लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

विज्ञापन
Hindi News ›   India News ›   Maha minister draws criticism for Maratha quota 'itch' statement, apologises

Maharashtra: मराठा आरक्षण पर मंत्री तानाजी सावंत की आपत्तिजनक टिप्पणी, मचा हंगामा तो मांगी माफी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Amit Mandal Updated Mon, 26 Sep 2022 05:59 PM IST
सार

तानाजी सावंत आरक्षण की मांग को लेकर मराठा समुदाय के हालिया विरोध का जिक्र कर रहे थे। उनकी टिप्पणी पर मराठा समुदाय के साथ-साथ राजनीतिक दलों की भी कड़ी प्रतिक्रिया हुई।

Maratha Quota
Maratha Quota
ख़बर सुनें

विस्तार

महाराष्ट्र के मंत्री तानाजी सावंत ने सोमवार को मराठा समुदाय के लिए आरक्षण पर आपत्तिजनक टिप्पणी करके मराठा समूहों और विपक्षी दलों की नाराजगी झेली। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मई में सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय को आरक्षण देने वाले महाराष्ट्र कानून को असंवैधानिक करार दिया था और कहा था कि 1992 द्वारा निर्धारित 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा को तोड़ने के लिए कोई असाधारण परिस्थिति नहीं थी।  



एक कार्यक्रम में सावंत ने कहा कि दो साल तक (मराठा) आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाने के बाद कुछ भी नहीं हुआ। अब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद आरक्षण के लिए एक खुजली है। मैं इसे चाहता हूं और मेरी अगली पीढ़ी इसे चाहती है। हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक हम इसे (आरक्षण) नहीं देते। शिवसेना के शिंदे धड़े का हिस्सा सावंत ने कहा कि हमारे नेता एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस हमारी मांग के अनुसार आरक्षण सुनिश्चित करेंगे। वे तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक कि आरक्षण नहीं दिया जाता। 


तानाजी सावंत आरक्षण की मांग को लेकर मराठा समुदाय के हालिया विरोध का जिक्र कर रहे थे। उनकी टिप्पणी पर मराठा समुदाय के साथ-साथ राजनीतिक दलों की भी कड़ी प्रतिक्रिया हुई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि बयान आपत्तिजनक और गैर जिम्मेदाराना है और सावंत को बर्खास्त करने की मांग की। सावंत ने जो कहा था उस पर पटोले ने शिंदे और फडणवीस से जवाब मांग। आलोचनाओं के बीच सावंत ने बाद में माफी मांगी और कहा कि उनका मराठा समुदाय की भावनाओं को आहत करने का कोई इरादा नहीं था।

इस मुद्दे पर बोलते हुए महाराष्ट्र के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि 2014 और 2019 के बीच फडणवीस सरकार ने मराठा समुदाय के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया। इसे उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा। हालांकि, तत्कालीन (महा विकास अघाड़ी) सरकार सुप्रीम कोर्ट में केस हार गई। पाटिल ने कहा कि आपने (एमवीए सरकार) पिछले ढाई साल में कुछ क्यों नहीं किया? हम भी आपका समर्थन करते। तानाजी सावंत का यही मतलब था। 

 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00