लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

विज्ञापन
Hindi News ›   India News ›   RSS an association of upper castes PM Modi a great dramatist Siddaramaiah

Karnataka: सिद्धारमैया ने RSS पर कसा तंज, बोले- हर घर तिरंगा अभियान नाटक और पीएम मोदी महान नाटककार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 09 Aug 2022 11:26 PM IST
सार

कांग्रेस नेता ने भारत के स्वाधीनता संग्राम में भाजपा और आरएसएस के योगदान पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और संविधान का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि वे देशभक्त कैसे हो सकते हैं?
 

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार - फोटो : ट्विटर/सिद्धारमैया
ख़बर सुनें

विस्तार

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को 'उच्च जातियों का संघ' करार दिया। उन्होंने केंद्र सरकार के 'हर घर तिरंगा' अभियान को एक 'नाटक' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'महान नाटककार' बताया।

 
कांग्रेस नेता ने भारत के स्वाधीनता संग्राम में भाजपा और आरएसएस के योगदान पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और संविधान का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि वे देशभक्त कैसे हो सकते हैं?


सिद्धारमैया ने कहा, मैं शुरू से ही आरएसएस का विरोध करता रहा हूं क्योंकि यह सिर्फ ऊंची जातियों का संघ है, यही कारण है कि वे 'चतुर्वर्ण' व्यवस्था (जाति व्यवस्था) में विश्वास करते हैं। चतुर्वर्ण व्यवस्था उच्च जातियों के वर्चस्व में विश्वास करती है, अगर यह व्यवस्था जारी रहती है तो इससे असमानता होगी जो शोषण का कारण बन सकती है।  

'जाति व्यवस्था में विश्वास करते हैं संघ परिवार के संगठन'
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष नेता सिद्धारमैया ने पार्टी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आरोप लगाया कि आरएसएस, भाजपा, हिंदू महासभा, हिंदू जागरण वेदिक और बजरंग दल जैसे सभी संघ परिवार के संगठन ऐसी जाति व्यवस्था और विचारधारा में विश्वास करते हैं। उन्होंने आगे भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ मनाने का आह्वान किया।
  
'भाजपा-आरएसएस ने किया था तिरंगे का विरोध'
भाजपा के 'हर घर तिरंगा' अभियान को 'नाटक' बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनके (भाजपा) वैचारिक नेताओं वी.डी.सावरकर, एम.एस. गोलवलकर और आरएसएस के मुखपत्र 'ऑर्गनाइजर' ने तिरंगे का विरोध किया था। हमें उन्हें बेनकाब करना चाहिए।

सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि लगभग 52 वर्षों तक महाराष्ट्र के नागपुर में आरएसएस मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया। 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन