मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा चुनाव आयोग, सोमवार को होगी सुनवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 01 May 2021 09:02 PM IST

सार

मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा था कि इस लापरवाह रवैये के लिए आपके अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। इस मामले पर सोमवार को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच इस याचिका पर सुनवाई करेगी। 
चुनाव आयोग
चुनाव आयोग - फोटो : social media
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विस्तार

मद्रास हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों के खिलाफ चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आयोग ने एक याचिका दाखिल की है जिसमें मद्रास हाईकोर्ट की अपमानजनक टिप्पणी को हटाने की मांग की गई है। चुनाव आयोग ने याचिका में कहा है कि हाईकोर्ट खुद एक संवैधानिक एवं स्वतंत्र संस्था है जबकि चुनाव आयोग भी संवैधानिक संस्था है, इसलिए हाईकोर्ट की इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी से हमारी छवि खराब हुई है। अब इस याचिका पर सोमवार को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई करेगी। 
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बता दें कि 26 अप्रैल को एक सुनवाई के दौरान मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था कि देश में कोरोना की दूसरी लहर का जिम्मेदार कोई और नहीं, आपकी संस्था है, चुनाव आयोग है। कोर्ट ने आरोप लगाते हुए कहा था कि इस लापरवाह रवैये के लिए आपके अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। यह बात कठोर भले लगे, लेकिन गलत नहीं लगती। हाईकोर्ट ने कहा था कि जब एक नागरिक जिंदा रहेगा तभी जाकर वो उन अधिकारों का इस्तेमाल कर पाएगा, जो उसे एक लोकतंत्र में मिलते हैं।


आयोग के वकील अमित शर्मा ने कहा कि हमने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की है। निर्वाचन आयोग ने याचिका में कहा है कि मद्रास उच्च न्यायालय की ऐसी टिप्पणी से आयोग की छवि धूमिल होती है। मद्रास उच्च न्यायालय ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि चार राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव के दौरान कोविड-19 नियमों का अनुपालन कराने में असफल निर्वाचन आयोग के अधिकारियों पर संभवत: हत्या का मुकदमा चलना चाहिए।

चुनाव नतीजों को लेकर जश्न, आतिशबाजी पर मद्रास और केरल हाईकोर्ट ने लगाई रोक

मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार तमिलनाडु में नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर वे विधानसभा चुनावों के नतीजों की दो मई को घोषणा के बाद जश्न मनाने या पटाखे फोड़ने से परहेज करें।

वहीं केरल उच्च न्यायालय ने भी राज्य में दो मई को होने वाली मतगणना को देखते हुए पुलिस और विभिन्न जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि एक मई से चार दिनों तक राज्य में कहीं लोगों की भीड़ न जुटे।

नेताओं को अपने कार्यकर्ताओं पर नियंत्रण रखना चाहिए : मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा कि नेताओं को अपने कार्यकर्ताओं व समर्थकों को नियंत्रण में रखना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिल कुमार रामामूर्ति की प्रथम पीठ ने कहा कि महामारी की मौजूदा गंभीर स्थिति में जब तक कमी नहीं आती तब तक कोई जश्न, पटाखे फोड़ना या रैलियां नहीं होंगी।

उन्हें सक्रियता से कदम उठाकर दूसरे के लिए उदाहरण बनना चाहिए। अदालत ने दो मई को होने वाली मतगणना के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग और निर्वाचन आयोग द्वारा किये गए इंतजामों पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए यह बात कही।

जुलूस या परेड न निकाली जाए : केरल हाईकोर्ट

केरल उच्च न्यायालय ने मतगणना के बाद राजनीतिक दलों विजय जुलूस पर पर भी प्रतिबंध लगा दिया है और कोविड-19 दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन ने पुलिस और जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया कि कोई सामाजिक या राजनीतिक आयोजन, सभा, किसी तरह की जुलूस या परेड न निकाली जाए।
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