दूसरे विश्वयुद्ध के बाद दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कोरोना महामारी : पीएम मोदी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 22 Nov 2020 02:17 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI

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सार

  • जी20 बैठक के दौरान सभी देशों को दिया भारत की आईटी शक्ति के सहयोग का प्रस्ताव, न्यू नार्मल के आधार पर नया वैश्विक सूचकांग बनाने का किया आग्रह

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जी20 बैठक में कोरोना वायरस संक्रमण को दूसरे विश्वयुद्ध के बाद दुनिया के सामने आई सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा, यह महामारी मानवता के इतिहास में एक अहम बदलाव बिंदु है। उन्होंने जी20 समूह के कुशल कामकाज के लिए भारत की आईटी शक्ति के सहयोग का प्रस्ताव दिया।
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पीएम मोदी ने यह भी कहा कि ‘कहीं से भी कामकाज’ कोविड-19 (कोरोना वायरस) के बाद के विश्व में एक न्यू नार्मल है। साथ ही उन्होंने एक वर्चुअल जी20 सचिवालय गठित करने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने कोरोना के बाद की दुनिया के लिए एक नया वैश्विक सूचकांक विकसित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने इस वैश्विक सूचकांक में चार अहम तत्व शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने इन चार तत्वों में विशाल प्रतिभा समूह का निर्माण, समाज के सभी हिस्सों तक तकनीकी पहुंच सुनिश्चित करना, प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और धरती माता के साथ संरक्षण की भावना संजोकर व्यवहार करना शामिल बताया। प्रधानमंत्री ने कहा, इनके आधार पर ही जी20 नए विश्व की नींव रख सकता है। उन्होंने आगे कहा, हमारी प्रक्रिया में पारदर्शिता हमारे समाज को संकट से मिलकर और विश्वास के साथ लड़ने के लिए प्रेरित करने में मदद देगी। पृथ्वी ग्रह के प्रति संरक्षण की भावना हमें एक स्वस्थ व समग्र जीवनशैली के लिए प्रेरित करेगी।
शिखर सम्मेलन में हिस्सेदारी के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा, जी20 के नेताओं के साथ चर्चा बेहद उपयोगी रही। विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के संयुक्त प्रयास निश्चित तौर पर इस महामारी से त्वरित रिकवरी की तरफ ले जाएंगे। इस वर्चुअल सम्मेलन की मेजबानी के लिए धन्यवाद सऊदी अरब। 
इससे पहले सऊदी अरब के किंग सलमान ने जी20 शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस बार कोरोना वायरस महामारी के कारण सभी देशों के नेता इस सम्मेलीन में वर्चुअल तरीके से शिरकत कर रहे हैं। भारत को 2022 में जी20 सम्मेलन की मेजबानी करनी है। 

समन्वित प्रयासों से महामारी से जल्द उबरने में मदद मिलेगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जी-20 शिखर सम्मेलन में सार्थक चर्चा हुई। विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के समन्वित प्रयासों से महामारी से जल्द उबरने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि हमने समूह-20 के कुशल कामकाज के लिए डिजिटल सुविधाओं को और विकसित करने की खातिर आईटी के क्षेत्र में भारत की विशषेज्ञता की पेशकश की।

कोरोना महामारी मानवता के इतिहास में बदलाव का अहम बिंदू: पीएम मोदी
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 में कोरोना महामारी को मानवता के इतिहास में बदलाव का अहम बिंदू करार देते हुए इसे द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद दुनिया के सामने आई सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि ग्रह पृथ्वी के प्रति संरक्षण की भावना हमें स्वस्थ व समग्र जीवनशैली के लिए प्रेरित करेगी।
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चुनौती के खिलाफ इस सम्मेलन में हम एकजुट हों- सलमान बिन अब्दुलअजीज

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