लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

विज्ञापन
Hindi News ›   India News ›   Dimple vs Raghuraj in Mainpuri by-election, know how big a challenge both are for each other?

Mainpuri By Election: मैनपुरी उपचुनाव में डिंपल बनाम रघुराज, जानें दोनों एक-दूसरे के लिए कितनी बड़ी चुनौती?

Himanshu Mishra हिमांशु मिश्रा
Updated Mon, 05 Dec 2022 12:32 AM IST
सार

गुजरात चुनाव के बाद अगर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है तो वह है मैनपुरी लोकसभा सीट की। उपचुनाव में यहां से मुलायम सिंह यादव की बहू और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने ताल ठोका है। डिंपल के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने रघुराज सिंह शाक्य मैदान में हैं। 

मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव
मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के साथ ही आज यानी सोमवार को पांच राज्यों की छह विधानसभा सीटों और उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट पर भी मतदान होना है। जिन पांच राज्यों के विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है उनमें उत्तर प्रदेश की रामपुर सदर और खतौली, ओडिशा की पदमपुर, राजस्थान की सरदारशहर, बिहार की कुरहनी और छत्तीसगढ़ की भानुप्रतापपुर विधानसभा सीटें शामिल हैं। 


हालांकि, गुजरात चुनाव के बाद अगर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है तो वह है मैनपुरी लोकसभा सीट की। उपचुनाव में यहां से मुलायम सिंह यादव की बहू और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने ताल ठोका है। डिंपल के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने रघुराज सिंह शाक्य को उम्मीदवार बनाया है। रघुराज सिंह शाक्य का नाम इसलिए जरूरी है क्योंकि वह अखिलेश के चाचा और इटावा से विधायक शिवपाल सिंह यादव के काफी करीबी रहे हैं। 


फरवरी तक वह शिवपाल यादव की पार्टी में थे। शिवपाल और अखिलेश में समझौता होने के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। आइए जानते हैं रघुराज शाक्य के बारे में सबकुछ। यादव परिवार से शाक्य के क्या रिश्ते हैं? मैनपुरी में शाक्य और डिंपल यादव एक-दूसरे के लिए कितनी बड़ी चुनौती बन सकते हैं?

पहले रघुराज सिंह शाक्य के बारे में जान लीजिए
रघुराज सिंह शाक्य को शिवपाल सिंह याादव का काफी करीबी माना जाता था। 1999 और 2004 में वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर इटावा लोकसभा सीट से सांसद चुने जा चुके हैं। 2004 में सपा ने इटावा लोकसभा से शाक्य को प्रत्याशी बनाया था, तब उन्हें 367,807 वोट मिले थे। 2009 में फतेहपुर सीकरी से शाक्य को सपा ने टिकट दिया था। हालांकि, तब वह चौथे नंबर पर रहे थे। 2012 में इटावा विधानसभा से टिकट मिला और शाक्य चुनाव जीत गए। 

2017 में जब शिवपाल सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच अनबन शुरू हुई तो शाक्य भी शिवपाल के साथ प्रगतिशील समाज पार्टी में आ गए। इस बार 2022 का विधानसभा चुनाव प्रसपा-सपा गठबंधन से लड़ने की तैयारी में थे। उन्हें भरोसा भी दिया गया था कि इटावा से उन्हें टिकट दिया जाएगा, लेकिन आखिरी वक्त में  सपा ने वहां से सर्वेश शाक्य को मैदान में उतार दिया। सर्वेश पूर्व सांसद रामसिंह शाक्य के बेटे हैं। इससे नाराज रघुराज ने आठ फरवरी 2022 को प्रसपा छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।   
 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00