ओमिक्रॉन 13 देशों में पहुंचा : विदेशियों के लिए जापान ने बंद किए दरवाजे, भारत में भी सात दिन क्वारंटीन रहने की शर्त

अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली/टोक्यो/लिस्बन। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 30 Nov 2021 10:41 PM IST

सार

डब्ल्यूएचओ को ओमिक्रॉन के दुनिया में फैलने की आशंका है। इस बीच ऑस्ट्रेलिया अपनी सीमा खोलने को लेकर समीक्षा करेगा। वहीं ब्रिटेन ने जी-7 देशों की बैठक बुलाई है। भारत में इसे लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। यहां पढ़ें अब तक के अपडेट..
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : PTI
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विस्तार

कोरोना वायरस के नए और अत्यधिक संक्रामक माने जा रहे ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा बढ़ता जा रहा है। अब यह फ्रांस और जापान तक पहुंच गया है और दोनों देशों में इसके पहले मामले की पुष्टि हुई है। दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन के पहले मामले की पुष्टि होने से हफ्ते भर पहले ही यह वायरस पुर्तगाल पहुंच गया था।  कुल मिलाकर कोरोना वायरस का नया स्वरूप ओमिक्रॉन 13 देशों में पहुंच चुका है। इस खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने नए दिशा-निर्देश में कहा कि ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से यात्रियों को भारत पहुंचते ही अनिवार्य कोरोना जांच के साथ सात दिन एकांतवास में रहना होगा।
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फ्रांस सरकार के प्रवक्ता गैब्रियल अट्टल ने 'यूरोप 1 रेडियो स्टेशन' के साथ एक साक्षात्कार में हिंद महासागर स्थित फ्रांसीसी द्वीप क्षेत्र 'रीयूनियन' में वायरस के नए स्वरूप का पहला मामला सामने आने की पुष्टि की। यहां ओमिक्रॉन से संक्रमित पाया गया 53 वर्षीय व्यक्ति मोजाम्बिक की यात्रा पर गया था और 'रीयूनियन' लौटने से पहले दक्षिण अफ्रीका में रुका था। उसे आइसोलेशन में रखा गया है और उसे मांसपेशियों में दर्द और थकान की शिकायत है।


उधर, नीदरलैंड के स्वास्थ्य प्रशासन ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि होने से पहले ही यह देश में पहुंच गया था। नीदरलैंड में 19 और 23 नवंबर को जिन संक्रमितों के नमूने लिए गए थे, उनमें ओमिक्रॉन पाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दक्षिण अफ्रीका में 24 नवंबर को ओमिक्रोन का पहला मामला मिलने की पुष्टि की थी।

विदेशियों के लिए जापान की सीमाएं बंद
उधर, जापान ने सोमवार को विदेशियों के लिए अपनी सीमाओं को बंद करने की घोषणा की। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ने ओमिक्रॉन की वजह से इस्राइल के बाद सबसे सख्त कदम उठाए हैं। जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा है कि अब तक की सबसे खराब स्थिति को रोकने के लिए जापान मंगलवार से एहतियात के तौर पर विदेशियों के लिए अपनी सीमाएं बंद कर देगा। पीएम ने इसे अस्थायी और असाधारण उपाय बताया, जो सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। 

ओमिक्रॉन के बारे में स्पष्ट जानकारी न मिलने तक उन्होंने ये उपाय जरूरी बताए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सभी सदस्य देशों को चेताया है कि ओमिक्रॉन के कुछ क्षेत्रों में गंभीर परिणाम हो सकते हैं और इसके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने की आशंका है।

वहीं, ब्रिटेन ने कहा कि वह शक्तिशाली देशों के समूह जी-7 के स्वास्थ्य मंत्रियों की तत्काल एक  बैठक बुला रहा है। इसके साथ ही ब्रिटेन ने बताया कि ओमिक्रॉन के मामलों में तेजी से वृद्धि के चलते वैक्सीन की बूस्टर डोज देने के कार्यक्रम को वह आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। 

