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Gujarat Election: 20 लाख रोजगार से सस्ता तेल और चना तक, 10 बिंदुओं में जानें भाजपा के चुनावी वादों के मायने

इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sat, 26 Nov 2022 02:30 PM IST
सार

भाजपा के संकल्प पत्र में रोजगार से लेकर महिलाओं, युवाओं और बच्चों तक के लिए वादे किए गए हैं। आदिवासी समाज, अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़े वर्ग के लिए भी वादों की बौछार लगाई गई है। किसान, कामगार, पशुपालकों के लिए भी कई तरह की घोषणाएं की गईं हैं। 

गुजरात विधानसभा चुनाव 2022
गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जेपी नड्डा ने इसे लॉन्च किया। इस संकल्प पत्र में रोजगार से लेकर महिलाओं, युवाओं और बच्चों तक के लिए वादे किए गए हैं। आदिवासी समाज, अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़े वर्ग के लिए भी वादों की बौछार लगाई गई है। किसान, कामगार, पशुपालकों के लिए भी कई तरह के वादे किए गए हैं। आइए जानते हैं कि इन वादों के सियासी मायने क्या हैं? आम आदमी पार्टी और कांग्रेस से कितना अलग है ये घोषणा पत्र? 

 

1. 20 लाख रोजगार, एक लाख महिला महिलाओं के लिए: भाजपा का सबसे बड़ा वादा रोजगार को लेकर किया गया है। पार्टी के संकल्प पत्र में कहा गया है कि अगले पांच साल के अंदर गुजरात के 20 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे। इनमें अकेले एक लाख रोजगार महिलाओं के लिए होंगे। ये रोजगार सभी तरह के सेक्टर में होंगे। पिछले कुछ समय से विपक्ष लगातार बेरोजगरी को मुद्दा बना रहा है। वहीं, कांग्रेस ने 10 लाख रोजगार का वादा किया है। इसके अलावा संविदा नौकरियों को खत्म करके पहले से कार्य कर रहे कर्मचारियों को स्थायी करने का भी वादा किया है। 
 
 

2. किसानों के लिए क्या?: घोषणा पत्र में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर कोष के तहत दस हजार करोड़ रुपये खर्च करने का एलान किया गया है। इसमें कृषि से संबंधित उपकरण व सुविधाएं किसानों तक पहुंचाने का वादा किया गया है। इसके अलावा 25 हजार करोड़ रुपये खर्च करके सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने का भी एलान किया है। पिछले कुछ समय से राज्य के किसान सरकार से नाराज बताए जा रहे थे। ऐसे में इन वादों के लिए भाजपा ने उनका दिल जीतने की उम्मीद होगी। 
 
 

3. पशु पालकों के लिए क्या है वादा?: 500 करोड़ के अतिरिक्त बजट से प्रदेश में गौशालाओं को मजबूत किया करने का वादा है। एक हजार अतिरिक्त मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां स्थापित करने का वादा भी घोषणा पत्र में है। पिछले दिनों राज्य सरकार की नीतियों से नाराज दुग्ध उत्पादक हड़ताल पर चले गए थे। ऐसे में माना जा रहा है कि इन योजनाओं के जरिए भाजपा उनकी नाराजगी को दूर करने की उम्मीद कर रही है।  
 
 

4. मछली पालकों के लिए : भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में राज्य में दो सी फूड पार्क विकसित करने का एलान किया है। इसमें एक सौराष्ट्र में होगा, जबकि दूसरा दक्षिण गुजरात में होगा। इसके अलावा भारत का पहला ब्लू इकॉनमी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने और मछली पकड़ने से संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने का भी वादा किया गया है। इसके जरिए भाजपा ने मछली का कारोबार करने वाले पांच लाख से ज्यादा परिवार को साधने की कोशिश की है।  
 
 

5. स्वास्थ्य के लिए: संकल्प पत्र में वादा किया गया है कि प्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत गरीब वर्ग को अब पांच लाख के बजाय दस लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल जाएगा। वहीं, ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत भी अब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों और सूचीबद्ध प्रयोगशालाओं में जांच की सुविधा फ्री हो जाएगी। इसके लिए 110 करोड़ रुपये के साथ मुख्यमंत्री नि:शुल्क निदान योजना शुरू की जाएगी। आठ मेडिकल कॉलेज, 10 नर्सिंग, पैरा मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का भी वादा किया गया है। खासतौर पर आदिवासी क्षेत्रों में।

इसके अलावा तीन मेडिसिटिज विकसित करने का वादा संकल्प पत्र में है। दो एम्स ग्रेड संस्थान भी स्थापित करने का वादा किया गया है।  स्वास्थ्य सुविधाओं में बुनियादी ढांचे को बेहतर करने के लिए दस हजार करोड़ रुपये का विशेष बजट तैयार करने की बात भी इस संकल्प पत्र में है। कांग्रेस ने भी दस लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की घोषणा की है। 
 
