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आफत की बारिश: महाराष्ट्र में भूस्खलन और इमारत गिरने से 49 लोगों की मौत, 70 से ज्यादा लापता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 23 Jul 2021 09:18 PM IST

सार

महाराष्ट्र में इन दिनों आफत की बारिश हो रही है। लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बारिश का कहर सबसे ज्यादा रायगढ़ जिले पर दिख रहा है। यहां भूस्खलन की वजह से 36 लोगों की मौत हो गई । राहत और बचाव कार्य जारी है। भारी बारिश के कारण राहत कार्य में यहां भारी दिक्कत आ रही है। 
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रायगढ़ में भूस्खलन
रायगढ़ में भूस्खलन - फोटो : PTI
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विस्तार

महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश की वजह से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। रायगढ़, रत्नागिरी, पालघर, ठाणे और नागपुर के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। बारिश के कारण राज्य में अभी तक 41 लोगों की जान जा चुकी है। रायगढ़ के तलई गांव में लगातार हो रही बारिश से पहाड़ का मलबा गिर गया। इसके नीचे 35 घर दब गए। इस हादसे में 36 लोगों की मौत हो गई। वहीं 70 से ज्यादा लोग लापता हो गए हैं। 15 लोगों को बचाया गया है, जबकि 30 से ज्यादा लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं। इसे देखते हुए मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। वहीं सतारा जिले में भूस्खलन की वजह से 8 लोगों की जान चली गई, जबकि मुंबई में एक इमारत गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई। राज्य में अभी तक 49 लोगों की मौत हो चुकी है। एनडीआरएफ की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी है। हालांकि, भारी बारिश के कारण राहत कार्य में यहां भारी दिक्कत आ रही है।
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इंडियन कोस्ट गार्ड की सात टीमें राहत कार्य में जुटीं
ताजा जानकारी के मुताबिक, इंडियन कोस्ट गार्ड ने शुक्रवार को जानकारी दी कि उसकी ओर से महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक के तटवर्ती इलाकों में सात टीमों को राहत और बचाव के काम में लगाया है। आईसीजी के आधिकारिक बयान के अनुसार कर्नाटक में 161 लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है। सभी टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही हैं। इसके साथ ही रत्नागिरी एयरबेस से भारतीय नौसेना और वायुसेना के विमानों के माध्यम से महाराष्ट्र में राहत अभियान चलाया जा रहा है। जबकि गोवा में दो टीमें इस काम में जुटी हुई हैं और यहां के जिलों में हेलिकॉप्टर के माध्यम से खाद्य पदार्थों के 200 पैकेट लोगों तक पहुंचाए गए हैं।


80 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
महाराष्ट्र में 84,452 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। इनमें कोल्हापुर जिले के करीब 40,000 ये अधिक लोग भी शामिल हैं। इन सभी पुणे संभाग के पश्चिमी इलाके में सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। कोल्हापुर शहर के पास पंचगंगा नदी में पानी अपने उच्चतम स्तर पर बह रहा है। अधिकारियों के अनुसार यहां साल 2019 के बाद बाढ़ के ऐसे हालात देखने को मिले हैं। पुणे-कोल्हापुर के अलावा सांगली और सतारा में भी भारी बारिश और भूस्खलन की सूचनाएं मिली हैं। 

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह तक भारतीय सेना और नौसेन की छह टीमें इन इलाकों में पहुंच जाएंगी ताकि राहत कार्य में और तेजी लाई जा सके। अधिकारियों ने बताया कि इलाके के 821 गांवों में 54 गांव बारिश से खासे प्रभावित हुए हैं, जबकि अन्य गांवों में आंशिक असर देखने को मिला है। 

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सचिवालय ने जानकारी दी है कि ऐसी घटनाओं में घायलों का इलाज सरकार वहन करेगी।

जिला कलेक्टर, रायगढ़ कलेक्टर निधि चौधरी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि जिले में भूस्खलन से कुल 36 लोगों की मौत हुई, इनमें तलाई इलाके में 32 और सखार सुतार वाड़ी में चार की जान चली गई। वहीं सतारा में भी  आठ लोगों की मौत हो गई है जबकि 2 लोग अब भी लापता हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि 27 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
राज्य के शहरी विकास एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री एकनाथ शिंदे ने रायगढ़ के तलाई गांव में भूस्खलन की घटना को लेकर बताया कि 80-85 लोग अभी लापता हैं। 33 लोगों को शव बरामद कए गए हैं। कई लोग मलबे में फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ, स्थानीय एजेंसियां और अन्य बचाव कार्य में लगे हुए हैं।



महाराष्ट्र में बाढ़ के हालात पर पूरी नजर- पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रायगढ़ हादसे पर दुख जताया। पीएम मोदी ने ट्वीट किया " महाराष्ट्र में बाढ़ के हालात पर पूरी नजर बनी हुई है। पीड़ित परिवारों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। केंद्र सरकार की ओर से पूरी मदद की जा रही है।"

गृहमंत्री अमित शाह ने दुख जताया
रायगढ़ हादसे पर गृहमंत्री अमित शाह ने दुख जताया। गृहमंत्री शाह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एनडीआरएफ के डीजी से बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

महाराष्ट्र में भारी बारिश से बिगड़े हालात
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बताया कि रायगढ़ के तलाई गांव में भूस्खलन से करीब 35 लोगों की जान चली गई। कई जगहों पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने उन लोगों को निकालने और स्थानांतरित करने का आदेश दिया है जहां भूस्खलन की संभावना है। उद्धव  ठाकरे ने कहा कि सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने से एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल को चिपलून में बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। 

वहीं, राहत और पुनर्वास मंत्री विजय वडेट्टीवार ने बताया कि पंचगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कोल्हापुर में चिंता की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि 40-50 लोगों की हताहत की सूचना है। एनडीआरएफ की 2 टीमें मौजूद वहां मौजूद हैं और एक और आने वाली है। 

मुंबई और कोंकण के लिए रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने अगले तीन दिन के लिए कोंकण, मुंबई और इसके आसपास के जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं एनडीआरएफ की टीम पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है। कोंकण डिवीजन में अभी तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 8 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 700 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

बारिश की वजह से ट्रेनें रद्द
बारिश की वजह से कोंकण रेल रूट पर कई जगह लैंडस्लाइड हुई है। रत्नागिरी जिले में बारिश के कारण रेल सेवा बंद कर दी गई है अलग-अलग जगहों पर करीब पांच हजार से ज्यादा यात्री फंसे हुए हैं। इन्हें निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीमों को लगाया गया है।
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