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Kolkata: दुर्गा पूजा पंडाल में महात्मा गांधी की मूर्ति को लेकर विवाद, राजनीतिक दलों ने की निंदा

पीटीआई, कोलकाता। Published by: देव कश्यप Updated Mon, 03 Oct 2022 12:37 AM IST
सार

तृणमूल कांग्रेस और भाजपा जैसे राजनीतिक दलों ने महात्मा गांधी के महिषासुर के रूप में कथित चित्रण की निंदा की है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि अगर यह वास्तव में किया गया था, तो यह बेअदबी के अलावा और कुछ नहीं था।

दुर्गा पूजा (सांकेतिक तस्वीर)।
दुर्गा पूजा (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की धूम है। राजधानी कोलकाता में जगह-जगह दुर्गा पूजा पंडाल बनाये गये हैं, लेकिन दक्षिण-पूर्व कोलकाता में एक जगह बनाई गई मां दुर्गा की प्रतिमा ने रविवार को राष्ट्रपिता की जयंती पर विवाद पैदा कर दिया। यहां मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ महिषासुर के रूप में महात्मा गांधी को दिखाया गया। दुर्गा प्रतिमा की कथित तस्वीर को एक पत्रकार ने ट्वीट किया था, लेकिन बाद में उन्होंने इस पोस्ट को हटा दिया। पत्रकार ने कहा कि पुलिस ने उन्हें पोस्ट हटाने के लिए लिए कहा क्योंकि इससे त्योहार के दौरान तनाव पैदा हो सकता है।



पीटीआई स्वतंत्र रूप से ट्विटर पर साझा की गई उस तस्वीर की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है। यह दावा किया गया है कि विवादित दुर्गा की प्रतिमा दक्षिण-पूर्व कोलकाता के एक पंडाल की है। 


ऑल्ट न्यूज के वरिष्ठ संपादक इंद्रदीप भट्टाचार्य ने अपनी नवीनतम पोस्ट में कहा कि "@कोलकाता पुलिस साइबर सेल @DCCyberKP ने मुझसे कोलकाता में एक विशेष पूजा पंडाल की तस्वीर से संबंधित मेरे ट्वीट को हटाने का अनुरोध किया है क्योंकि उन्हें लगता है कि यह त्योहार के बीच तनाव पैदा कर सकता है। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मैं उनके अनुरोध का पालन करता हूं।" 

उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें सूचित किया कि मामले की जांच की जा रही है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा जैसे राजनीतिक दलों ने गांधी के महिषासुर के रूप में कथित चित्रण की निंदा की। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि अगर यह वास्तव में किया गया था, तो यह बेअदबी के अलावा और कुछ नहीं था।

घोष ने कहा कि "यह राष्ट्रपिता का अपमान है। यह देश के प्रत्येक नागरिक का अपमान है। इस तरह के अपमान के बारे में भाजपा क्या कहेगी? हम जानते हैं कि गांधीजी का हत्यारा किस वैचारिक खेमे से था।" हालांकि पश्चिम बंगाल भाजपा ने भी इस तरह के प्रतिरूप की निंदा की है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने संवाददाताओं से कहा कि "अगर ऐसा कदम उठाया गया है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हम इसकी निंदा करते हैं। यह असभ्य और अपमानजनक है।"
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गौरतलब है कि हर साल कई पूजा आयोजक एक थीम चुनते हैं। इसमें मुख्य रूप से सामाजिक मुद्दे होते हैं और इसे प्रदर्शित करने के लिए पंडालों, मूर्तियों और प्रकाश व्यवस्था का उपयोग करते हैं। और एक समय ऐसा हो सकता है कि पारंपरिक महिषासुर की जगह किसी और चीज ने ले ली हो, जो सामाजिक बुराई का प्रतिनिधित्व करती है।

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