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कई राज्यों के बदले राज्यपाल, आनंदीबेन यूपी तो लालजी टंडन बने एमपी के राज्यपाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 20 Jul 2019 01:23 PM IST
आनंदीबेन पटेल-लालजी टंडन (फाइल फोटो)
आनंदीबेन पटेल-लालजी टंडन (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कई राज्यों के राज्यपाल बदल दिए हैं। मध्यप्रदेश की राज्यपाल रहीं आनंदी बेन पटेल को उत्तर प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। राज्य में पहले राम नाईक राज्यपाल का कार्यभार संभाल रहे थे। वहीं लालजी टंडन को मध्यप्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह बिहार के राज्यपाल के तौर पर कार्य कर रहे थे।
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जगदीप धनकड़ को पश्चिम बंगाल और रमेश बैस को त्रिपुरा का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं फागु चौहान को बिहार का और आरएन रवि को नगालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। यह नियुक्तियां उन तारीखों से प्रभावी होंगी जब यह सभी अपने संबंधित कार्यालयों में जाकर पदभार ग्रहण करेंगे।

इससे पहले 15 जुलाई को राष्ट्रपति ने हिमाचल प्रदेश और गुरजात के नए राज्यपालों की नियुक्ति की थी। राष्ट्रपति ने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को गुजरात का राज्यपाल नियुक्त किया था। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल का पदभार दिया था।
 
गवर्नर राज्य
आनंदीबेन पटेल उत्तर प्रदेश
लालजी टंडन मध्यप्रदेश
फागु चौहान बिहार
जगदीप धनखड़ पश्चिम बंगाल
रमेश बैस त्रिपुरा
आरएन रवि नागालैंड

लखनऊ से सांसद रह चुके हैं लालजी टंडन

12 अप्रैल 1935 को जन्में लालजी टंडन भाजपा के वरिष्ठ राजनेता हैं। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के 2009 में राजनीति से संन्यास लेने के बाद वो लखनऊ से 2009 में लोकसभा सांसद चुने गए थे। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहने वाले टंडन प्रदेश की भाजपा सरकारों में मंत्री भी रह चुके हैं।

लालजी टंडन का राजनीतिक सफर साल 1960 में शुरू हुआ। मायावती और कल्याण सिंह की कैबिनेट में वह नगर विकास मंत्री रहे। कुछ वर्षों तक वह नेता प्रतिपक्ष भी रहे। टंडन ने जेपी आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

2018 में मध्यप्रदेश की राज्यपाल बनीं थीं आनंदीबेन

21 जनवरी 1941 को जन्मीं आनंदीबेन पटेल ने जनवरी 2018 में मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। वे राज्य की दूसरी महिला राज्यपाल थीं। इसके पहले सरला ग्रेवाल मार्च 1989 से फरवरी 1990 तक प्रदेश की राज्यपाल रही थीं। आनंदी 1988 में भाजपा में शामिल हुई। 1995 में शंकर सिंह वाघेला ने जब पार्टी से बगावत की थी, तो उस कठिन दौर में उन्होंने नरेंद्र मोदी के साथ काम किया।

1998 में गुजरात कैबिनेट में आने के बाद से उन्होंने शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण जैसे मंत्रालयों का जिम्मा संभाला। मई 2014 से अगस्त 2016 तक वे गुजरात की मुख्यमंत्री रहीं। गुजरात विधानसभा चुनाव में न लड़ने के फैसले के बाद पिछले साल जनवरी में उन्हें मध्यप्रदेश का राज्यपाल बनाया गया था।
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