 

6. स्कूल-कॉलेज के छात्रों के लिए क्या-क्या वादे हुए?: अगले पांच साल में दस हजार करोड़ रुपये के बजट के साथ राज्य के 20 हजार सरकारी स्कूलों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के तहत विकसित करने का वादा किया गया है। इसमें बच्चों को अत्याधुनिक शिक्षा मिलेगी। संकल्प पत्र में कहा गया है कि नए स्कूलों की शुरुआत और मौजूदा कॉलेजों के कायाकल्प के लिए एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हरित ऊर्जा, सेमीकंडक्टर्स, फिनटेक और एयरोस्पेस के क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में आईआईटी की तर्ज पर चार गुजरात प्रौद्योगिकी संस्थान स्थापित करने का वादा भी भाजपा के संकल्प पत्र में है। 

75 हजार मेधावी आदिवासी छात्रों को अच्छी शिक्षा देने के लिए 25 बिरसा मुंडा ज्ञान शक्ति आवासीय विद्यालय स्थापित करने का वादा भी किया गया है। केजी से पीजी तक सभी छात्राओं को मुफ्त शिक्षा, भारत में एनआईआरएफ शीर्ष रैंकिंग संस्थान या उच्च शिक्षा के लिए शीर्ष रैंकिंग वाले विश्व संस्थान में दाखिला लेने पर ओबीसी, एसटी, एससी, ईडब्ल्यूएस छात्रों को 50 हजार रुपये का विशेष प्रोत्साहन अनुदान का वादा किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की मेधावी छात्राओं को मुफ्त इलेक्ट्रिक स्कूटी दी जाएगी। इन वादों के लिए भाजपा ने प्रदेश के एक करोड़ से ज्यादा युवाओं को साधने की कोशिश की है। 
 
 

7. गरीबों के लिए क्या हैं वादे?  : साल में चार बार एक लीटर खाद्य तेल, एक किलो चना सब्सिडी के तहत सस्ते दाम पर उपलब्ध कराने का वादा किया गया है। 56 जनजातीय उपयोजना तालुकों में राशन की मोबाइल डिलीवरी शुरू करने का वादा भी किया गया है। हर नागरिक के पास पक्का घर हो इसके लिए पीएम आवास योजना के कार्यान्वयन को 100 प्रतिशत सुनिश्चित कराने का वादा किया गया है। मजदूरों को दो लाख तक का श्रमिक क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा। एक परिवार कार्ड की शुरुआत की भी बात इस संकल्प पत्र में है। इसके माध्यम से सभी परिवार तक हर सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने की बात कही गई है। 
 
 

8. आदिवासी वर्ग के लिए क्या-क्या वादे हुए? : आदिवासियों के सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए वनबंधु कल्याण योजना 2.0 के तहत एक लाख करोड़ रुपये खर्च करने का वादा किया गया है। हर आदिवासी जिले के मुख्यालय को 4 और 6 लेन राज्य राजमार्ग से जोड़ने का वादा भी संकल्प पत्र में है। पाल दधवाव और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को शबरी धाम से जोड़ने के लिए आदिवासी सांस्कृतिक सर्किट का निर्माण करने की बात कही गई है। आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए आदिवासी इलाकों में आठ जीआईडीसी स्थापित करने का वादा किया गया है। 
 
 

9. खेल के लिए क्या वादे हुए? : 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने के उद्देश्य से गुजरात ओलंपिक मिशन की शुरुआत होगी। इसके लिए विश्व स्तरीय खेल बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। 
 
 

10. समान नागरिक कानून, आतंकियों पर भी शिंकजा : भाजपा ने राज्य में समान नागरिक संहिता समिति की सिफारिशों को लागू करने का वादा किया है। इसके अलावा आतंकवाद को खत्म करने और भारत में रह रहे स्लीपर सेल की पहचान करने के उद्देश्य से एक एंटी रेडिकलाइजेशन सेल बनाने का भी एलान किया गया है। 
 
 

भाजपा के चुनावी वादों का क्या है मतलब? 
इसके समझने के लिए हमने गुजरात के वरिष्ठ पत्रकार वीरांग भट्ट से बात की। उन्होंने कहा, 'भाजपा ने अपने इन वादों से हर वर्ग को छूने की कोशिश की है। आदिवासी, एससी-एसटी वर्ग, ओबीसी वर्ग से लेकर गरीब सवर्णों तक को कई फायदा देने का वादा कर दिया है। इन वादों के जरिए भाजपा ने कांग्रेस और आप के वादों की काट निकालने की भी कोशिश की है। हालांकि, ये भी देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की कई मुफ्त योजनाओं के वादों का जनता पर कितना असर पड़ता है।'
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