दूसरी तरफ सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के साथ टीकाकरण के आधार पर शुरू की गई यात्रा सुविधाओं को फिलहाल टालने का फैसला किया है। इससे पहले इस्राइल ने रविवार की मध्यरात्रि से प्रतिबंध लागू कर दिया। दक्षिण अफ्रीकी देशों  पर यात्रा प्रतिबंध लगा चुके ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि जानकारी के आधार पर समझदारी से निर्णय लिया जाएगा। 

एक राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक के बाद एक दिसंबर से कुशल प्रवासियों और छात्रों के लिए सीमाओं को फिर से खोलने की योजना की समीक्षा की जाएगी। भारत ने भी बुधवार से सभी हवाई अड्डों पर जोखिम वाले देशों से आने वाले सभी यात्रियों के लिए कोविड-19 परीक्षण के आदेश दिए हैं। एजेंसी

टीकाकरण तेज करने की सलाह
डब्ल्यूएचओ ने सदस्यों से उच्च प्राथमिकता वाले समूहों के टीकाकरण में तेजी लाने और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त बनाए रखने का आग्रह किया है। अमेरिका में राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक डॉ. फ्रांसिस कॉलिन्स ने कहा कि अभी तक कोई डाटा यह नहीं बताता है कि ओमिक्रॉन कोविड-19 के पिछले किसी वैरिएंट की तुलना में अधिक गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। हालांकि, इसके तीव्र प्रसार की क्षमताओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

कॉलिन्स ने कहा कि हम नहीं जानते कि यह डेल्टा की तुलना में कितना खतरनाक है। फिलहाल, टीकाकरण, बूस्टर डोज, शरीरिक दूरी और मास्क जैसे उपायों पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति के सलाहकार महामारी विशेषज्ञ डा. फॉसी ने कहा कि ओमिक्रॉन से जुड़ी सटीक जानकारी आने में अभी कम से कम दो सप्ताह लगेंगे। इसके बाद ही ओमिक्रॉन की तीव्रता, प्रसार और अन्य विशेषताओं का पता लगेगा।

बाजारों में मिलीजुली प्रतिक्रिया

ओमिक्रॉन वायरस को लेकर सटीक जानकारी के अभाव में दुनियाभर के वित्तीय बाजारों में मिलाजुला असर रहा। पिछले हफ्ते जब नए वैरिएंट की जानकारी सामने आई थी तो बाजारों में हड़कंप मच गया था।

अब तक इन देशों में आए मामले
स्कॉटलैंड, पुर्तगाल, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, बोत्सवाना, ब्रिटेन, कनाडा, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, इस्राइल, इटली, नीदरलैंड और दक्षिण अफ्रीका। कुछ यूरोपीय देशों में भी मामले सामने आए हैं।

स्कॉटलैंड व पुर्तगाल में मिले नए मामले
स्कॉटलैंड में ओमिक्रॉन से संक्रमित छह लोगों की पहचान की गई है। इन लोगों के साथ ब्रिटेन में कुल नौ लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित हो चुके हैं। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि स्कॉटलैंड के कुछ संक्रमितों ने तो जोखिम वाले क्षेत्रों की यात्रा भी नहीं की है, जिससे सामुदायिक प्रसार की आशंका नजर आती है। स्कॉटलैंड के स्वास्थ्य मंत्री हमजा यूसुफ ने कहा कि फिलहाल तेजी से उन लोगों को खोजने की कोशिश की जा रही है, जो संक्रमितों के संपर्क में आए हैं। पुर्तगाल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि लिस्बन स्थित बेलेनेंसेस सॉकर क्लब के 13 खिलाड़ी ओमिक्रॉन से संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से एक खिलाड़ी हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से लौटा है। एक-दो खिलाड़ियों में हल्के लक्षण दिखे हैं अन्य में कोई लक्षण सामने नहीं आए हैं। खिलाड़ियों के संपर्क में आए लोगों को एकांत में रखा गया है। इनकी जांच के साथ सुरक्षात्मक उपाय अपनाए गए हैं।

