Jagannath Rath Yatra 2020: धूमधाम से निकाली जा रही भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, पुरी के राजा ने लगाई सोने की झाड़ू

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुरी Published by: आसिम खान Updated Tue, 23 Jun 2020 03:51 PM IST
Jagannath Puri Rath Yatra 2020 Live News Updates Today in Hindi: Supreme Court granted permission to hold annual chariot festival this year amid COVID19 pandemic
Jagannath Rath Yatra 2020 - फोटो : ANI
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खास बातें

  • पुरी में धूमधाम से निकाली जा रही भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा
  • सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ दी है रथयात्रा निकालने की अनुमति
  • 500 से अधिक लोगों को रथ खींचने की अनुमति नहीं: सुप्रीम कोर्ट
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की बधाई
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लाइव अपडेट

03:51 PM, 23-Jun-2020

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किए

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के मौके पर रांची में जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किए।

03:44 PM, 23-Jun-2020

ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने देखा रथ यात्रा का लाइव प्रसारण

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भुवनेश्वर के अपने दफ्तर से जगन्नाथ रथ यात्रा का लाइव प्रसारण देखा। इसके साथ ही उन्होंने रथ यात्रा विशेष अंक के साथ राज्य सरकार की उत्कल प्रसंगा मैगज़ीन का भी विमोचन किया।
 
03:13 PM, 23-Jun-2020

हवा का रुख है उलटा

अक्सर समुद्री इलाकों में हवा का रुख दिन के समय समुद्र से धरती की तरफ होता है जब कि शाम को उसका रुख बदल जाता है वह धरती से समुद्र की ओर बहने लगती है लेकिन यहां भगवान जगन्नाथ की माया इसे उल्टा कर देती है और दिन में धरती से समुद्र की ओर व शाम को हवा समुद्र से मंदिर की ओर बहती है यानि धरती की ओर हवा का बहाव होता है।
03:02 PM, 23-Jun-2020

नहीं पड़ती है परछाई

विज्ञान के इस नियम को तो आप जरूर जानते ही होंगे कि जिस वस्तु पर भी रोशनी पड़ेगी उसकी छाया भले ही आकार में छोटी या बड़ी बने, बनेगी जरूर। लेकिन सृष्टि के पालनहार भगवान जगन्नाथ के मंदिर का ऊपरी हिस्सा विज्ञान के इस नियम को चुनौती देता है क्योंकि दिन के किसी भी समय इसकी परछाई नजर नहीं आती।
02:50 PM, 23-Jun-2020

मंदिर के ऊपर से नहीं उड़ता है कोई विमान और पक्षी

जगन्नाथ मंदिर की यह बात आपको आश्चर्य में डाल देगी कि मंदिर की गुम्बद के ऊपर से न तो कभी कोई विमान गुजरता है और न ही इसके ऊपर कभी कोई पक्षी बैठता या उड़ता हुआ नजर आता है।
02:12 PM, 23-Jun-2020

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में जगन्नाथ मंदिर में की पूजा

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज जगन्नाथ रथयात्रा के अवसर पर हौज खास में जगन्नाथ मंदिर का दौरा किया और पूजा की।
 

 
01:51 PM, 23-Jun-2020

अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर में रथ यात्रा का आयोजन

गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार की धार्मिक यात्रा को लेकर दायर याचिका रद्द किए जाने के बाद मंगलवार को भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर में ही प्रतीकात्मक तौर पर रथ यात्रा आयोजित की गई।
01:46 PM, 23-Jun-2020

ममता बनर्जी ने लोगों को दी जगन्नाथ रथ यात्रा की बधाई

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को लोगों को जगन्नाथ रथ यात्रा के शुभ अवसर पर बधाई दी।
01:33 PM, 23-Jun-2020

मंदिर के अंदर नहीं सुनाई देती लहरों की आवाज

यह भी किसी रहस्य से कम आपको नहीं लगेगा कि मंदिर के सिंहद्वार से एक कदम आप अंदर रखें तो आपको समुद्र की लहरों की आवाज नहीं सुनाई देगी। विशेषकर शाम के समय आप इस अद्भुत अनुभव को बहुत अच्छे से महसूस कर सकते हैं। लेकिन जैसे ही मंदिर से बाहर कदम निकाला कि आपको सपष्ट रूप से लहरों की आवाज सुनाई देगी
01:16 PM, 23-Jun-2020

रोजाना करीब 25000 से ज्यादा भक्त ग्रहण करते हैं प्रसाद

मंदिर के इस प्रसाद को रोजाना करीब 25000 से ज्यादा भक्त ग्रहण करते हैं। विशेष बात तो यह है कि यहां न तो प्रसाद बचता है और न ही कभी कम पड़ता है।
01:02 PM, 23-Jun-2020

मिटटी के बर्तनों में पकाया जाता है प्रसाद

इस रसोई में प्रसाद पकाने के लिए सात बर्तन एक दूसरे के ऊपर रखे जाते हैं। यह प्रसाद मिटटी के बर्तनों में लकड़ी पर ही पकाया जाता है, पर आश्चर्य की बात यह है कि इस दौरान सबसे ऊपर रखे बर्तन का पकवान सबसे पहले पकता है फिर नीचे की तरफ से एक के बाद एक प्रसाद पकता जाता है। 
12:57 PM, 23-Jun-2020

अनूठी है जगन्नाथ मंदिर की रसोई

श्री जगन्नाथ के मंदिर में स्थित रसोई दुनिया की सबसे बड़ी रसोई मानी जाती है। इसमें एक साथ 500 के करीब रसोइये और 300 के आस-पास सहयोगी भगवान के प्रसाद को तैयार करते हैं। मंदिर में प्रवेश से पहले दाईं तरफ आनंद बाजार और बाईं तरफ महा प्रभु श्री जगन्नाथ मंदिर की पवित्र और विशाल रसोई है। 
12:45 PM, 23-Jun-2020

सुदर्शन चक्र दिखता है सीधा

मंदिर के शिखर पर ही अष्टधातु निर्मित सुदर्शन चक्र है। इस चक्र को नील चक्र भी कहा जाता है और मान्यता के अनुसार इसके दर्शन करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसकी खास बात यह है कि यदि आप किसी भी कोने से खड़े होकर किसी भी दिशा से इस चक्र को देखेंगें तो वह हमेशा आपके सामने बिल्कुल सीधा ही नजर आएगा।
12:34 PM, 23-Jun-2020

हवा की विपरीत दिशा में लहराता है मंदिर का ध्वज

मंदिर के शिखर पर स्थित ध्वज हमेशा हवा की विपरीत दिशा में लहराता है। ऐसा क्यों होता है यह एक रहस्य ही बना हुआ है। एक और अद्भुत बात इस ध्वज से जुड़ी है वह यह कि इसे हर रोज बदला जाता है और बदलने वाला भी उल्टा चढ़कर ध्वजा तक पंहुचता है।
12:06 PM, 23-Jun-2020

अक्षय तृतीया से आरंभ हो जाता है नए रथों का निर्माण

  • बलराम के रथ का नाम ताल ध्वज और उंचाई 45 फुट होती है वहीं सुभद्रा का दर्पदलन रथ 44.6 फुट ऊंचा होता है। 
  • अक्षय तृतीया से नए रथों का निर्माण आरंभ हो जाता है। 
  • प्रतिवर्ष नए रथों का निर्माण किया जाता है। 
  • इन रथों को बनाने में किसी भी प्रकार के कील या अन्य किसी धातु का प्रयोग नहीं होता।
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