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एक्सक्लूसिव: ग्राहक अब मालिक होंगे, लाचार नहीं, उपभोक्ता संरक्षण विधेयक 2019 पर बोले केंद्रीय मंत्री

शिशिर चौरसिया, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 19 Aug 2019 03:59 AM IST
ram vilas paswan
ram vilas paswan - फोटो : Getty Images
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खास बातें

  • उपभोक्ता संरक्षण कानून 1986 के स्थान पर उपभोक्ता संरक्षण विधेयक 2019 को मंजूरी दी गई
  • मंत्री बोले- हमें छह महीने का समय मिला है, लेकिन इसे तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा
  • उपभोक्ता अदालतों में लाखों मामले लंबित हैं, खाली पदों को भर कर जल्द निबटाया जाएगा
विकसित देशों की तरह भारत के ग्राहकों के पास भी अधिकार हों, इसके लिए संसद ने इसी महीने उपभोक्ता संरक्षण कानून 1986 के स्थान पर उपभोक्ता संरक्षण विधेयक 2019 को मंजूरी दी थी। इसमें मिलावट और भ्रामक विज्ञापनों के लिए जेल भेजने सहित कठोर दंड का प्रावधान है। नया कानून कैसे ग्राहकों को अधिकार संपन्न बनाएगा, इस पर अमर उजाला के शिशिर चौरसिया ने केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान से बात की। पेश है बातचीत के अंश:
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प्रश्न- ऐसा कहा जा रहा है कि अब ग्राहक बिना समान खरीदे भी शिकायत कर सकेंगे। ऐसा कैसे संभव होगा?

उत्तर- देखिए, अभी तक क्या होता है कि किसी सामान की शिकायत करनी हो तो पहले उसे खरीदिए। नया कानून ग्राहकों को अधिकार देता है कि वह बिना खरीदे भी किसी सामान की शिकायत कर सकता है। अक्सर देखा गया है कि कंपनियां अपने उत्पाद के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर विज्ञापन करती हैं। आपको पता चल गया कि उसमें वैसी खूबी नहीं है तो बिना सामान खरीदे उसकी शिकायत सीसीपीए से करें। सीसीपीए में एक इंवेस्टिगेशन विंग होगी जो शिकायत की जांच करेगी। यदि शिकायत सही पाई गई तो उस कंपनी पर कार्रवाई होगी।

प्रश्न- यह कानून किस तरह से ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा करेगा?

उत्तर- ग्राहकों के अधिकार के हित में कानून पर कुछ भी कहने से पहले मैं बताना चाहूंगा कि अभी देश में ग्राहकों के अधिकार के संरक्षण के लिए जो कानून लागू है, उसे 1986 में बनाया गया था। इसमें कई ऐसी चीजें शामिल ही नहीं हैं, जिससे अनैतिक व्यापार के मौजूदा तौर-तरीकों पर लगाम लगे। इसीलिए सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण विधेयक को संसद से पारित करवाया है। कानून को महामहिम राष्ट्रपति महोदय की मंजूरी मिल चुकी है और लागू करने में कोई अड़चन नहीं है। जहां तक उपभोक्ताओं के अधिकार की बात है तो वे अब बाजार में मालिक होंगे, लाचार नहीं। 

प्रश्न- कब से लागू हो जाएगा नया कानून?

उत्तर- अभी इसे लागू करने में कुछ महीने और लगेंगे। मंत्रालय को इस दिशा में काफी काम करना है। चूंकि उपभोक्ताओं के अधिकार से जुड़े सभी पहलुओं को कानून में शामिल नहीं किया जा सकता है। लिहाजा कानून के आधार पर नियम बनाये जाने हैं। हालांकि, संसद ने हमें नियम बनाने के लिए छह महीने का वक्त दिया है लेकिन हमारा मंत्रालय इस पर तेजी से काम कर रहा है। मैंने अपने अधिकारियों को महज तीन महीने में ही नियमों को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है। ऐसा होने पर इस साल के खत्म होने से पहले ही इसे अधिसूचित कर दिया जाएगा।
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