ओमिक्रॉन : हर घर दस्तक देने में लापरवाही, टीका बेअसर होने के सुबूत नहीं, लेकिन अभी भी हम एक बात से अनजान

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 04 Dec 2021 05:44 AM IST

सार

ऑमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच देश के कुछ हिस्सों में कोरोना के क्लस्टर जोन बन रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा कि, इसे देखते हुए कार्रवाई की जरूरत है।
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार

केंद्र सरकार ने कहा है कि अब तक ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया जो साबित करे कि कोविड-19 के मौजूदा टीके ओमिक्रॉन पर प्रभावशाली नहीं हैं। हालांकि कुछ म्यूटेशन में टीके का प्रभाव कम रहने का संशय है। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि देश में टीकाकरण को पहले जैसी रफ्तार नहीं मिल पा रही। सरकार ने हर घर दस्तक अभियान भी शुरू किया, लेकिन 24 दिन तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, निरीक्षण, दिशा-निर्देश और कई बैठकें होने के बाद भी केवल 11 फीसदी लोगों को दूसरी खुराक देने में कामयाबी हासिल हुई है। 
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इसी के चलते अब सरकार को हर घर दस्तक अभियान एक महीने और आगे बढ़ाते हुए 31 दिसंबर तक करना पड़ा है। देश में करीब 12 करोड़ से अधिक लोग अभी दूसरी खुराक से वंचित हैं। इनका दूसरी खुराक लेने का समय भी पूरा हो चुका है। वहीं 16 फीसदी से अधिक आबादी ने अब तक एक भी खुराक नहीं ली है। इन्हीं मिसिंग लोगों की खोज और टीकाकरण के लिए केंद्र सरकार ने पिछले महीने तीन से 27 नवंबर तक हर घर दस्तक अभियान शुरू किया था।


टीकाकरण को बढ़ाना चाहिए आगे... 
स्वास्थ्य मंत्रालय के टीकाकरण शाखा से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि देश में अभी भी दूसरी खुराक का टीकाकरण केवल 49 फीसदी ही दर्ज किया है। ओमिक्रॉन को लेकर कहा जा रहा है कि टीकाकरण के जरिए इसे कमजोर किया जा सकता है। इसलिए कई देशों में बूस्टर खुराक तक दी जा रही है। जबकि हमारे देश में अभी भी एक बड़ी संख्या टीका लेने से बची हुई है। इसलिए लोगों को समय रहते टीकाकरण के लिए आगे आना चाहिए।

महा अभियान महीने भर आगे बढ़ाया, फायदा हुआ- पहली खुराक का टीकाकरण 5.9% बढ़ा
  • अभियान के दौरान पहली खुराक का टीकाकरण 5.9 और दूसरी खुराक का टीकाकरण 11.7 फीसदी बढ़ा है।
  • हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और अंडमान निकोबार में दूसरी खुराक का टीकाकरण 18 फीसदी से भी अधिक दर्ज हुआ। ऐसे 10 राज्य ही हैं जहां राष्ट्रीय औसत 11.7 फीसदी से अधिक टीकाकरण बढ़ा है।
  • पहली खुराक के लिए छह राज्यों में ही नए लोगों की खोज हुई है। अकेले यूपी में 8.7 फीसदी नए लोगों को वैक्सीन मिला है।
एक ही दिन में नौ हजार पार हुए संक्रमित
ओमिक्रॉन की दस्तक के दूसरे ही दिन कोरोना संक्रमण के नए मामले बढ़ गए हैं। पिछले एक दिन में  9,216 नए संक्रमित सामने आए हैं। जबकि, लगातार दूसरे दिन चार फीसदी से अधिक मरीजों की मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि एक दिन में 391 मरीजों की मौत हुई है। मृत्युदर 4.24 फीसदी है। इस दौरान 8612 मरीजों को स्वस्थ घोषित किया गया। लंबे समय बाद देश में सक्रिय मामलों में बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल 99,976 मरीज उपचाराधीन हैं। सिक्किम में शुक्रवार को 76 लोगों में संक्रमित मिले। इनमें से 65 दक्षिण सिक्किम जिले की नामची सेंट्रल जेल के हैं।

देश के कुछ हिस्सों में बन रहे क्लस्टर जोन
ऑमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच देश के कुछ हिस्सों में कोरोना के क्लस्टर जोन बन रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा कि, इसे देखते हुए कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी से लेकर जीनोम सीक्वेंसिंग तक आठ बिंदुओं को लेकर हर जिले में कोरोना के खिलाफ लड़ाई तेज करने की अपील की है। स्वास्थ्य सचिव ने लिखा, 25 और 28 नवंबर को मंत्रालय की ओर से दो बार ओमिक्रॉन को लेकर निर्देशित किया है। सभी राज्यों को भीड़ पर नियंत्रण करने के लिए तत्काल अपने क्षेत्र में आदेश जारी करने चाहिए।

40 पार व ज्यादा जोखिम वालों को टीके की बूस्टर खुराक की सिफारिश

भारतीय जीनोम वैज्ञानिकों ने 40 पार और वायरस के ज्यादा संपर्क के जोखिम वाले लोगों को कोरोना टीके की बूस्टर खुराक देने की सिफारिश की है। सरकार राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समिति व टीकाकरण कोविड कार्यबल की अंतिम सिफारिश के बाद ही इस पर कोई फैसला करेगी।

