हिंदू सीएम की अटकलें खारिज: 55 साल से समुदाय का कोई नेता मुख्यमंत्री नहीं, आजादी के बाद 19 साल में तीन को मिला था पद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sun, 19 Sep 2021 01:18 PM IST

सार

भारत की आजादी के बाद पंजाब में अब तक कुल तीन हिंदू मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पंजाब के पहले मुख्यमंत्री भी हिंदू नेता गोपाल चंद भार्गव थे। हालांकि, 55 साल पहले जब हरियाणा पंजाब से अलग हो गया, तब से लेकर अब तक राज्य में कोई हिंदू सीएम नहीं रहा।
पंजाब के तीन हिंदू सीएम।
पंजाब के तीन हिंदू सीएम। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा राज्य के अगले सीएम हो सकते हैं। बताया गया है कि कांग्रेस विधायकों ने उनके नाम को मंजूरी दे दी है। इसी के साथ पंजाब में 55 साल बाद हिंदू सीएम बनाए जाने की अटकलें भी खारिज हो गई हैं। दरअसल, कैप्टन के इस्तीफा देने के बाद से ही सुनील जाखड़ का नाम सीएम की रेस में सबसे आगे दिख रहा था। उनके अलावा अंबिका सोनी का नाम भी मुख्यमंत्री पद के लिए उछला, लेकिन दोनों को ही इस पद के लिए नहीं चुना गया। इस बीच हम आपको बता रहे हैं कि पंजाब में अब तक कितने हिंदू मुख्यमंत्री रहे और आखिरी बार कितने साल पहले राज्य को कोई हिंदू मुख्यमंत्री मिला था। 
विज्ञापन

आजादी के बाद पंजाब का पहला मुख्यमंत्री हिंदू था

कौन-कौन रहा है पंजाब का हिंदू मुख्यमंत्री?

1. गोपाल चंद भार्गव
पंजाब का पहला मुख्यमंत्री कांग्रेस नेता गोपाल चंद भार्गव को बनाया गया था। आजादी के बाद अगस्त 1947 में उन्होंने पद संभाला और अप्रैल 1949 तक सीएम रहे। इसके बाद अक्टूबर 1949 से जून 1951 तक वे एक बार फिर मुख्यमंत्री पद पर रहे। कांग्रेस ने उन्हें 1964 में जून-जुलाई के बीच एक छोटे समय के लिए भी मुख्यमंत्री पद सौंपा था। गोपाल चंद भार्गव मुख्य तौर पर सिरसा (अब हरियाणा में) से नाता रखते थे। उन्होंने लाहौर के कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। उन्होंने अपने भाई पंडित ठाकुर दास भार्गव के साथ विद्या प्रचारिणी सभा की शुरुआत की थी और भारत की आजादी की लड़ाई का अहम हिस्सा रहे। 

2. भीम सेन सच्चर
पंजाब के दूसरे मुख्यमंत्री भीम सेन सच्चर 
ने कुल 53 महीने मुख्यमंत्री पद संभाला। उन्हें अप्रैल 1949 में गोपाल चंद भार्गव के हटने के बाद अप्रैल से अक्टूबर (7 महीने) तक यह पद मिला था। इसके बाद उन्होंने अप्रैल 1952 से जुलाई 1953 (15 महीने) भी यह पद संभाला। सच्चर आखिरी बार पंजाब में जुलाई 1953 से लेकर जनवरी 1956 (31 महीने) तक मुख्यमंत्री रहे थे। खास बात यह है कि भीमसेन सच्चर पंजाब में चुनाव के बाद पहले चुने गए सीएम थे। उन्हें लुधियाना सिटी साउथ से जीत मिली थी। 

सच्चर को पहली बार जुलाई 1953 में भ्रष्टाचार और पार्टी नेताओं के बीच विवादों के चलते पद से इस्तीफा देना पड़ा था। लेकिन कुछ ही दिनों बाद उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बना दिया गया। पेशावर (अब पाकिस्तान) में जन्मे सच्चर आजादी की लड़ाई के दौरान ही कांग्रेस में शामिल हुए थे। वे बंटवारे के बाद कुछ समय पाकिस्तान में भी रहे, लेकिन बाद में भारत आ गए। 

3. राम किशन
पंजाब के आखिरी हिंदू सीएम रहे राम किशन का कार्यकाल उनसे पहले के बाकी दोनों हिंदू मुख्यमंत्रियों के मुकाबले छोटा रहा। उन्होंने जुलाई 1964 से लेकर जुलाई 1966 तक सीएम का पद संभाला और बाद में राज्य के विभाजन (हरियाणा नया राज्य बना था) के चलते जब पंजाब विधानसभा को भंग किया गया, तो उन्हें भी अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। झांग (अब पाकिस्तान) में जन्मे राम किशन जालंधर में बसे थे। भारत की आजादी की लड़ाई में उन्हें कामरेड की सम्मानित उपाधि दी गई थी। जालंधर के कई बड़े नेता उन्हें जमीन से जुड़ा चेहरा करार देते थे, जो पंजाब की सड़कों पर साइकिल चलाते दिख जाते थे। 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00