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कौन हैं पीएम मोदी के हेलिकॉप्टर की तलाशी लेने वाले आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 19 Apr 2019 01:38 PM IST
प्रधानमंत्री के काफिले की तलाशी लेने की वजह से निलंबित हुए आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन (फाइल फोटो)
प्रधानमंत्री के काफिले की तलाशी लेने की वजह से निलंबित हुए आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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ओडिशा के संबलपुर में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलिकॉप्टर की जांच करने वाले 1996 बैच और कर्नाटक काडर के आईएएस अफसर मोहम्मद मोहसिन को बुधवार को चुनाव आयोग ने निलंबित कर दिया। वह संबलपुर लोकसभा क्षेत्र में सामान्य पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात थे।
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मोहसिन ने प्रधानमंत्री मोदी के हेलिकॉप्टर की जांच की थी। बताया जा रहा है कि इस जांच की वजह से प्रधानमंत्री को 15 मिनट इंतजार करना पड़ा था। जिसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय ने चुनाव आयोग से की थी। जिसपर कार्रवाई करते हुए आयोग ने उन्हें दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने की वजह से निलंबित कर दिया। 

इससे पहले मोहसिन, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पेट्रोलियम मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान के भी हेलिकॉप्टर की तलाशी भी ले चुके हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संबलपुर में प्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर की जांच करना निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत नहीं था। एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों को ऐसी जांच से छूट प्राप्त होती है। चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में सामान्य पर्यवेक्षकों की तैनाती करता है।

कौन हैं मोहम्मद मोहसिन

1969 में जन्में मोहम्मद मोहसिन बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले हैं और कर्नाटक सरकार में समाज कल्याण विभाग में सचिव हैं। वह कर्नाटक काडर से आईएएस बने हैं। पटना विश्वविद्यालय से उन्होंने बीकॉम की पढ़ाई की है। साल 1994 में वह लोकसेवा की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली आए थे। 

पहली बार में वह लोकसेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में सफल नहीं हुए थे और उन्होंने दोबारा इसकी तैयारी की। इसके बाद वह परीक्षा में सफल तो हुए लेकिन कम नंबर की वजह से आईएएस नहीं बन पाए। उन्होंने फिर तैयारी की और 1996 में आईएएस अधिकारी बने। मोहसिन ने उर्दू के साथ अपनी पढ़ाई की थी।

उनकी एक सोशल मीडिया प्रोफाइल के अनुसार वह कर्नाटक सरकार के शिक्षा विभाग और अन्य विभागों में अधिकारी रह चुके हैं। कर्नाटक के कई प्रशासनिक पदों पर वह अपनी सेवाएं दे चुके हैं। शुरुआत में वह उपजिलाधिकारी के पद पर रहे और बाद में जिला पंचायत और ग्रामीण विभाग में उपायुक्त के पदों पर तैनात रहे।

क्या है एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों के लिए नियम

एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों को तलाशी से छूट मिलती है। अप्रैल 2014 को चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार एसपीजी सुरक्षा प्राप्तकर्ता जिसमें प्रधानमंत्री शामिल हैं उन्हें जांच से छूट मिलती है। एक सूत्र ने कहा, 'पर्यवेक्षक होने की वजह से उन्हें (मोहसिन को) इस नियम के बारे में जानकारी होनी चाहिए थी। उन्हें अपने कर्तव्य का सही से पालन न करने की वजह से निलंबित किया गया है।'

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