स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन बोले, कोरोना को जल्द मिलेगी मात, चार वैक्सीन पूर्व-नैदानिक परीक्षण चरण में

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 21 Sep 2020 12:49 PM IST
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कोरोना वायरस वैक्सीन
कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : iStock

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भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन को तैयार करने के लिए वैज्ञानिक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने बताया है कि भारत में कोरोना के खिलाफ चार वैक्सीन पूर्व-नैदानिक परीक्षण के उन्नत चरणों में हैं। गौरतलब है कि देश में अब तक कोरोना से 87,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 
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हर्षवर्धन ने रविवार को संसद में कहा कि सरकार देश में कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन के विकास के लिए सभी आवश्यक सहयोग दे रही है और तीन वैक्सीन उम्मीदवार नैदानिक परीक्षण के विभिन्न चरणों में हैं।
कोरोना वायरस महामारी पर चर्चा के दौरान लोकसभा में हर्षवर्धन ने कहा, दुनिया भर में 145 वैक्सीन उम्मीदवार पूर्व-नैदानिक मूल्यांकन के चरण पर हैं। वहीं लगभग 35 वैक्सीन उम्मीदवार क्लिनिकल परीक्षण के चरण पर हैं। भारत में, हमने 30 वैक्सीन उम्मीदवारों को सभी सहायता दी है। उन्होंने बताया कि चार वैक्सीन उम्मीदवार पूर्व नैदानिक-परीक्षण के उन्नत चरणों में हैं। 

यह भी पढ़ें: इस देश के स्वास्थ्य मंत्री ने लगवाई कोरोना की वैक्सीन, क्या भारत में भी होगा ऐसा? 

उन्होंने वायरल संक्रमण के प्रसार और देश में महामारी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की एक श्रृंखला भी सूचीबद्ध की। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, 30 जनवरी को, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दुनिया को इस बीमारी के बारे में चेतावनी दी थी। 

केंद्रीय मंत्री ने बताया, हमने आठ जनवरी से कोरोना पर काम शुरू कर दिया था। 17 जनवरी तक हमने एक विस्तृत स्वास्थ्य परामर्श जारी किया और प्रवेश निगरानी और सामुदायिक निगरानी के बिंदु शुरू किए। 30 जनवरी को, जब भारत में पहला मामला सामने आया, तो अधिकारियों ने 162 संपर्क ट्रेसिंग किए। 

दूसरी तरफ, केंद्र सरकार हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड और अहमदाबाद स्थित जाइडस कैडिला द्वारा परीक्षण किए जा रहे उम्मीदवारों की प्रगति पर बारीकी से नजर रख रही है। भारत में कोरोना वैक्सीन तैयार करने की दौड़ में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन सबसे आगे है।

पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने यूके की ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के लिए एस्ट्राजेनेका के साथ उत्पादन और नैदानिक परीक्षण किया है, इस वैक्सीन का अब तक दुनियाभर में सबसे अधिक लोगों पर परीक्षण किया गया है।
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