Hindi News ›   India News ›   Rahul Gandhi says Jawaharlal Nehru writings are not just history, they are record of India evolving conscience

INC: 'यह भारत की विकसित होती चेतना का प्रमाण', नेहरु के लेखों के डिजिटल आर्काइव के उद्घाटन पर राहुल गांधी

Fri, 21 Nov 2025 01:22 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Fri, 21 Nov 2025 01:22 PM IST
सार

देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निबंध, लेखों, पत्रों, भाषणों और अन्य लेखन कार्यों का डिजिटल आर्काइव लॉन्च किया गया है। इनमें पंडित नेहरू के व्यक्तिगत लेखन अब निशुल्क और आसानी से खोजे जा सकते हैं। 

Rahul Gandhi says Jawaharlal Nehru writings are not just history, they are record of India evolving conscience
राहुल गांधी-जवाहरलाल नेहरू। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

    कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू के लेखन के व्यापक डिजिटल आर्काइव के उद्घाटन की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत की लोकतांत्रिक यात्रा को समझने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति के लिए एक ताकतवर मार्गदर्शक है। राहुल ने जोर देकर कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री के लेखन केवल ऐतिहासिक दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र की विकसित होती अंतरात्मा का प्रमाण हैं। इसमें देश के साहस, दुविधाओं और आकांक्षाओं की झलक मिलती है।


    डिजिटल आर्काइव की अहमियत को लेकर अपने विचार रखते हुए राहुल गांधी ने कहा कि नेहरू के लेखन आधुनिक भारत को आकार देने वाली चुनौतियों और सफलताओं पर गहरी दृष्टि प्रदान करते हैं। उन्होंने लिखा, “नेहरू के लेखन सिर्फ इतिहास नहीं हैं, वे भारत की विकसित होती अंतरात्मा का लेखा-जोखा हैं। हमारी लोकतांत्रिक यात्रा, उसका साहस, उसकी चिंताएं, उसके सपनों को समझने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए उनके शब्द एक शक्तिशाली मार्गदर्शक हैं। मुझे खुशी है कि यह विरासत अब सभी के लिए खुली, खोजने लायक और निशुल्क उपलब्ध है। यह लगातार बढ़ती रहेगी।”

    गौरतलब है कि नेहरू के निबंध, लेखों, पत्रों, भाषणों और अन्य लेखन कार्यों का डिजिटल आर्काइव लॉन्च किया गया है। इनमें पंडित नेहरू के व्यक्तिगत लेखन अब निशुल्क और आसानी से खोजे जा सकते हैं। इससे शोधकर्ताओं, छात्रों और आम लोगों को देश के पहले प्रधानमंत्री के विचारों को समझने का मौका मिलेगा। आर्काइव को समय-समय पर नए दस्तावेजों, लेखों और अन्य सामग्री के जरिए बढ़ाया जाता रहेगा।

    राहुल गांधी ने इस बात पर संतोष जाहिर किया कि नेहरू की वैचारिक और राजनीतिक विरासत अब बिना किसी रोक-टोक के जनता के लिए उपलब्ध है। उन्होंने इस पहल को ऐतिहासिक साक्षरता और लोकतांत्रिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम करार दिया, जो नागरिकों को भारत के निर्माण के आधारभूत विचारों से परिचित कराएगा।
    विज्ञापन

    बता दें कि कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कल घोषणा की थी कि जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड ने एक स्मार्टफोन-हितैषी वेबसाइट nehruarchive.in लॉन्च की है। उन्होंने बताया कि यह डिजिटल आर्काइव ‘सेलेक्टेड वर्क्स ऑफ जवाहरलाल नेहरू’ की 1903 से 1964 तक की 100 प्रकाशित खंडों पर आधारित है।

    रमेश के मुताबिक, “शुरुआत में इसमें 75,000 से अधिक पन्ने और 3,000 से अधिक चित्र शामिल किए गए हैं। यह आर्काइव लगातार बढ़ाया जाता रहेगा। इसमें और ज्यादा चैप्टर, फोटो, ऑडियो और फिल्में जोड़ी जाएंगी। दुनिया भर के आर्काइव्स से नेहरू के पत्र और दस्तावेज हासिल करने के लिए संपर्क किया जा रहा है। पंडित नेहरू की लिखी गई  और उनके जीवनकाल में उन पर आधारित किताबों को भी आर्काइव में शामिल किया जाएगा।
    विज्ञापन

    Followed