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Om Birla: लोकसभा स्पीकर ने 'चर्चा' और 'बहस' को बताया लोकतंत्र का आभूषण, बोले- भड़काऊ बयान देने से बचें सांसद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 19 Jun 2022 06:15 PM IST
सार

बिरला ने कहा, "चर्चा, बहस संसदीय लोकतंत्र के महत्वपूर्ण अंग हैं। बहस के दौरान व्यंग्य, एक-दूसरे पर कटाक्ष करना भी स्वीकार्य है। लेकिन संसद में अनावश्यक आक्रामकता, चिल्लाहट और एक-दूसरे को बाधित करने से बचना चाहिए। 

OM Birla
OM Birla - फोटो : PTI
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विस्तार

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सांसदों को किसी भी धर्म के बारे में भड़काऊ बयान देने से बचना चाहिए और हर समय संसद की गरिमा और मर्यादा को बनाए रखना चाहिए। 


तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके बिरला ने अब तक के सफर को सफल बनाने में योगदान देने के लिए सभी राजनीतिक दलों के नेताओं का आभार जताया और कहा कि यह एक बड़ी उपलब्धि है कि इस अवधि के दौरान सदन की औसत उत्पादकता 100 प्रतिशत के ऊपर रही है। उन्होंने कहा कि सदन ने 17वीं लोकसभा में अबतक आठ सत्रों में करीब 1,000 घंटे काम किया है। 


चर्चा और बहस को लोकतंत्र का आभूषण बताते हुए बिरला ने एक इंटरव्यू में कहा कि सांसदों को संसद में बोलते समय अनावश्यक आक्रामकता और चिल्लाहट से बचना चाहिए। बिरला ने कहा, "चर्चा, बहस संसदीय लोकतंत्र के महत्वपूर्ण अंग हैं। बहस के दौरान व्यंग्य, एक-दूसरे पर कटाक्ष करना भी स्वीकार्य है। लेकिन संसद में अनावश्यक आक्रामकता, चिल्लाहट और एक-दूसरे को बाधित करने से बचना चाहिए। 

उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक नेताओं द्वारा निराधार आरोप और जवाबी आरोप लगाने के लिए एक मंच के रूप में संसद का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। 

धर्म को लेकर इन दिनों राजनेताओं के बीच गरमागरम बहस के सवाल पर बिरला ने सुझाव दिया कि संसद सदस्यों को किसी भी धर्म के खिलाफ भड़काऊ बयान देने से बचना चाहिए क्योंकि संविधान के समक्ष सभी धर्म समान हैं। 

बिरला ने कहा, "धार्मिक मुद्दों पर बोलते समय सांसदों को यह ध्यान रखना चाहिए कि उनके बयान से किसी अन्य धर्म की भावनाओं और विश्वासों को ठेस न पहुंचे। हम सभी को इस प्रथा और परंपरा का पालन करना चाहिए। हमारा संविधान सभी को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार देता है।"

बिरला ने कहा कि संसद संविधान के अनुसार काम करती है। संसद में किसी भी धर्म के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। इसकी गरिमा और मर्यादा को हर समय बनाए रखा जाना चाहिए।

यह पूछे जाने पर कि फेसबुक व्हिसल-ब्लोअर सोफी झांग आईटी पर संसदीय स्थायी समिति के समक्ष पेश होने की इच्छा व्यक्त कर रही हैं लेकिन अधिकारियों के द्वारा उसे उपस्थित होने के लिए नहीं कहा जा रहा है, बिरला ने कहा कि संसदीय पैनल के समक्ष किसी को बुलाने के लिए नियम और कानून हैं। 

बिरला ने कहा, ''यह उचित नहीं है कि कोई कहता है कि मुझे समिति द्वारा नहीं बुलाया गया है। संसदीय पैनल के समक्ष किसी को बुलाने की प्रणाली और प्रक्रियाएं हैं और अंतिम निर्णय का अधिकार लोकसभा अध्यक्ष के पास है।"

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बन रहे नए संसद भवन के बारे में बात करते हुए बिरला ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस साल का शीतकालीन सत्र नए ढांचे में होगा। उन्होंने कहा, "नए भवन का काम जोरों पर चल रहा है। यह आधुनिक भारत और हमारे समृद्ध इतिहास दोनों की झलक दिखाएगा। यह भारत के सभी राज्यों की संस्कृति को प्रदर्शित करेगा।"

राजस्थान से भाजपा सांसद बिरला को 19 जून, 2019 को सर्वसम्मति से लोकसभा अध्यक्ष के रूप में चुना गया था।

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