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बढ़ती महंगाई पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लिया फैसला, जल्द लागू होगा मसाला बांड

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 14 Sep 2018 09:49 PM IST
Finance Minister Arun Jaitley decision on rising inflation, will be implemented soon
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बड़ा एलान करते हुए इंफ्रास्ट्रक्टर लोन की शर्तों पर विचार करने की बात कही है। उन्होंने देश भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर ये बात कही। उन्होंने कहा है 2018-19 में मसाला बांड के संबंध में अहम फैसले लिए गए। जिससे तेल समेत बाकी सामानों की बढ़ती कीमतों पर जल्द लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। बता दें कि मसाला बांड भारतीय रुपए में विदेशों में जारी किया जाने वाला बांड हैं, जिसे भारतीय कंपनियां विदेशी निवेश के लिए जारी करती हैं। इस बांड का नाम ट्रेडिश्नल तरीके से भारतीय मसालों पर रखा गया है। 
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जेटली ने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) कॉर्पोरेट बांड पोर्टफोलियो के 20% की एक्सपोजर सीमा को हटाने के लिए एक कॉर्पोरेट समूह को समीक्षा की जाएगी। बुनियादी ढांचे ऋण के लिए अनिवार्य हेजिंग स्थितियों की समीक्षा की जाएगी ताकि निर्माण क्षेत्र की इकाइयों को 50 मिलियन तक बाहरी वाणिज्यिक उधार लेने के लिए 1 वर्ष की न्यूनतम परिपक्वता के साथ अनुमति दी जा सके।
 
अन्होंने अपनी बात में ये भी कहा कि दुनिया के अन्य देशों की तुलना में हमारी विकास दर काफी अधिक है। हमारे देश में मुद्रास्फीति एक सीमा में रहती है और यह सीमा मध्यम है। उन्होंने जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बैठक आयोजित की जिसमें आरबीआई के गवर्नर और उप गवर्नर, वित्त मंत्रालय और पीएमओ के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में आरबीआई ने विश्व की अर्थव्यवस्था और बाहरी कारकों की स्थिति के बारे में एक विस्तृत प्रस्तुति दी जो भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने आगे कहा कि सीएडी (चालू खाता घाटा) का विस्तार करने के मुद्दे को हल करने के लिए सरकार गैर-आवश्यक आयात को कम करने और निर्यात में वृद्धि के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

सरल शब्दों में हम कह सकते हैं कि विदेशी पूंजी बाजार में निवेश के लिए भारतीय रुपए में जारी किया जाने वाला बांड, मसाला बांड है। इससे पहले भारतीय कंपनियां इंटरनेशनल मार्केट में निवेश के लिए जो बांड जारी करती थी, वह डॉलर में होता था। जिसके मूल्य में उतार-चढ़ाव से होने वाला नुकसान भारतीय कंपनी को उठाना पड़ता था।

जेटली ने देश की अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए इसकी खूबियां गिनाईं। उन्होंने दूसरे देशों की तुलना में भारत की विकास दर ज्यादा होने की बात कहते हुए कोई चिंता न होने की बात कही। बढ़ते कच्चे तेल की कीमतों पर उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वजहों से देश में तेल महंगा हुआ है। सरकार अपनी नीतियों से इसका सामना करेगी। 

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