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चिंताजनक: 2008 से 2017 के बीच जन्मे 1.5 करोड़ लोगों को पेट में कैंसर की आशंका, चीन में सबसे अधिक मामले

Tue, 08 Jul 2025 05:13 AM IST
शुभम कुमार अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 08 Jul 2025 05:13 AM IST
सार

एक ताज़ा वैश्विक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि 2008 से 2017 के बीच जन्मे करीब 1.5 करोड़ लोगों को भविष्य में पेट के कैंसर का खतरा है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन में सबसे ज्यादा संभावित मामले हैं, जबकि भारत दूसरे स्थान पर है। पेट का कैंसर दुनियाभर में मौत का पांचवां बड़ा कारण बन चुका है।

Millions of people born between 2008 and 2017 are at risk of stomach cancer News In Hindi
साकेंतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

    साल 2008 से 2017 के बीच दुनियाभर में जन्मे 1.5 करोड़ से अधिक लोगों को जीवन में कभी-न-कभी पेट का कैंसर हो सकता है। इनमें चीन के बाद भारत में सबसे अधिक मामले होंगे। अनुमानित मामलों में से दो तिहाई एशिया में रोगी हो सकते हैं। इसके बाद अमेरिका और अफ्रीका के शिकार हो सकते हैं। यह एक अध्ययन में दावा किया गया है।


    विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर एजेंसी इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के शोधकर्ता ने ग्लोबोकैन 2022 के डाटाबेस का उपयोग कर 185 देशों में पेट के कैंसर की घटनाओं के डाटा का विश्लेषण किया। साथ ही संयुक्त राष्ट्र जनसांख्यिकीय डाटा से अनुमानित मृत्यु दर का भी विश्लेषण किया। नेचर मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा, वैश्विक स्तर पर इन जन्म समूहों में 1.5 करोड़ लोगों में आजीवन पेट के कैंसर के मामले होने की आशंका है।

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    इनमें से 76 प्रतिशत हेलिकोबैक्टर पायलोरी (बैक्टीरिया) के कारण हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार पेट में पाए जाने वाले एक सामान्य बैक्टीरिया हेलिकोबैक्टर पायलोरी के कारण होने वाला लगातार संक्रमण पेट के कैंसर का मुख्य कारण माना जाता है, जो दुनिया में कैंसर से होने वाली मौतों का पांचवां सबसे बड़ा कारण है। पेट के कैंसर की रोकथाम में अधिक सजगता का आह्वान किया। विशेष रूप से जनसंख्या स्तरीय जांच और बैक्टीरिया संक्रमण के उपचार के माध्यम से, जिसे प्रभावी उपचार के माध्यम से रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि युवा और वृद्ध आबादी में बढ़ती घटनाओं ने पेट के कैंसर की मृत्यु दर और मामलों को कम करने के हाल के प्रयासों को उलटने का जोखिम उठाया है।

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    चीन व भारत में 65 लाख नए रोगी सामने आएंगे
    अध्ययन का अनुमान है कि एशिया में 1.6 करोड़ नए पेट के कैंसर के मामले सामने आएंगे। इनमें से 65 लाख मामले अकेले भारत और चीन में होने की उम्मीद है। इसमें अनुमान लगाया गया है कि पेट के कैंसर को नियंत्रित करने के मौजूदा उपायों में कोई बदलाव नहीं होने पर भारत में मामले 1,657,670 हो सकते हैं। इसके अलावा उप सहारा अफ्रीका, जहां वर्तमान में इस रोग का बोझ अपेक्षाकृत कम है, भविष्य में 2022 के अनुमानों की तुलना में कम से कम छह गुना अधिक मामले देख सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक आबादी में पेट के कैंसर को नियंत्रित करने के उपाय किए जाते हैं तो रोग के अपेक्षित मामलों में 75 प्रतिशत तक की कमी लाई जा सकती है।
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