महाराष्ट्र: सरकार ने किसानों को दिया राहत पैकेज, लातूर में भाजपा की 72 घंटे की भूख हड़ताल खत्म

पीटीआई, लातूर Published by: देव कश्यप Updated Thu, 14 Oct 2021 03:33 AM IST

सार

भूख हड़ताल सोमवार को शुरू हुई थी और बुधवार देर रात महाराष्ट्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता की घोषणा के कुछ घंटे बाद समाप्त हुई। महाराष्ट्र सरकार ने उन किसानों के लिए जिनकी फसल भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी 10,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है। राहत पैकेज की देवेंद्र फडणवीस सहित भाजपा नेताओं ने आलोचना की।
भाजपा विधायक संभाजीराव पाटिल निलंगेकर किसानों के साथ
भाजपा विधायक संभाजीराव पाटिल निलंगेकर किसानों के साथ - फोटो : [email protected]
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

महाराष्ट्र के लातूर जिले सहित मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए वित्तीय सहायता की मांग को लेकर भाजपा नेताओं के नेतृत्व में 72 घंटे की भूख हड़ताल बुधवार रात समाप्त हो गई। विपक्षी दल ने राज्य के किसानों के कल्याण के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
विज्ञापन


सोमवार को शुरू हुई थी भूख हड़ताल
भूख हड़ताल सोमवार को शुरू हुई थी और बुधवार देर रात महाराष्ट्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता की घोषणा के कुछ घंटे बाद समाप्त हुई। महाराष्ट्र सरकार ने उन किसानों के लिए जिनकी फसल भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी 10,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है। राहत पैकेज की देवेंद्र फडणवीस सहित भाजपा नेताओं ने आलोचना की।


सरकार ने 10000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की
इस साल जून से अक्तूबर के बीच हुई अत्यधिक भारी बारिश के कारण 55 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि पर कृषि फसलों को नुकसान पहुंचा है। मुंबई में एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि किसानों को कुछ सहायता प्रदान करने के लिए, महाराष्ट्र सरकार ने प्रभावित किसानों को 10,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है।

भाजपा ने सहायता राशि को बताया अपर्याप्त
हालांकि, लातूर में आंदोलन का हिस्सा रहे राज्य के पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक संभाजीराव पाटिल निलंगेकर ने सहायता को अपर्याप्त बताया और कहा कि महाविकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार ने 'किसानों का मजाक' बनाया है। उन्होंने कहा कि किसानों को न्याय मिलने तक भाजपा संघर्ष करती रहेगी। पाटिल निलंगेकर के नेतृत्व में भूख हड़ताल लातूर के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर जिले के 127 किसानों के साथ शुरू हुई थी।
 
भाजपा नेता ने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को भी लताड़ लगाई, जिनकी पार्टी एमवीए सरकार में सहयोगी है। उन्होंने कहा कि 'मराठवाड़ा में किसानों की दुर्दशा को नजरअंदाज किया है। सरकार द्वारा घोषित राहत पैकेज स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री शायद भूल गए हैं कि मराठवाड़ा महाराष्ट्र का हिस्सा है।'

भविष्य में बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे: निलंगेकर
उन्होंने कहा, 'हालांकि भूख हड़ताल समाप्त हो गई है, लेकिन भविष्य में किसानों के समर्थन में एक अलग रूप से एक मजबूत और बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। पाटिल निलंगेकर ने आरोप लगाया कि एमवीए सरकार पिछले दो वर्षों से किसानों को 'परेशान' कर रही है।

भूख हड़ताल में भाग लेने वाले 127 में से 14 किसानों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा था क्योंकि वे बेहोश हो गए थे। पूर्व सीएम फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा की गई सहायता की घोषणा किसानों के साथ मजाक करने जैसा है।

पिछले महीने भारी बारिश के कारण मंजारा बांध से पानी छोड़ा गया था, जिससे लातूर समेत कई अन्य इलाके जलमग्न हो गए थे। संभाजी पाटिल निलंगेकर ने निलंगा, देवनी, औसा और शिरूर-अनंतपाल तहसील के 32 प्रभावित गांवों समेत अन्य इलाकों के 127 किसानों के साथ लातूर के शिवाजी चौक पर विरोध-प्रदर्शन और भूख हड़ताल किया। इस प्रदर्शन में 4,000 से ज्यादा किसान एकजुटता प्रकट करने आए थे।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00