सिस्टम में बदलाव तर्कसंगत और न्यायसंगत होना चाहिए, कानून सबसे ऊपर: पीएम मोदी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Sat, 22 Feb 2020 11:21 AM IST
Narendra Modi
Narendra Modi - फोटो : Twitter
विज्ञापन
ख़बर सुनें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन (आईजेसी) का उद्घाटन किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये कॉन्फ्रेंस 21वीं सदी के तीसरे दशक के शुरुआत में हो रही है। ये दशक भारत सहित पूरी दुनिया में होने वाले बड़े बदलावों का है। ये बदलाव सामाजिक, आर्थिक, और तकनीकी हर क्षेत्र में होंगे। ये बदलाव तर्क संगत और न्याय संगत होने चाहिए। ये बदलाव सभी के हित में होने चाहिए।
विज्ञापन


नई ऊंचाई हासिल कर रहा भारत
पीएम मोदी ने कहा कि परिवर्तन के इस दौर में भारत नई ऊंचाई भी हासिल कर रहा है, नई परिभाषाएं गढ़ रहा है और पुरानी अवधारणाओं में बदलाव ला रहा है। पहले कहा जाता था तेजी से विकास और पर्यावरण की रक्षा एक साथ होना संभव नहीं है। भारत ने इस अवधारणा को भी बदला है।


शीघ्र न्याय का समाधान एक प्रकार से तकनीक के पास है। सरकार का भी प्रयास है कि देश की हर कोर्ट को ई-कोर्ट इंटीग्रेटेड मिशन मोड प्रोजेक्ट से जोड़ा जाए। मैं आज इस अवसर पर भारत की न्यायपालिका का भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिसने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की गंभीरता को समझा है, उसमें निरंतर मार्गदर्शन किया है।

पीएम ने कहा कि पूज्य बापू का जीवन सत्य और सेवा को समर्पित था, जो किसी भी न्यायतंत्र की नींव माने जाते हैं औ हमारे बापू खुद भी तो वकील थे। अपने जीवन का जो पहला मुकदमा उन्होंने लड़ा, उसके बारे में गांधी जी ने बहुत विस्तार से अपनी आत्मकथा में लिखा है।

हर भारतीय की न्यायपालिका पर आस्था
पीएम मोदी ने कहा कि हर भारतीय की न्यायपालिका पर बहुत आस्था है। हाल में कुछ ऐसे बड़े फैसले आए हैं, जिनको लेकर पूरी दुनिया में चर्चा थी। फैसले से पहले अनेक तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं। लेकिन हुआ क्या? सभी ने न्यायपालिका द्वारा दिए गए इन फैसलों को पूरी सहमति के साथ स्वीकार किया।

उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों के बीच कई बार देश के लिए संविधान के तीनों पिलर ने उचित रास्ता ढूंढा है। हमें गर्व है कि भारत में इस तरह की एक समृद्ध परंपरा विकसित हुई है। बीते पांच वर्षों में भारत की अलग-अलग संस्थाओं ने, इस परंपरा को और सशक्त किया है।

आतंकवादी और भ्रष्ट लोगों का निजता का कोई अधिकार नहीं: रविशंकर प्रसाद
इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आतंकवादी और भ्रष्ट लोगों का निजता का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि शासन की जिम्मेदारी निर्वाचित प्रतिनिधियों पर छोड़ देनी चाहिये।

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का भी उद्धाटन करेंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ओडिशा के भुवनेश्वर में 22 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित होने वाले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के उद्घाटन समारोह को भी संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री शाम सात बजे खेलो इंडिया उद्घाटन समारोह को संबोधित करने वाले हैं। ओडिशा सरकार के सहयोग से भारत सरकार द्वारा खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स शुरू किया जा रहा है। यह भारत में विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित सबसे बड़ी प्रतियोगिता है और इसमें भाग लेने वाले देश के 150 से अधिक विश्वविद्यालयों के लगभग 3,500 एथलीट होंगे।

आयोजन में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, तलवारबाजी, जूडो, तैराकी, कुश्ती, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, फुटबॉल, हॉकी, टेबल टेनिस, टेनिस, वॉलीबॉल, रग्बी और कबड्डी जैसे कुल 17 खेल होंगे।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00