लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

विज्ञापन
Hindi News ›   India News ›   Fraud happening in the name of job with unemployed youth

Fraud Alert: बंपर बेरोजगारी के दौर में फ्रॉड काट रहे चांदी, झांसे में लेकर उगाह लेते हैं युवाओं से पैसा

Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Wed, 07 Dec 2022 08:29 PM IST
सार

दिल्ली पुलिस के एक एसएचओ का कहना है कि उनके पास आए दिन इस तरह की शिकायतें आती रहती हैं। मेरा लोगों से केवल इतना कहना है कि सावधान रहें, सतर्क रहें। ऐसे लोगों के झांसे में न आएं।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock

विस्तार

सर! मेरा नाम नेहा (बदला नाम) है। केडीएस नाम की प्लेसमेंट कंपनी में आजादपुर इंटरव्यू देकर आई हूं। उसने पहले पांच हजार रूपये ले लिए और फिर आई कार्ड आदि के नाम पर 7000 रुपये और ले लिए। 12000 रुपये देने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। यह समस्या केवल नेहा की नहीं है। जेपी तिवारी का बेटा भी इसी तरह 15000 रुपये का भुगतान करने के बाद ठगा सा घर बैठा है।



दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद में ऐसे तमाम फ्रॉड लुटेरों की भरमार है। इस बारे में दिल्ली पुलिस के एक एसएचओ का कहना है कि उनके पास आए दिन इस तरह की शिकायतें आती रहती हैं। मेरा लोगों से केवल इतना कहना है कि सावधान रहें, सतर्क रहें। ऐसे लोगों के झांसे में न आएं।


कैसे चलता है नौकरी के नाम पर ठगी का धंधा?
पहले आप दो नंबर नोट कर लीजिए। दोनों नंबर नेहा से मिले। पहला नंबर है -  09650948659। इस नंबर पर जान्हवी मिली। जान्हवी ने कहा कि वह मल्टीपल जॉब पोर्टल से बोल रही हैं। यहां के एचआर का काम देख रही हैं। थोड़ा पूछताछ करने पर जान्हवी ने फोन अपने साथी अभिजीत को पकड़ा दिया। इससे पहले जान्हवी ने बताया कि उन्होंने नौकरी के बारे में नेहा के माता-पिता से बात करके उन्हें संतुष्ट कर दिया है। अभिजीत के पास किसी सवाल का कोई जवाब नहीं है।

अभिजीत यह भी नहीं बता सके कि उन्होंने इंटरव्यू लेने के लिए 5000 रुपये क्यों जमा कराए। इंटरव्यू में पास किया और आई कार्ड के नाम पर 7000 रुपये क्यों ले लिए। अभिजीत के हर जवाब गोलमोल वाले रहे। नेहा ने बताया कि इस नौकरी की एजेंसी को सिद्धार्थ नाम का व्यक्ति चला रहा है। जिसका फोन नंबर 8871065891 है। सिद्धार्थ को कई बार फोन करने पर भी उन्होंने अपना फोन नहीं उठाया। दिलचस्प यह भी है कि अमर उजाला की तरफ से इसकी तहकीकात करने के बाद सिद्धार्थ, जान्हवी और अभिजीत ने विभिन्न नंबरों से नेहा को फोन करके उन पर दबाव भी बनाने की कोशिश की कि वह मीडिया में क्यों जा रही है। अब उसे नौकरी मिलना भी मुश्किल होगा।

भोले भाले युवक-युवतियों को फंसाते हैं अपने जाल में
नेहा के पिता रनेश निश्चल की सुनिए। नरेश बताते हैं कि उनकी बेटी ने विज्ञापन देखा। वह कई महीनों से बेरोजगार घर बैठी है। नौकरी की लालच में दिए पते पर दिल्ली में आजादपुर के पास चली गई। वहां एक अच्छा चमकता, सुंदर दफ्तर मिला। रिसेप्शन पर बैठी युवती ने पूरा विवरण नोट किया। इसके बाद बैठने के लिए कहा। थोड़ी देर में नेहा के नाम की पुकार हुई। अंदर जाने के पहले नेहा को बताया गया कि जानी मानी कंप्यूटर कंपनी आईबीएम को 10+2 पास युवाओं की जरूरत है।


विज्ञापन



इसके इंटरव्यू में शामिल होने के लिए पहले 5000 रुपये जमा करना होगा। पास होने के बाद आगे नौकरी मिलेगी और पैसे कंपनी जमा कर लेगी। फेल होने पर 5000 रुपये वापस कर दिए जाएंगे। नेहा के मुताबिक उसने 5000 रुपये जमा कराए और इंटरव्यू दिया। इंटरव्यू में पास घोषित कर दी गई। इसके बाद 7000 रुपये की मांग की गई। यह 7000 रुपया आई कार्ड, कंपनी का लोगो, इम्प्लाई कोड आदि देने के लिए मांगा गया। इसके बाद नेहा को जल्द ज्वाइनिंग की तारीख समेत सभी जानकारी उपलब्ध करा देने के लिए कहा गया। नेहा घर लौट आई।

एक सप्ताह बाद उसने दिए नंबरों पर फोन किया तो उसे एक महीने बाद 11 नंबर को आईबीएम कंपनी में जाकर ज्वाइन करने के लिए कहा गया। यह भी बताया गया कि 11 नवंबर से तीन दिन पहले उसके ई-मेल और दिए पते पर ज्वाइनिंग लेटर समेत सभी आवश्यक चीजें पहुंच जाएंगी। नेहा तब से रोजगार का अवसर मिलने का इंतजार कर रही है। नेहा की कहानी सुनने के बाद चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी जेपी तिवारी ने भी अपनी व्यथा बताई। उनका बेटा भी इसी तरह से छह महीने पहले 15 हजार रुपये का भुगतान कर चुका है।

बंपर बेरोजगारी में लुट पिटकर मारा मारा फिर रहा युवा
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के पिछले महीने जारी आंकड़ों पर गौर करें तो देश बंपर बेरोजगारी के दौर से गुजर रहा है। अगस्त 2022 में भारत की बेरोजगारी दर 8.3 प्रतिशत थी। सितंबर महीने में ग्रामीण क्षेत्र में बेरोजगारी दर 5.84  थी। अक्टूबर में यह फिर बढ़कर 8.04 प्रतिशत हो गई। अगस्त में यह 7.68 प्रतिशत थी। जबकि शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर सितंबर में 7.70 प्रतिशत की रही और अगस्त में यह 9.57 प्रतिशत थी। अक्टूबर में घटकर 7.21 प्रतिशत हो गई। सीएमआईई के आंकड़े दो संकेत कर रहे हैं। पहला तो यह कि अगस्त की तुलना में सितंबर में बेरोजगारी कुछ कम हुई। दूसरा बेरोजगारों की संख्या कम होने का अर्थ है कि अर्थव्यवस्था में सुधार का संकेत मिल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें