विज्ञापन

खाने में सिंथेटिक पौष्टिक तत्व मिलाने के खिलाफ स्वदेशी जागरण मंच, कहा- एफएसएसएआई कर रहा गुमराह

हरेन्द्र, नई दिल्ली Updated Tue, 21 Aug 2018 01:41 AM IST
1
1
विज्ञापन
ख़बर सुनें
देश के लोगों में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के एफएसएसएआई के कैंपेन पर आरएसएस के संगठऩ ने सवाल उठा दिए हैं। स्वदेशी जागरण मंच का कहना है कि प्राधिकरण खाद्य पदार्थों में पौष्टिक तत्व मिलाने के नाम पर जनता को गुमराह कर रहा है। स्वदेशी जागरण मंच ने इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है। एफएसएसएआई ने हाल ही में फूड फोर्टिफिकेशन यानी पौष्टिक तत्व मिलाने को लेकर गजट जारी किया है।
विज्ञापन
फूड चेन प्रभावित करने की कोशिश

स्वदेशी जागरण मंच ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए जनता के हितों और देश की अर्थव्यवस्था के साथ समझौता करने का आरोप लगाया। स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक अश्वनी महाजन ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने पौष्टिक तत्व मिलाने को लेकर हाल ही में नोटिफिकेशन जारी किया है जिसमें बताया गया है कि लोगों को कुपोषण से उबारने के लिए कई खाद्य वस्तुओं जैसे दूध, नमक, आटा और तेल में विटामिन ए, विटामिन डी, आयोडीन और आयरन मिलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एफएसएसएआई फूड फोर्टिफिकेशन के नाम पर देश की फूड चेन को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

सिंथेटिक विटामिन सेहत के लिए जहर

महाजन के मुताबिक मेडिकल शोध पत्रों के मुताबिक खाद्य पदार्थों में आयातित सिंथेटिक विटामिनों से जनता की सेहत को फायदा पहुंचने की बजाय नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि सिंथेटिक विटामिन सेहत के लिए जहर है। महाजन का कहना है कि एफएसएसएआई के फूड फोर्टिफिकेशन पर सरकारी गजट लाकर पूरे देश की जनता को कुपोषित बना दिया है। देश का सुप्रीम कोर्ट और संसद मिलकर अभी तक कंपनियों की मिलावटखोरी पर लगाम नहीं कस पा रहे हैं और अब मिलावटी खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाने की तैयारी हो रही है। उन्होंने सवाल पूछा कि क्या पौष्टिक तत्व मिलाने से देश में भोजन की समस्या हल हो जाएगी।

सीबीआई जांच की मांग

महाजन ने फोर्टिफिकेशन की प्रक्रिया में शामिल कंपनियों और अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि एफएसएसएआई की पार्टनर लिस्ट में शामिल सभी एनजीओ को विदेश से चंदा मिलता है और इनके प्रमोटरों का विटामिन कंपनियों में शेयर होल्डिंग है, जिनके खिलाफ जांच  जरूरी है। महाजन का कहना है कि विटामिन कारटेल ने एफएसएसएआई के जरिए भारतीय बाजार में अपनी पैठ बना ली है। कारटेल को लेकर हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गंभीर टिप्पणी करते हुए इस पर नकेल कसने को कहा था। वहीं थाइलैंड सरकार ने कारटेल के फूड फोर्टिफिकेशन के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। स्वदेशी जागरण मंच की मांग है एफएसएसएआई पारदर्शिता बरतते हुए अपनी पार्टनर लिस्ट में एम्स जैसे संस्थानों को भी शामिल करे।   
विज्ञापन
आगे पढ़ें

बंद हो जांएगे एमएसएमई

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

India News

राफेल सौदे पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति का बयान, भारत सरकार ने सुझाया था रिलायंस का नाम

'राफेल विमानों के सौदे को लेकर भारत सरकार की ओर से अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस का नाम सुझाया गया था।'

21 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

‘सर्जिकल स्ट्राइक’ पर राजनीति इन खबरों पर रहेगी नजर

‘सर्जिकल स्ट्राइक डे’ मनाने पर राजनीति शुरू, थम नहीं रहा राफेल डील विवाद और मुश्किल में शिवराज सिंह चौहान समेत इन बड़ी खबरों पर रहेगी नजर।

21 सितंबर 2018

Related

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree