विज्ञापन
विज्ञापन

आरक्षण से दाखिले पर सीनियर मारती थीं ताने, तंग होकर जूनियर महिला डॉक्टर ने की खुदकुशी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Updated Mon, 27 May 2019 07:26 PM IST
पायल तडवी (फाइल फोटो)
पायल तडवी (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
ख़बर सुनें
मुंबई के बीवाईएल नायर अस्पताल से गायनोकोलॉजी (स्त्रीरोग) की पढ़ाई करने वाली दूसरे वर्ष की छात्रा पायल तडवी ने आत्मत्या कर ली। उसकी मां ने दावा किया है कि उन्होंने बेटी के उत्पीड़न के बारे में अस्पताल के डीन को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने तीन वरिष्ठ मेडिकल छात्राओं पर बेटी का शोषण करने का आरोप लगाते हुए उन्हें बेटी की मौत का जिम्मेदार बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालांकि डीन ने ऐसे किसी भी पत्र के मिलने से इनकार किया है। बुधवार को तडवी का शव हॉस्टल के कमरे के पंखे पर लटका हुआ मिला। गुरुवार को अग्रीपाडा पुलिस ने तीन छात्राओं के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। मृतका के परिवार का दावा है कि छोटी जाति से होने के कारण उसका शोषण किया जाता था। उसे आरक्षण के तहत मेडिकल सीट पाने की वजह से ताने मारे जाते थे।

पुलिस ने डॉक्टर हेमा आहूजा, डॉक्टर भक्ति मेहर और डॉक्टर अंकिता खानदिलवाल के खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम, एंटी रैगिंग अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

पीड़िता की मां ने बताया, '10 मई को मेरी बेटी ने मुझे फोन किया। वह फोन पर रो रही थी उसने मुझे बताया कि उसे किस तरह का शोषण सहना पड़ता है। मैं हड़बड़ा गई और मैंने उसी रात डीन के पास शिकायत की। 13 मई को मैं डीन को पत्र सौंपने के लिए गई लेकिन हमें अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली। इसके बजाए हमें गायनोकोलॉजी के प्रोफेसर डॉक्टर यी चिंग लिंग से मिलने के लिए कहा गया। डॉक्टर लिंग अंग्रेजी में तेज-तेज बोल रहे थे जो मेरी समझ में नहीं आया।'

पीड़िता की मां कैंसर सर्वाइवर है और वह 2018 में अक्तूबर से दिसंबर के बीच नायर अस्पताल में भर्ती थी। उन्होंने कहा, 'उस समय मुझे अपनी बेटी से मिलने की इजाजत नहीं दी गई। जब भी मैं उसकी यूनिट में जाती थी तो उसे जबरन काम करने को कहा जाता। कई बार काम के दबाव के कारण वह चांर से पांच दिनों तक स्नान नहीं कर पाती थी। इसके कारण उसे कई स्वास्थ्य परेशानियां हुईं।'

नायर अस्पताल के डीन डॉक्टर रमेश भारमल का कहना है कि उन्हें घटना की मौखिक या लिखित सूचना नहीं मिली थी। उन्होंने कहा, 'यदि मुझे इसकी भनक भी होती तो मैं तुरंत इसपर एंटी रैगिंग समिति के जरिए कार्रवाई करता। मैंने गायनोकोलॉजी इकाई में छात्राओं के साथ विस्तार से बात की लेकिन किसी को उसकी स्थिति के बारे में पता नहीं था। जिन तीन छात्राओं पर आरोप लगे हैं उनके बारे में मुझे रैगिंग की कभी कोई शिकायत नहीं मिली।' अस्पताल ने तीनों छात्राओं को कारण बताओ नोटिस भेजा है। 

पायल त़वी मामले में आरोपी डॉक्टर्स ने महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स को पत्र लिखकर कहा है, 'हम चाहते हैं कि कॉलेज एक निष्पक्ष जांच कराए। लेकिन सुरक्षाबल और मीडिया के दबाव में आकर हमारी बात सुने बिना जांच करना सही तरीका नहीं है।' 
 

वहीं, महाराष्ट्र महिला आयोग ने अस्पताल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि उसने अबतक क्या कार्रवाई की है। 


Recommended

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए
Lovely Professional University

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए

बात करें इंडिया के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स से और पाइये अपनी समस्या का समाधान |
Astrology

बात करें इंडिया के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स से और पाइये अपनी समस्या का समाधान |

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

India News

पाकिस्तान ने दिया आतंकी हमले का इनपुट, जम्मू-कश्मीर में हाई-अलर्ट पर सेना

पाकिस्तान ने पुलवामा जिले के अंवतीपुरा के पास संभावित हमले को लेकर जानकारी साझा की है। इस बात की पुष्टि श्रीनगर में शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने की है। अलर्ट के बाद जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

16 जून 2019

विज्ञापन

17 जून को देश में ठप रहेंगी स्वास्थ्य सेवाएं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने हड़ताल का किया आह्वान

पूरे देश के डॉक्टरों के शीर्ष संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कल यानी सोमवार सुबह छह बजे से चौबीस घंटे की हड़ताल का आह्वान करते हुए केंद्र सरकार से डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून लाने की मांग की है।

16 जून 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
सबसे तेज अनुभव के लिए
अमर उजाला लाइट ऐप चुनें
Add to Home Screen
Election