विज्ञापन
विज्ञापन

राज्यसभा में एसपीजी बिल पास, अमित शाह ने गिन-गिनकर दिए आरोपों के जवाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 03 Dec 2019 04:50 PM IST
राज्यसभा में अमित शाह
राज्यसभा में अमित शाह - फोटो : PTI
ख़बर सुनें
लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी मंगलवार को एसपीजी संशोधन बिल 2019 पारित हो गया। हालांकि इस दौरान कांग्रेस के सदस्यों ने वॉकआउट किया। राज्यसभा में बिल पर बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस बिल का गांधी परिवार से कोई लेना देना नहीं है। न ही इसे राजनीतिक रंजिश की मंशा के साथ लाया गया है। 
विज्ञापन
 

अमित शाह ने कहा कि यह सच नहीं है कि गांधी परिवार को ध्यान में रखते हुए हम एसपीजी बिल लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि बिल लाने से पहले ही खतरे की समीक्षा करने के बाद गांधी परिवार की सुरक्षा हटाई गई थी। उन्होंने कहा कि कोई राजनीति हित नहीं और न ही किसी सुरक्षा में चूक होने देंगे। गांधी परिवार के साथ 130 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा का जिम्मा भाजपा के पास है।



एसपीजी एक्ट में पांचवां संशोधन 

गृह मंत्री ने कहा कि एसपीजी एक्ट में यह पांचवां संशोधन है। यह संशोधन गांधी परिवार को ध्यान में रखकर नहीं किया गया है। मैं भरोसे के साथ कह सकता हूं कि पिछले चार संशोधनों को ध्यान में रखकर ऐसा किया गया है न कि किसी एक परिवार को ध्यान में रखकर। 

हम परिवार के नहीं परिवारवाद के खिलाफ: 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा को प्रतिष्ठा का सवाल नहीं बनाना चाहिए। आखिर सिर्फ एसपीजी की मांग ही क्यों? एसपीजी कवर सिर्फ देश के मुखिया के लिए है, हम हर किसी को यह सुरक्षा नहीं दे सकते। हम किसी एक परिवार के खिलाफ नहीं बल्कि परिवारवाद की राजनीति के खिलाफ हैं। 
 

वाम दल को राजनीतिक द्वेष पर बोलने का हक नहीं 

अमित शाह ने बिल पर बहस के दौरान वाम दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीपीआई (एम) को तो हक ही नहीं है ये कहने का कि राजनीतिक द्वेष से सरकार चल रही है। आपने इसी द्वेष से केरल में भाजपा के 120 कार्यकर्ता मार दिए। अमित शाह के बयान पर वाम दल के सदस्यों ने विरोध जताया। 

गांधी परिवार की सुरक्षा में एसपीजी के ही पूर्व जवान

केंद्रीय गृृह मंत्री ने कहा कि गांधी परिवार की सुरक्षा में वही जवान तैनात हैं, जो कभी एसपीजी में रह चुके हैं। उन्होंने कहा, 'एसपीजी में बीएसएफ के 33 प्रतिशत, सीआरपीएफ से 33 से 34 प्रतिशत, सीआईएसएफ से 17 प्रतिशत, आईटीबीपी से 9 प्रतिशत और अन्य राज्यों की पुलिस से 1 प्रतिशत जवान हैं। पांच साल बाद इन्हें इनके संगठन में वापस भेज दिया जाता है।' उन्होंने बताया कि गांधी परिवार के तीनों सदस्यों की सुरक्षा में वहीं लोग लगाए गए हैं जो कभी एसपीजी में रह चुके हैं। अमित शाह ने कहा कि गांधी परिवार को वही सुरक्षा मिली हुई है, जो रक्षा मंत्री, गृृह मंत्री और राष्ट्रपति के पास है। 








 
विज्ञापन

Recommended

सब कुशल मंगल के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में गूंजे दर्शकों के ठहाके
सब कुशल मंगल

सब कुशल मंगल के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में गूंजे दर्शकों के ठहाके

ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
Astrology Services

ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

India News

आंध्र प्रदेश : तिरुपति में दो मंजिला इमारत गिरी, कोई हताहत नहीं

तिरुपति में शनिवार शाम एक दो मंजिला इमारत गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के समय इमारत के अंदर कोई मौजूद नहीं था।

8 दिसंबर 2019

विज्ञापन

उन्नाव केस | उन्नाव पीड़िता के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और घर देगी योगी सरकार

उन्नाव मामले में पीड़िता की मौत के बाद देशभर में गुस्से का माहौल है। वहीं अब योगी सरकार ने परिवार को मुआवजे का ऐलान किया है।

7 दिसंबर 2019

Related

आज का मुद्दा
View more polls
Niine

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election