समीर वानखेड़े के पिता आए सामने: नवाब मलिक के रावण की तरह दस-दस मुंह और हाथ, मैं दलित हिंदू हूं तो मेरा बेटा मुस्लिम कैसे?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Wed, 27 Oct 2021 03:00 PM IST

सार

समीर वानखेड़े के पिता ने कहा है कि मेरे दादा-परदादा सभी हिंदू थे। हम एक दलित परिवार से आते हैं। मेरी पत्नी मुस्लिम थी तो मेरा बेटा मुस्लिम कैसे हो सकता है? नवाब मलिक को कुछ भी बोलने से पहले सोचना चाहिए। 
 
समीर वानेखेड़े के पिता ज्ञानदेव सिंह
समीर वानेखेड़े के पिता ज्ञानदेव सिंह - फोटो : ANI
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विस्तार

एनसीपी नेता नवाब मलिक द्वारा एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े पर किए जा रहे हमलों के बीच उनके पिता ज्ञानदेव वानखेड़े सामने आए हैं। उन्होंने मीडिया से कहा है कि मैं पैदाइशी हिंदू हूं। मेरे दादा-परदादा सब दलित हिंदू थे, तो मेरा बेटा मुस्लिम कहां से हो गया? उन्होंने कहा कि नवाब मलिक को कुछ भी बोलने से पहले सोचना चाहिए। 
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अधिकारी समीर के पिता ज्ञानदेव वानखेड़े का यह बयान तब सामने आया है जब बुधवार को नवाब मलिक की ओर से समीर वानखेड़े के 2006 में  हुए निकाह की तस्वीरें जारी की गई थीं। इस दौरान नवाब मलिक ने आरोप लगाया था कि समीर वानखेड़े एक मुस्लिम थे और उन्होंने अपना नाम छुपाकर नौकरी हथियाई है।  




नवाब मलिक रावण की तरह है
ज्ञानदेव वानखेड़े ने कहा कि नवाब मलिक एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। उनके पास पैसों की कमी नहीं है। वह कुछ भी कर सकते हैं। उनसे हमारे परिवार को खतरा है। उन्होंने आगे कहा कि नवाब मलिक रावण की तरह है, उनके दस-दस हाथ और मुंह हैं। वह कुछ भी कर सकता है। 

करूंगा मानहानि का केस 
एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े ने कहा कि अगर नवाब मलिक हमारे निजी जीवन पर हमला करते रहे तो वह मानहानि का केस करेंगे, कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब से उनका दामाद ड्रग मामले में गिरफ्तार हुआ है, तभी से वह ये सब कर रहे हैं। उन्होंने दोबारा कहा कि मैं हिंदू हूं और मेरी पत्नी मुस्लिम थी। 

नवाब मलिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज 
समीर वानखेड़े की पत्नी क्रांति रेडकर ने कहा कि हमारी निजी तस्वीरें जारी कर नवाब मलिक संवैधानिक शपथ के खिलाफ काम कर रहे हैं। हम कानूनी कार्रवाई करेंगे, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। 

कानूनी रूप से कभी नहीं बदला धर्म
नवाब मलिक की ओर से जारी किए गए समीर वानखेड़े के निकाहनामा पर क्रांति रेडकर ने कहा है कि वह निकाहनामा सच है, लेकिन समीर वानखेड़े ने कभी भी कानूनी रूप से अपनी जाति या फिर धर्म को नहीं बदला है। निकाहनामा में उनका नाम मुस्लिम लिखने के पीछे सिर्फ उनकी मां की इच्छा थी। यह एक औपचारिकता थी, जो उन्होंने अपनी मां की खुशी के लिए की थी। 

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