विज्ञापन

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को गुस्सा क्यों आता है, क्या ये वजह तो नहीं?

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 02 Dec 2019 06:19 PM IST
राज्यसभा में अमित शाह
राज्यसभा में अमित शाह - फोटो : ANI (File)
ख़बर सुनें
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को गुस्सा क्यों आता है, इस सवाल का उत्तर जानने के लिए न केवल सत्ता पक्ष, बल्कि विपक्ष भी बेचैन रहता है। सब लोग अपने-अपने तरीके से अंदाजा लगाते रहे हैं। इस बार अमित शाह ने खुद ही इस सवाल का जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि मेरा गुस्सा किसी पार्टी के खिलाफ या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। देश को व्यवस्थित और सुरक्षित करना गृह मंत्रालय का काम है। जहां भी अव्यवस्था और असुरक्षा है, तो वहां देश के गृहमंत्री को गुस्सा आना स्वाभाविक है। विपक्ष ने जब देश की संसद की क्षमता पर प्रश्न उठाया, तब मुझे गुस्सा आया। शाह ने कहा, देश के बहुत सारे लोग कश्मीर के लिए अपनी जान दे सकते हैं।

दायित्व का निर्वहन भी करना पड़ेगा

पिछले दिनों एक कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह ने यह बात कही थी। उनका कहना था कि यह नरेंद्र मोदी सरकार है, सभी को अपना अधिकार भी मिलेगा, मगर उन्हें दायित्व का निर्वहन भी करना पड़ेगा है। देश की इच्छा थी कि धारा 370 हटनी चाहिए, देश के प्रधानमंत्री ने उचित समय पर फैसला लिया। गृहमंत्री होने के नाते मैंने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उसे कार्यान्वित किया है। विपक्षी पार्टियां ठोस मुद्दे पर बहस करें।
विज्ञापन
उनका कहना था कि लेकिन वे कभी सेना की क्षमता पर सवाल उठाने लगते हैं, तो कभी कोई ऐसा बयान दे देते हैं, जिससे पड़ोसी देश को ऊर्जा मिल जाती है। हम किसी से कोई झगड़ा नहीं चाहते, किंतु भारत की सीमाओं के अंदर किसी भी संस्था को आतंकवाद बढ़ाने की छूट नहीं दी जाएगी। विपक्ष को जनता के बीच जाकर अनुच्छेद 370 पर अपना मत बताना चाहिए। अयोध्या मुद्दे पर देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले का क्रियान्वयन हमारा दायित्व है और हम इसका निर्वहन करेंगे। पूरे भारत के अंदर सिटीजन रजिस्टर बनेगा और बनकर रहेगा।

अनुच्छेद 370 पर अपना साफ करे विपक्ष

अमित शाह का कहना था कि संसद के अंदर सभी को चर्चा का अधिकार है, किंतु अनुच्छेद 370 पर खुलकर समर्थन में आने का हौसला कोई नहीं रखता। विपक्ष को जनता के बीच जाकर अपना मत साफ करना चाहिए कि वह अनुच्छेद 370 के समर्थन में है या विरोध में। अनुच्छेद 370, जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी का पहला एजेंडा था। हमारी पार्टी मानती है कि ये देश की सुरक्षा के लिए ठीक नहीं था। एक देश में दो संविधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं होने चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के हर कार्यकर्ता और देश के बहुत से लोगों की इच्छा थी कि अनुच्छेद 370 हटना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को पता है कि हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान पूरे देश में आतंकवाद फैलाने का षड्यंत्र करता रहा है, किंतु देश के अन्य हिस्सों में वह सफल नहीं होता है। कश्मीर में एक समय तक वह सफल हुआ, तो उसका कारण था कि अनुच्छेद 370 और धारा 35 ए। जिसके चलते वहां के लोगों को गुमराह किया गया। स्थानीय युवाओं के हाथ में हथियार पकड़ाए गए। अनुच्छेद 370 को समाप्त कर पाकिस्तान के दुष्प्रचार को खत्म करना आवश्यक था, इसलिए पांच अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को खत्म करने की अच्छी शुरुआत की।
 
विज्ञापन

Recommended

त्योहारों के मौसम में ऐसे बढ़ाएं रिश्तों में मिठास
Dholpur Fresh (Advertorial)

त्योहारों के मौसम में ऐसे बढ़ाएं रिश्तों में मिठास

मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020
Astrology Services

मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020

विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

India News

CAA पर तुरंत रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, केंद्र को जवाब देने के लिए 4 हफ्ते का समय

नागरिकता संशोधन एक्ट की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। साथ ही केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए 4 हफ्ते का वक्त दिया है। देखिए रिपोर्ट

22 जनवरी 2020

विज्ञापन

धर्मेंद्र को याद आईं मां, सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर कर हुए भावुक

धर्मेंद्र लंबे समय से फिल्मों से दूर हैं। बड़े पर्दे से दूर होने के बावजूद धर्मेंद्र अपने फैंस से सोशल मीडिया के जरिए जुड़े रहते हैं और अपनी जिंदगी की कुछ यादें अक्सर साझा करते रहे हैं।

22 जनवरी 2020

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election
  • Downloads

Follow Us