Hindi News ›   India News ›   Media reports claiming under-reporting of Covid deaths ill-informed, baseless and misleading: Govt

Covid 19 Deaths: स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया मीडिया रिपोर्ट का खंडन, पहली दो कोरोना लहरों में 30 लाख मौतों का किया गया था दावा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Fri, 14 Jan 2022 05:06 PM IST

सार

क बयान में मंत्रालय ने कुछ मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया जिसमें कहा गया है कि कोविड की पहली दो लहरों में भारत में मरने वाले लोगों की वास्तविक संख्या कम दिखाई गई है।
भारत में कोरोना के मामले और मौतें
भारत में कोरोना के मामले और मौतें - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में पहली दो लहरों में कोविड-19 से मौतों की संख्या कम दिखाने वाली मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया है। मंत्रालय ने इसे भ्रांतिपूर्ण और गलत इरादे से दी गई सूचना बताया है। साथ ही कहा कि भारत सरकार के पास कोविड मौतों को वर्गीकृत करने के लिए विश्व स्तर पर एक व्यापक तंत्र है। 

विज्ञापन


मंत्रालय ने रिपोर्ट को बताया भ्रामक
एक बयान में मंत्रालय ने कुछ मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया जिसमें कहा गया है कि कोविड की पहली दो लहरों में भारत में मरने वाले लोगों की वास्तविक संख्या कम दिखाई गई है और मरने वालों की संख्या लगभग तीस लाख हो सकती है। मंत्रालय की ओर से बयान में कहा गया है, इस तरह की मीडिया रिपोर्ट भ्रामक और गलत सूचना पर आधारित है। वे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और शरारती किस्म की हैं। भारत में जन्म और मृत्यु रिपोर्टिंग की एक बहुत मजबूत प्रणाली है जो एक कानून पर आधारित है और इसे ग्राम पंचायत स्तर से जिला स्तर और राज्य स्तर तक नियमित रूप से किया जाता है।  


भारत सरकार के पास विश्वस्तरीय तंत्र 
मंत्रालय ने कहा कि पूरी कवायद भारत के महापंजीयक (आरजीआई) की निगरानी में की जा रही है। इसके अलावा भारत सरकार के पास विश्व स्तर पर स्वीकार्य वर्गीकरण के आधार पर कोविड की मौतों को वर्गीकृत करने के लिए एक व्यापक तंत्र है। सभी मौतों की स्वतंत्र रूप से राज्यों द्वारा रिपोर्ट की जा रही है और केंद्रीय रूप से संकलित की जा रही है। पहले हुई कोविड-19 मृत्यु का डेटा भी अपडेट किया जा रहा है। अलग-अलग समय पर राज्यों के आंकड़ों का भारत सरकार के आंकड़ों से मिलान किया जा रहा है।
 
मौतों को कम बताना आधारहीन
बड़ी संख्या में राज्यों ने नियमित रूप से मृत्यु संख्या का मिलान किया है और मोटे तौर पर पारदर्शी तरीके से पहले की मौतों की सूचना दी है। इसलिए यह कहना कि मौतों को कम बताया गया है, आधारहीन व औचित्यहीन है। बयान में कहा गया है कि महामारी की स्थिति के दौरान वास्तविक मृत्यु दर कई कारकों के कारण बताई गई मौतों से अधिक हो सकती है, यहां तक कि सबसे मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों में भी ऐसा होता है। अलग अलग राज्यों से एकत्र की गई जानकारी को कम करना और अलग विश्लेषण से परिणाम का अधूरा और गलत होना तय है। 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00