बौखलाए चीन के धोखे का डर, चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं भारतीय सैनिक, सीमा से सटे सभी इलाकों में अलर्ट

अमर उजाला नेटवर्क, उत्तराखंड/हिमाचल/लद्दाख Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Sat, 20 Jun 2020 04:26 AM IST
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फाइल फोटो - फोटो : PTI
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गलवां की झड़प के बाद लेह-लद्दाख से लेकर चमोली और किन्नौर से सटी चीन की सीमाओं पर चौकसी अधिकतम स्तर पर है। हेलिकॉप्टर से निगरानी की जा रही है तो लड़ाकू विमानों की परवाज के बीच तोपें तैनात की जा रही हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना के लिए रसद के साथ-साथ असलहे पहुंच रहे हैं।
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लेह लद्दाख: 

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैन्य जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है। अब लद्दाख के आसमान में तेज आवाज के साथ लड़ाकू विमान रोज उड़ान भर रहे हैं। युद्ध जैसे अंदेशे के बीच तैयारियां जारी हैं।


एलएसी पर चीन के साथ तनातनी की सूचनाओं के आदी हो चुके लद्दाखियों के लिए इस बार हालात बिल्कुल अलग हैं। संचार नेटवर्क कटे होने के बावजूद एलएसी से सटे दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीण शंकाओं के बीच अभी भी अपने माल-मवेशियों के साथ घरों में डटे हुए हैं। लद्दाख के लेह और कारगिल जिलों के अन्य इलाकों के बाशिंदे भी हर घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। गलवां की घटना के बाद लद्दाख के हालात तेजी से बदल रहे हैं। यहां सेना की मूवमेंट में भारी इजाफा हुआ है। उधर, लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के न्योमा, चुशुल और तंगसे निर्वाचन क्षेत्र के दर्जनों गांवों में तनाव है।

महिला सरपंच बढ़ा रहीं हौसला

गलवां घाटी के अलावा पैंगोंग झील की फिंगर 4 पर भी तनाव है। इसी से सटी मन पैंगोंग पंचायत की मुखिया देछिन महिला सरपंच हैं। इसी तरह से चुशुल की सरपंच सेरिंग डोलकर भी महिला सरपंच हैं। चुशुल के कार्यकारी पार्षद कोनचोक स्टैंजिन ने बताया कि तनाव के दौरान सरपंच अपने गांवों के लोगों का हौसला बढ़ाते हैं। इनमें महिला सरपंच भी शामिल हैं।

चमोली: 

चमोली से लगे सीमावर्ती क्षेत्र में भारी संख्या में जवानों की तैनाती कर दी गई है। सेना के वाहनों में खाद्यान्न सामग्री (रसद) भी सीमा क्षेत्र में पहुंचाई जा रही है। आईटीबीपी उत्तरी कमान के उच्चाधिकारी तीन दिन से सीमा क्षेत्र में डटे हैं। बाड़ाहोती का दौरा भी किया। सेना और आईटीबीपी के साथ ही खुफिया तंत्र अलर्ट है। लगातार सीमा क्षेत्र की घेराबंदी की जा रही है। शुक्रवार को चमोली जिले में आसमान में सेना के हेलीकॉप्टर भी काफी दिखे। सेना की ओर से पर्याप्त मात्रा में असलहे और तोपें भी सीमा क्षेत्र में पहुंचाई जा रही हैं।

किन्नौर: 

चीन के जवानों ने एलएसी के उस पार चीन की सीमा में तीन-चार टेंट लगा रखा है। भारतीय सेना भी एलएसी पर पूरी तरह से मुस्तैद है। भारत-तिब्बत सीमा के साथ सटे हिंदुस्तान के आखिरी गांव छितकुल में आईटीबीपी ने सुरक्षा के और पुख्ता प्रबंध किए हैं। यहां जवानों की संख्या बढ़ा दी गई है।

छितकुल गांव के लोगों ने खुद ही आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा लिया है। गांव के लोगों ने करीब एक किलोमीटर दूर बैरियर लगाकर ग्रामीणों की तैनाती भी कर दी है। बैरियर पर तैनात लोगों को वाहनों की तलाशी लेने के निर्देश दिए गए हैं और बाहरी क्षेत्रों से आने वाले अनजान लोगों को गांव में आने पर मनाही की गई है।

किन्नौर प्रशासन ने ग्रामीणों के सीमावर्ती इलाके  में जाने पर रोक लगा दी है। प्रशासन को चीन की सेना की चालबाजी और धोखे का डर है। आसपास के सभी गांवों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अफवाह फैलाने और सूचना देने वालों की छानबीन की जा रही है। एसपी ने सीमा क्षेत्र के साथ लगते गांव चांगो, शलखर, का, नाको और नमज्ञा गांव का दौरा किया और ग्रामीणों से बातचीत की।

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