पीएम मोदी का जन्मदिन: उन्हें पसंद नहीं फूल- उपहार, अबकी बार क्यों समारोह इतना शानदार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Thu, 16 Sep 2021 08:04 PM IST

सार

पीएम नरेंद्र मोदी कल 71 साल के हो जाएंगे। उनकी जीवन यात्रा को अनंत संभावनाओं से भरा हुआ माना गया है। देश-विदेश में अपनी बढ़ती लोकप्रियता से पीएम मोदी  दुनिया के प्रभावशाली नेताओं की सूची में शामिल  हैं। 
पीएम मोदी (फाइल फोटो)
पीएम मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कल 71वां जन्मदिन है। 1990 में आडवाणी की अयोध्या रथ यात्रा के संचालन में मदद करने के बाद पार्टी के भीतर मोदी का कद बढ़ता गया। उसके बाद यह सफर रूका नहीं। अपने प्रिय नेता और पार्टी के मुख्य चेहरे प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी का जन्मदिन भारतीय जनता पार्टी कल खास उत्साह से मना रही है। पार्टी तीन सप्ताह तक विभिन्न कार्यक्रमों के तहत पूरे देश में सार्वजनिक जीवन में उनके 20 साल पूरे होने का भी उत्सव मनाएगी। समारोहों का सिलसिला लंबा चलेगा। ये कार्यक्रम कल से शुरू होकर सात अक्तूबर तक चलेंगे।
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राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि पार्टी इन कार्यक्रमों का आयोजन ऐसे वक्त में कर रही है  जब कोविड की दूसरी लहर में सरकारी इंतजामों, ऑक्सीजन की कमी से मौत आदि पर नरेंद्र मोदी सरकार की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई और हाल ही में एक सर्वे से संकेत मिले हैं कि नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता कम हुई है तो संभावित वजह यह हो सकती है  समारोहों के जरिए देश में एक सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की जाएगी। विश्लेषक कहते हैं लोग कोरोना की मार से उबरे तो महंगाई ने घेर लिया, किसान आंदोलन तेवर बनाए हुए है, उत्तर प्रदेश में चुनाव करीब है ऐसे मौके पर भाजपा चाहती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर चर्चा में आ जाएं। इस लिए इतने बड़े पैमाने पर इस तरह के कार्यक्रम हो रहे हैं।


ताकि मोदी-मोदी हो जाए
गुजरात की राजनीति की नब्ज समझने वाले और मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी को लंबे समय तक कवर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार डॉ धीमंत पुरोहित इस तरह पीएम का जन्मदिन मनाने पर हैरानी जता रहे हैं। वे कहते हैं किसी नेता से नरेंद्र मोदी की तुलना नही की जा सकती। पहले के मुख्यमंत्री से लेकर अब तक सभी प्रधानमंत्री से वे अलग हैं। प्रधानमंत्री रहते हुए सात साल में कभी उनके जन्मदिन का कार्यक्रम इस तरह नहीं मनाया गया जैसा कि इस बार मनाया जा रहा है। मोदी को जानने के लिए भी कभी उन्हें शुभकामनाएं नहीं देते थे, क्योंकि संघ इसे पसंद नहीं करता है। यह संघ की संस्कृति में नहीं है।

पुरोहित याद करते हैं कि गुजरात में मोदी 14 साल मुख्यमंत्री के तौर पर रहे। इस तरह का समारोह कभी नहीं हुआ। कोई फूल और उपहार की बात तो भूल जाइए। उनका जन्मदिन सामान्य दिन हुआ करता था। हां, 2012 की बात है उन्होंने अपने जन्मदिन पर गुजरात में शुद्धि के लिए सद्भावना उपवास किया था। यह वही समय था जब भाजपा धीरे-धीरे उन्हें भावी प्रधानमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट कर रही थी। इस उपवास को लेकर मोदी की बहुत चर्चा हुई थी। लेकिन जहां तक जन्मदिन पर समारोह करने का सवाल है, वे इसे कभी नहीं पसंद करते हैं।

ऐसा लग रहा है कि इस बार मोदी की इसमें रजामंदी है। मुझे इस बात पर हैरानी है कि ऐसा क्यों हो रहा है। ऐसा लगता है कि कोरोना के बाद नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में जो कमी आई है, उस निराशा को दूर करने के लिए यह जन्मदिन मनाया जा रहा है। ताकि देश में मोदी-मोदी हो जाए।

 

उत्साह के साथ मनाया पीएम मोदी का जन्मदिन
उत्साह के साथ मनाया पीएम मोदी का जन्मदिन - फोटो : अमर उजाला
पीएम की लोकप्रियता में कमी नहीं
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रहे गोविंदाचार्य इस तर्क को सही नहीं मानते। उनका कहना है प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है।  बल्कि वे कहते हैं कि पहल, साहस और निर्णय लेने की क्षमता की वजह से दुनिया भर में उनकी लोकप्रियता है। टाइम मैगजीन ने उन्हें सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया है। उनके विरोधी भी मानते हैं कि वे प्रभावशाली प्रधानमंत्री हैं। 

गोविंदाचार्य का कहना है, अटल जी का भी 25 दिसंबर को जन्मदिन बहुत धूमधाम से मनाया जाता रहा। कुछ लोग जन्मदिन मनाते हैं, कुछ लोग नहीं मनाते हैं। ज्यों-ज्यों संस्था की प्रोफाइल बढ़ रही है मीडिया का ध्यान इस ओर आ रहा है और बड़े नेताओं के जन्मदिन पर लोग उन्हें शुभकामनाएं और बधाई देते हैं। यदि भाजपा प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर बड़ा समारोह कर रही है तो इसे नकारात्मक बातों से जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए।

समस्याओं को देखने का दृष्टिकोण अलग 
संघ को करीब से समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार अच्युतानंद मिश्र का मानना है जो लोग सार्वजनिक जीवन में हैं, बड़े पदों पर है, उनका जन्मदिन मनाने की अनुयायियों में एक परंपरा होती है। प्रधानमंत्री के रूप में वे कई सालों से हैं। मोदी नहीं चाहते होंगे कि उनका जन्मदिन इस तरह बड़े स्तर पर मनाया जाए लेकिन  उनके सहयोगी चाहते होंगे। निश्चित तौर पर उनका जन्मदिन उनके अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि वे लोकप्रिय प्रधानमंत्री है।

मिश्र कहते हैं समस्याओं की ओर देखने का अलग दृष्टिकोण होता है। सकारात्मक ढंग से समस्या को देखने और उसका हल निकालना उनकी दृष्टि है। जिसमें सार्वजनिक हित और मानवाधिकार उनके निर्णयों में शामिल रहता है। इसका ध्यान अटल बिहारी वाजपेयी भी रखते थे, लेकिन अटल जी के पास बहुमत नहीं था इसलिए निर्णय लेने में उन्हें संकोच होता था लेकिन मोदी के पास बहुमत है इसलिए वे कठिन फैसले लेते हैं।

आम दिनों की तरह होगी पीएम दिनचर्या
बहरहाल प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर गुरुवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि को यानी रात 12 बजे नमो ऐप पर एक वर्चुअल एक्जीबिशन चलाया जाएगा। यह एक्जीबिशन प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित होगी। ऐसी जानकारी है कि बेशक पार्टी और कार्यकर्ता उनका जन्मदिन धूमधाम से मनाएंगे, प्रधानमंत्री अपने 71वें जन्मदिन पर आम दिनों की तरह व्यस्त दिनचर्या का पालन करेंगे और बिना किसी समारोह के इस दिन को आम दिन की तरह बिताएंगे। 
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