सुप्रीम कोर्ट : हमने तो अखबार पढ़कर जाना कि हलफनामे में क्या है, जजों से पहले मीडिया तक पहुंच गया

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Tue, 11 May 2021 03:17 AM IST

सार

  • जस्टिस चंद्रचूड़ ने केंद्र सरकार का हलफनामा मीडिया में लीक होने पर कसा तंज
  • तकनीकी खामियों की वजह से कोविड मामले पर सुप्रीम कोर्ट में नहीं हो सकी सुनवाई
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supreme court - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

कोविड-19 महामारी प्रबंधन व इससे संबंधित अन्य मामलों में केंद्र सरकार का हलफनामा मीडिया में लीक होने पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जमकर खिंचाई की। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने तंज कसते हुए कि हमने तो एक अखबार से पढ़कर जान लिया कि हलफनामे में क्या है।
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उन्होंने कहा कि जजों तक हलफनामा पहुंचने से पहले मीडिया तक पहुंच गया। इस पर केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने इस पर सफाई दी कि हमने राज्यों को हलफनामा दिया था, इसलिए ऐसा संभव हुआ हो। तकनीकी खामियों की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। अगली सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी।


दरअसल, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोविड-19 प्रबंधन, टीकों की कीमतों, दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों को हटाने सहित कोविड से जुडे़  21 अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई होनी थी। सुनवाई सुबह 11 बजे से शुरू होनी थी, लेकिन तकनीकी खामियों की वजह से तीनों जजों को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ने में वक्त लगा।

कॉन्फ्रेंस से जुड़ने के बाद जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, केंद्र सरकार ने रविवार देर रात हलफनामा सुप्रीम कोर्ट पहुंचाया, जिस वजह से हम उसे पढ़ नहीं सकें। हमारे साथी जजों को सोमवार सुबह मिला, लेकिन मीडिया के पास ये रात में ही पहुंच गया था।

इस बीच, मनिंदर सिंह सहित कई वरिष्ठ वकील भी इस वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ने के लिए कंट्रोल रूम से आग्रह करते रहे। करीब 40 मिनट तक खामियों को दूर करने की कोशिश की गई, लेकिन वह असफल रही। बाद में तीनों जज भी डिस्कनेक्ट हो गए।

कुछ देर बाद जस्टिस भट स्क्रीन पर नजर आए। उन्होंने वकीलों को बताया कि आज सर्वर में दिक्कत है। जस्टिस भट ने कहा, हम सभी ने निर्णय लिया है कि हलफनामा पढ़ने के बाद इस पर सुनवाई की जाए। अब हम बृहस्पतिवार को सुनवाई करेंगे।

वर्चुअल कोर्ट में एक वक्त में 200 लोग ही
जानकारी के मुताबिक, एक वर्चुअल कोर्ट में एक वक्त में 200 लोग ही रह सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट सर्वर की क्षमता 200 की है। वकीलों का कहना है कि सर्वर की क्षमता को बढ़ाया जाना चाहिए।

...जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सुनाई दिया सोनिया का भाषण
कोविड प्रबंधन से जुडे़ मामले की ऑनलाइन सुनवाई के दौरान उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का भाषण सुनाई देने लगा। दरअसल, सुनवाई शुरू होने से थोड़ी देर पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कंट्रोल रूम से वरिष्ठ वकील व कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की आवाज बंद करने का आग्रह किया।

चिदंबरम ने मेहता के माध्यम से कंट्रोल रूम तक यह बात पहुंचाने के लिए कही थी। जैसे ही कंट्रोल रूम की ओर से चिदंबरम की आवाज बंद की गई, वहां से सोनिया गांधी का कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का संबोधन सुनाई देने लगा। जिनके बाद वर्चुअल कोर्ट रूम के मौजूद वकील हंस पडे़।

वर्चुअल कोर्ट रूम में मौजूद दूसरे कांग्रेस नेता व वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल को अपने साथी चिदंबरम से कहना पड़ा, इसे बंद करें। सिब्बल कुछ समय पहले से ही वर्चुअल कोर्ट रूम में मौजूद थे। हालांकि उनके बैकग्राउंड से सोनिया का भाषण सुनाई नहीं दे रहा था।

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