य रहा है। बौद्ध धर्म देने से लेकर तिब्बतियों की शिक्षा और पालन-पोषण तक का भार भारत ने उठाया है। लेकिन अब समय आ गया है कि भारत को तिब्बत के अच्छे दिन लाने का भी प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल सहित भारत के अनेक नेताओं का यह मानना था कि अगर चीन तिब्बत पर कब्जा कर लेता है तो इससे भारत की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। इससे भारत की सुरक्षा चिंताएं और सुरक्षा पर होने वाला खर्च भी बढ़ जाएगा।

'तिब्बत मुद्दे पर भारत की भूमिका समय के साथ तय होगी'

भारत और चीन के संबंध दोकलम जैसे तनावपूर्ण मामलों के बाद भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। ऐसे में क्या भारत तिब्बत के मुद्दे पर तिब्बती समुदाय के साथ खड़ा होगा और उनकी मांग का समर्थन करेगा? इस सवाल पर भारत-तिब्बत सहयोग मंच के प्रमुख नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि चीन के अंदर की परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। आज हांगकांग जैसे क्षेत्र भी अपनी आजादी की मांग करने लगे हैं, इसलिए चीन को यह समझना चाहिए कि केवल  दबाव डालकर वह लंबे समय तक किसी को अपने साथ नहीं रख सकता। उन्होंने कहा कि तिब्बत के मसले पर भारत की भूमिका समय के साथ तय होगी।

'भारत हर देश के साथ प्रेमपूर्ण संबंध रखने का इच्छुक'

इस सवाल पर कि क्या भगवा दल आज भी चीन निर्मित सामानों का विरोध करने की अपनी पुरानी रणनीति पर कायम हैं? इस सवाल पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत अमेरिका हो या चीन, सबके साथ प्रेमपूर्ण संबंध रखने के साथ आगे बढ़ने का इच्छुक है। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच डोकलाम जैसे मुद्दे कभी अवरोध नहीं पैदा कर पाते हैं। लेकिन वे यह जरूर चाहते हैं कि रोज की इस्तेमाल होने वाली चीजें स्थानीय लोगों के द्वारा बनाई और उपभोग की जाएं क्योंकि इन वस्तुओं के बाहर से आयात होने पर भारत जैसे देशों में बेकारी बढ़ती है जो दोनों देशों के बीच वैमनस्य का कारण बनती है। इंद्रेश कुमार ने कहा कि चीन को बड़ी चीजों के निर्माण में आगे बढ़ना चाहिए और छोटी चीजों को स्थानीय बाजार के ऊपर छोड़ देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

Recommended

OPPO के Big Diwali Big Offers से होगी आपकी दिवाली खूबसूरत और रौशन
Oppo Reno2

OPPO के Big Diwali Big Offers से होगी आपकी दिवाली खूबसूरत और रौशन

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

India News

आज दिनभर इन खबरों पर बनी रहेगी हमारी नजर, जिनका होगा आप पर असर

हर रोज हम अलग-अलग खबरों से दो-चार होते हैं। हमारी आंखों के सामने से कई सारी खबरें गुजरती हैं। इनमें से कुछ ऐसी अहम खबरें होती हैं, जिनका हमारे जीवन पर अहम असर पड़ता है, यहां उन्हीं अहम खबरों की जानकारी मिलेगी।

18 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

जिया खान के जिक्र पर यूं भर आया सूरज पंचोली का गला

सूरज पंचोली की फिल्म सैटेलाइट शंकर का ट्रेलर लॉन्च हो गया है। इस दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान जिया खान के जिक्र पर सूरज पंचोली का गला भर आया।

17 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree