विज्ञापन
विज्ञापन

गुजरात के फैसले पर नरम पड़े गडकरी, बोले- जुर्माने का मकसद जान बचाना, राज्य चाहें तो घटा सकते हैं

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Thu, 12 Sep 2019 05:14 AM IST
nitin gadkari
nitin gadkari
ख़बर सुनें

खास बातें

  • परिवहन मंत्री ने कहा, जुर्माने का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना नहीं, लोग नियमों का पालन करें
  • कहा- अगर लोग परिवहन नियमों का पालन करेंगे तो उन्हें कोई रकम देने की जरूरत नहीं है
  • वित्त मंत्री के बयान पर किया सवाल तो बोले-झगड़ा लगाने के लिए ऐसा ऐसा मत करिएगा
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा, नए मोटर वाहन कानूनों के तहत भारी-भरकम जुर्माने को कम करने वाले राज्यों से उन्हें कोई समस्या नहीं है। यह उनका हक है। जुर्माने की रकम बढ़ाने का फैसला लोगों की जान बचाने के लिए लिया गया है। राज्य सरकार चाहें तो जुर्माना घटाने का फैसला कर सकती है। यह उन पर निर्भर करता है। गडकरी का बयान उस वक्त आया है, जब एक दिन पहले ही गुजरात सरकार ने जुर्माने की रकम घटाने का फैसला किया था।
विज्ञापन
दिल्ली में एक कार्यक्रम में भारी भरकम चालान के बारे में पूछे जाने पर गडकरी ने कहा, यह कोई राजस्व स्कीम नहीं है। अगर राज्य सरकार इसे काम करना चाहती है तो करे। लेकिन, क्या यह सच नहीं है कि लोगों ने कभी कानून को नहीं माना और न ही इसको लेकर खौफ रहा है।

गडकरी ने कहा, जुर्माने का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना नहीं है। हम लोगों से कोई जुर्माना नहीं वसूलना चाहते हैं। हम सड़क सफर को सुरक्षित बनाना चाहते हैं। अगर लोग परिवहन नियमों का पालन करेंगे तो उन्हें कोई रकम देने की जरूरत नहीं है। 

जब गडकरी बोले, झगड़ा मत लगाइए
दरअसल गडकरी से सीतारमण के बयान को लेकर जब सवाल पूछा गया तो उन्होेंने कहा, मैं समझता हूं कि आपने जो सवाल मुझसे पूछा है वह विवाद खड़ा करने के लिए तो नहीं पूछा। अगर आप झगड़ा लगाने के लिए ऐसा कर रहे हैं तो ऐसा मत करिएगा।

युवाओं की जिंदगी को सुरक्षित बनाने की कोशिश
गडकरी ने कहा, हर साल सड़क दुर्घटना में 1.5 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। इसमें से 65 फीसदी की उम्र 18 से 35 साल के बीच है। हर साल 2-3 लाख लोग सड़क हादसों में दुर्घटना के चलते दिव्यांग हो रहे हैं। हम युवाओं की जान की कीमत समझते हैं और उनके जीवन को सुरक्षित बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

कानून के डर के लिए जरूरी था ऐसा जुर्माना
परिवहन मंत्री ने नए कानून को लागू करने का बचाव करते हुए कहा, सख्त कानून की जरूरत इसलिए थी, क्योंकि लोग यातायात नियमों को बेहद हल्के तौर पर लेते थे। उनके जेहन में न तो कानून के प्रति खौफ था और न ही आदर।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

ओला-उबर पर वित्त मंत्री का किया बचाव

विज्ञापन

Recommended

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार ही है कॉमकॉन 2019 की चर्चा का प्रमुख विषय
Invertis university

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार ही है कॉमकॉन 2019 की चर्चा का प्रमुख विषय

सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर
Astrology Services

सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

India News

अमेरिका दौरे से पहले बोले प्रधानमंत्री मोदी, दोनों देशों के संबंधों में आएगी मजबूती

अपने अमेरिका दौरे के लिए रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और अमेरिका के संबंध और मजबूत होने की बात कही।

20 सितंबर 2019

विज्ञापन

MP कांग्रेस की बड़ी चूक, बैनर पर 'मध्यदेश' लिखने पर शिवराज की चुटकी तो सोशल मीडिया पर हो रही फजीहत

भोपाल में कांग्रेस की बैठक हो रही थी। इसी दौरान मंच पर लगे बैनर में एक बड़ी चूक पर नजर गई। जहां मध्यप्रदेश की जगह उसे 'मध्यदेश' लिख दिया गया।

20 सितंबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree