COVID -19 : सिंघु बॉर्डर पर कोरोना का खतरा बढ़ा, प्रदर्शनकारी किसान बुखार, खांसी के शिकार

राहुल समपाल, नई दिल्ली Updated Fri, 04 Dec 2020 12:53 AM IST
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प्रदर्शन करते किसान।
प्रदर्शन करते किसान। - फोटो : अमर उजाला।

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सिंघु बॉर्डर पर कोरोना वायरस का खतरा बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। प्रदर्शनकारी किसानों में सर्दी, खांसी और बुखार के मामले बढ़ रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा तादाद बुजुर्ग किसानों की नजर आ रही है। मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों की टीम किसानों को दवाई उपलब्ध भी करवाने में जुटी हुई है। यहां मौजूद डॉक्टरों का कहना कि लोग मास्क का उपयोग नहीं कर रहे हैं। बीमारी को बहुत हल्के में ले रहे हैं, ऐसे में कोरोना का खतरा बढ़ सकता है।
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अमर उजाला से बातचीत में हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि 'बीते कुछ दिनों से यहां सर्दी खांसी, बुखार और गले के खराब होने के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। सरकार की तरफ से 10 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। सभी जगह केवल इसी तरह के केस आ रहे हैं। हमें रोज ज्यादा मात्रा में सर्दी, खांसी और बुखार की दवाइयां मंगवानी पड़ रही है। बुजुर्गों की संख्या इसमें सबसे ज्यादा है। इमरजेंसी की स्थिति को देखते हुए एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई है।


अमर उजाला से चर्चा में अकाल एनजीओ ने बताया कि चार दिन से हमारी संस्था ने यहां कैंप लगाया है। हर रोज केवल बुखार और गले खराब होने के मामले आ रहे हैं। हमने लोगों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था भी कर रखी है। ज्यादा गंभीर बीमार व्यक्तियों के लिए डॉक्टर भी उपलब्ध करवा रखे हैं। एक तय समय देकर हम महिलाओं और पुरुषों को बुलाकर इलाज कर रहे हैं। संस्था द्वारा  ढाई लाख की दवाई किसानों को दी जा चुकी है। रोज हमें दवाइयों का स्टॉक मंगवाना पड़ रहा है।

संस्था के डॉक्टर चरणजीत सिंह ने अमर उजाला से कहा कि रोज करीब 50 से ज्यादा लोग हमारे कैंप में सर्दी खांसी और बुखार की दवाई लेने आ रहे है। इसी तरह के कई एनजीओ और स्वास्थ्य विभाग के कैंप में भी लोग जा रहे है। हम किसानों से लक्षण पूछकर दवाई उपलब्ध करवा रहे है। लोगो को बार-बार कोरोना से बचने के लिए सतर्क भी कर रहे है। इसके अलावा शुगर, ब्लड प्रेशर और पेट संबंधित केस भी सामने आ रहे है।

बीमार लोगों की सूची तैयार करने में जुटी हरियाणा सरकार 
हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य अधिकारियों ने अमर उजाला से कहा कि हम ऐसे किसानों की सूची तैयार करेंगे, जिन्हें तेज बुखार या सर्दी खांसी है। सूची के बाद कैंप लगाकर  कोविड-19 जांच कराना शुरू करेंगे। यदि कोई किसान कोरोना संक्रमित मिलता है तो उसे बेहतर इलाज सुविधा दी जाएगी। किसानों द्वारा मास्क नहीं लगाने और कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन नही करने के सवाल पर अधिकारियों कहना है कि स्थानीय जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम को स्वास्थ्य जांच के निर्देश दिए है। बॉर्डर पर किसान बड़ी संख्या में एकत्रित हुए हैं। ऐसे में उनकी स्वास्थ्य जांच लगातार जारी रखी जाए। किसानों को कोविड-19 जांच और मास्क पहनने के लिए भी तैयार किया जाएगा।

 
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