बॉम्बे हाई कोर्ट का एक और फैसला, कहा- पॉक्सो के दायरे में नहीं आता बच्ची का हाथ पकड़ना और पैंट की जिप खोलना

विज्ञापन
kumar sambhava न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर Published by: कुमार संभव
Updated Thu, 28 Jan 2021 01:05 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
बंबई उच्च न्यायालय यानी बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, अदालत ने एक और फैसला सुनाया है, जिसमें कोर्ट ने कहा कि नाबालिग बच्ची का हाथ पकड़ना और पैंट की जिप खोलना पॉक्सो अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न के दायरे में नहीं आता। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यौन उत्पीड़न का यह मामला आईपीसी की धारा 354ए के तहत आएगा। बता दें कि नागपुर पीठ ने पहले त्वचा से त्वचा का स्पर्श न होने पर यौन उत्पीड़न नहीं मानने का फैसला सुनाया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
आगे पढ़ें

इस मामले में हुई सुनवाई

विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X