दक्षिण अफ्रीका में नहीं होगा पूर्ण लॉकडाउन : राष्ट्रपति रामफोसा
दक्षिण अफ्रीका में कोविड के ओमिक्रॉन स्वरूप का पता लगने के बाद से विश्व स्तर पर दहशत के बीच यह देश अपनी पांच-स्तरीय लॉकडाउन रणनीति के सबसे निचले स्तर पर बना रहेगा। राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने घोषणा की कि अर्थव्यवस्था में व्यवधानों को सीमित करते हुए महामारी के प्रबंधन के तरीके खोजने होंगे। उन्होंने 20 से ज्यादा देशों द्वारा लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों की सख्त आलोचना भी की।

भारत सरकार ने जारी किए संशोधित दिशा-निर्देश, 1 दिसंबर से होंगे लागू

कोरोना वायरस का नया स्वरूप ओमिक्रॉन 13 देशों में पहुंच चुका है। इस खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने नए दिशा-निर्देश में कहा कि ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से यात्रियों को भारत पहुंचते ही अनिवार्य कोरोना जांच के साथ सात दिन एकांतवास में रहना होगा। 

सोमवार को जारी नए दिशानिर्देश के तहत ‘चिह्नित खतरे वाले देशों’ से आने वाले यात्रियों को निगेटिव रिपोर्ट मिलने पर भी घर पर एकांतवास में रहना पड़ेगा, भले ही उन्होंने पूर्ण टीकाकरण करा रखा हो। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, सरकार ने सतर्कता के मद्देनजर यह कदम उठाया है। नए दिशानिर्देश 1 दिसंबर से प्रभावी होंगे।

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 दिसंबर से सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने के निर्णय की समीक्षा करने के लिए कह चुके हैं। अभी केवल द्विपक्षीय या बायोबबल समझौते के अनुसार विशेष उड़ानें चलाई जा रही हैं। 

निर्देश के मुताबिक, भारत से बाहर जाने वाले यात्रियों को भी यात्रा से 72 घंटे पहले कोविड जांच करानी होगी। मंत्रालय ने राज्यों को भी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच पर कड़ी निगरानी के लिए कहा है। सभी नमूनों की भी जीनोम सिक्वेंसिंग होगी।

इन देशों में वायरस ने पसारे पांव

ओमिक्रॉन बोत्सवाना से शुरू होकर अब दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन, जर्मनी, नीदरलैंड, पुर्तगाल, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, बेल्जियम, इस्राइल, चेक रिपब्लिक और हांगकांग पहुंच चुका है।

सऊदी ने भारत से आने वालों पर रोक हटाई
कोच्चि। केंद्र सरकार ने केरल हाईकोर्ट को बताया कि सऊदी अरब ने भारत से आने वाले लोगों पर रोक हटा ली है। कोवाक्सिन को सऊदी अरब पहले मान्यता नहीं दे रहा था। अब उसने यात्रा प्रतिबंध वापस ले लिए हैं।

अब यह जरूरी...

  • पॉजिटिव पाए जाने वाले यात्रियों को एकांतवास में रखा जाएगा व क्लिनिकल प्रबंधन प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार किया जाएगा। साथ ही, जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल भी लिया जाएगा।
  • निगेटिव मिले यात्रियों को हवाईअड्डे से जाने की अनुमति होगी, लेकिन 7 दिन के लिए घर पर एकांतवास में रहना पड़ेगा। आठवें दिन उन्हें दोबारा जांच करानी होगी।
  • बिना खतरे वाले देशों से भी आने वाले पांच फीसदी यात्रियों की एयरपोर्ट पर रैंडम आधार पर जांच होगी।
  • एकांतवास में रखे गए पॉजिटिव व्यक्ति या रैंडम जांच वाले यात्री के सैंपल भी जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे।
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