कोविड-19 के स्वरूपों की निगरानी के लिए सरकार द्वारा बनाए देशभर के टेस्टिंग लैब के नेटवर्क इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स सीक्वेंसिंग कंसोर्टियम (इन्साकॉग) के साप्ताहिक बुलेटिन में बूस्टर खुराक की अनुशंसा की गई है। इन्साकॉग ने कहा, ओमिक्रॉन से लड़ने के लिए इन समूहों को टीके की बूस्टर डोज पर विचार किया जाना चाहिए। 

लोकसभा में कोरोना पर बहस के दौरान सांसदों द्वारा बूस्टर डोज की मांग उठाने के बाद इन्साकॉग ने यह सिफारिश की है। कंसोर्टियम ने कहा, इस स्वरूप का जल्द पता लगाने के लिए शुरुआत में ही जीनोम सीक्वेंसिंग किया जाना महत्वपूर्ण है। इन्साकॉग ने वायरस प्रभावित इलाकों से आवाजाही की कड़ी निगरानी और जांच बढ़ाने की जरूरत पर भी बल दिया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसरों का कहना है, तकनीकी सलाहकार समिति व टीकाकरण कार्यबल ही  तय करेंगे कि दो खुराक के कितने दिन बाद बूस्टर खुराक दी जा सकती है? क्या एक टीके की दोनों खुराक लेने वाला व्यक्ति बतौर बूस्टर अन्य किसी टीके की खुराक ले सकता है?

महाराष्ट्र में 28 संदिग्ध, आंध्र में 30 लापता

  • महाराष्ट्र :  स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि राज्य में ओमिक्रॉन के संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़कर 28 हो चुकी है।
  • आंध्र प्रदेश : 10 दिनों में विदेशों से 60 यात्री पहुंचे। इनमें 30 विशाखापट्टनम में हैं। बाकी को सरकार ढूंढ रही है।
  • राजस्थान : जयपुर में एक ही परिवार के 9 लोग संक्रमित। चार द. अफ्रीका से लौटे थे। नमूने सीक्वेंसिंग के लिए भेजे हैं।
  • दिल्ली : जोखिम वाले देशों से लौटे चार और यात्री संक्रमित मिले हैं। यहां अब ऐसे मरीजों की संख्या 16 हो गई है।
  • ‘जोखिम’ वाले देशों से भारत आए 16,000 यात्रियों की जांच की गई, जिनमें अभी तक 18 संक्रमित मिले।
30 देशों में ओमिक्रॉन  : स्वास्थ्य सेवाएं कर लें मजबूत : डब्ल्यूएचओ
सिंगापुर, मलयेशिया व दक्षिण कोरिया में भी ओमिक्रॉन के मरीज मिलने के बाद भारत समेत 30 देशों में नए स्वरूप की पुष्टि हुई। 
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वायरस के नए स्वरूप को लेकर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों को खास चेतावनी दी है। डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ताकेशी कसाई ने कहा, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और नागरिकों के टीकाकरण पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।

30 करोड़...जोखिम वाले समूह में
इन्साकॉग के अनुसार, वैक्सीन से बनने वाली एंटीबॉडी का स्तर नए स्वरूप की वजह से कम हो सकता है। ऐसे में जरूरी समूह को चरणबद्ध तरीके से बूस्टर खुराक दे सकते हैं। देश में ऐसी आबादी 30 करोड़ है। इसमें पहले 70 से अधिक और बाद में 40-60 वर्ष आयुवर्ग को शामिल कर सकते हैं।

मांडविया बोले- सिर्फ पंजाब ने मानी ऑक्सीजन की कमी से चार संदिग्ध मौतें

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से लोगों की मौत के विपक्षी दावों पर निशाना साधते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, केंद्र ने राज्यों से आंकड़े मांगे थे। केवल पंजाब सरकार ने माना कि वहां ऐसे चार संदिग्ध मामले आए थे, उनकी भी जांच जारी है।

मांडविया के मुताबिक, केंद्र ने तीन बार राज्यों को पत्र लिखा, उनसे ऑक्सीजन की कमी की वजह से मारे लोगों की संख्या बताने को कहा था। कुल 19 राज्यों ने प्रतिक्रिया दी। फिर भी इस मुद्दे पर राजनीति की जा रही है।

लोकसभा में प्रश्नकाल में कांग्रेस सांसद सुरेश धनोरकर द्वारा मुद्दा उठाने पर मांडविया ने कहा, दूसरी लहर में ऑक्सीजन की उपलब्धता व सुनिश्चितता के केंद्र ने हरसंभव प्रयास किए। मांग तेजी से बढ़ी, तो उत्पादन भी बढ़ाया। कुछ राज्य कोर्ट में ज्यादा मांग दिखाकर अनुकूल आदेश ले आए। दुख की बात है, विकट हालात में भी कई लोगों ने राजनीति करना नहीं छोड़ा। मांडविया ने कहा-मैं अपील करता हूं कि सरकार के ईमानदार प्रयास भी देखें। यह राजनीति का विषय नहीं है।

राजनीति करना नहीं छोड़ा
दुख की बात है, विकट हालात में भी लोगों ने राजनीति करना नहीं छोड़ा। -मनसुख मांडविया, स्वास्थ्य मंत्री
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