साल के अंत तक राज्यों के साथ लोकसभा चुनाव होने के आसार

शशिधर पाठक, नई दिल्ली Updated Tue, 06 Feb 2018 10:46 PM IST
Possibility of Lok Sabha and Rajya Sabha elections to be held simultaneouly till the end of the year
केन्द्र सरकार चुनाव के रंग में आने का संकेत देने लगी है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में एक देश, एक चुनाव का जिक्र किया था। राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इसे सरकार के देश में सुधारात्मक कदम के साथ जोड़ा है। '
उन्होंने इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को साथ आने की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले ही देश में एक साथ चुनाव कराने की चर्चा छेड़ चुके हैं। माना यह जा रहा है चुनाव में होने वाले भारी भरकम खर्च को देश की आम जनता भी समझती है। इसलिए एक कर, एक देश की तर्ज पर भाजपा एक देश, एक चुनाव की थीम को जन-जन तक पहुंचाना चाहती है। 

सरकार की इस गंभीरता को देखते हुए राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने भी साल 2018 के अंत में राज्यों के साथ लोकसभा चुनाव होने का संकेत दे दिया। कांग्रेस पार्टी और विपक्ष के कई नेता इसे गंभीरता से लेने लगे हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम को भी इसकी पूरी संभावना दिखाई दे रही है। राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे समेत अन्य इसे देश में लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत बनाने, राज्यों के बार-बार विधानसभा और लोकसभा चुनाव से होने वाले भारी भरकम खर्च से मुक्ति दिलाने की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि केन्द्र सरकार एक देश और एक चुनाव की चर्चा छेड़ने के साथ पूरी तरह से चुनाव के मूड में आ गई है।

अमित शाह ने क्या कहा 

भाजपा अध्यक्ष ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में और प्रधानमंत्री ने चर्चा की है कि इस देश में बार-बार चुनाव होने से विकास में बाधा आती है।

इसलिए चुनाव एक साथ होने चाहिए। अगर पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक चुनाव एक साथ होते हैं तो इससे चुनाव के खर्च में भारी बचत होगी और बार-बार चुनाव के कारण आचार संहिता लगने से विकास कार्य में आने वाली बाधा दूर हो सकेगी।

शाह ने कहा है कि उनका सभी लोगों से अनुरोध है कि हम एक साथ चुनाव पर अच्छी बहस छेड़े। सभी दल इसमें हिस्सा लें और हम एक साथ चुनाव के लिए आगे आएं। इस थीम को भाजपा अध्यक्ष प्रधानमंत्री के न्यू इंडिया के सपने के साथ भी जोड़ा।

बात भाजपा के फायदे की नहीं है

शाह ने कहा कि एक साथ चुनाव में कुछ लोगों को लग सकता है कि देश में एक साथ चुनाव होने से भाजपा को फायदा होगा। उन्होंने इस पर विचार करने की अपील करते हुए कहा कि बात फायदे की नहीं है।

क्योंकि कोई भी तत्कालीन स्थिति हमेशा के लिए नहीं रहती। आज भाजपा का फायदा होगा, कल किसी और का होगा। इसलिए सभी राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर साथ आएं। 

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