मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में बोले पीएम, जान भी-जहान भी, लॉकडाउन का पालन बहुत जरूरी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 11 Apr 2020 07:33 PM IST
पीएम नरेंद्र मोदी ने आज मुख्यमंत्रियों के साथ बात की
पीएम नरेंद्र मोदी ने आज मुख्यमंत्रियों के साथ बात की - फोटो : ANI
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देश में लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना मामलों के बीच शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इसमें उन्होंने सभी से लॉकडाउन को बढ़ाने समेत इस संक्रमण के निवारण के उपायों और आवश्यक कदमों पर सुझाव भी मांगा। इस दौरान सभी राज्यों ने लॉकडाउन दो हफ्ते बढ़ाने की मांग की। इसपर केंद्र सरकार विचार भी कर रही है।  
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा- लॉकडाउन की बात करते हुए मैंने कहा था कि जान है तो जहान है। जब मैंने राष्ट्र के नाम संदेश दिया था तो शुरू में बल दिया था कि हर नागरिक की जान बचाने के लिए लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बहुत आवश्यक है। देश के अधिकतर लोगों ने इस बात को समझा और घरों में रहकर अपना दायित्व भी निभाया। हम सभी ने भी इसी मंत्र पर चलते हुए देशवासियों की जिंदगी बचाने का प्रयास किया।

भारत के उज्जवल भविष्य के लिए, समृद्ध और स्वस्थ भारत के लिए, जान भी जहान भी, दोनों पहलुओं पर ध्यान आवश्यक है। जब देश का प्रत्येक व्यक्ति जान भी और जहान भी, दोनों की चिंता करते हुए अपने दायित्व को निभाएगा, सरकार और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा, तो कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई और मजबूत होगी।

बैठक के बाद सरकार की तरफ से जारी बयान
  • प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया है कि देश में जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। कालाबाजारियों और जमाखोरों को सख्त संदेश दिया। 
  • लॉकडाउन पर पीएम ने कहा कि राज्य सरकारें एकमत दिख रही हैं कि इसे दो हफ्ते तक बढ़ाया जाना चाहिए।
  • पीएम ने पाया किया कि केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से कोविड-19 से लड़ने में मदद मिली है और इसका असर कम हुआ है, लेकिन लगातार निगरानी की भी जरूरत है। 
  • कोविड-19 से लड़ने वाले कर्मचारियों को सभी तरह के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, इस पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
  • पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि लॉकडाउन उल्लंघन पर नियंत्रण जरूरी है और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होना चाहिए। 
  • पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि फार्म प्रोडक्ट की सीधी मार्केटिंग हो ताकि मंडी में भीड़ न उमड़े और किसानों को अपने उत्पाद का दाम घर पर ही मिले। 
  • पीएम ने कहा कि आरोग्य सेतु एप कोविड-19 से लड़ाई में जरूरी है, एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए ई-पास की तरह काम करेगा।
     
लॉकडाउन बढ़ाने का पीएम ने समर्थन किया: नारायणसामी
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में मुख्यमंत्रियों की एक स्वर में राय थी कि लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जाए जिसका पीएम मोदी ने भी समर्थन किया।

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कुछ राज्यपालों और उप राज्यपालों की ओर से सरकारों के काम में दखल देने का मुद्दा उठाया और प्रधानमंत्री से इन्हें नियंत्रित करने  का आग्रह किया।

नारायणसामी ने वीडियो लिंक के जरिए संवाददाताओं से कहा कि हम मुख्यमंत्री एकमत थे कि लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जाए और प्रधानमंत्री ने भी इसका समर्थन किया। इसकी आधिकारिक घोषणा बाद में की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों की राय सुनी। 13 मुख्यमंत्रियों ने अपनी बात रखी। मुख्य मुद्दा लोगों की जीविका का था। यह बात मुख्य रूप से की गई राज्यों के पास पर्याप्त धन नहीं है। ऐसे में भारत सरकार क्या कर रही है।

नारायणसामी के मुताबिक मुख्यमंत्रियों ने यह जानना चाहा कि केंद्र सरकार कामगारों, छोटे दुकानों, एमएसएमई और उद्योगों के लिए क्या करने जा रही हैं। न्होंने कहा कि राज्य सरकारों को कर्ज के भुगतान के लिए छह महीने का समय मिलना चाहिए।

पीएम मोदी ने मुंह पर लगाया था मास्क
इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मुंह और नाक को रूमाल जैसे किसी कपड़े से बने मास्क ढका था। वहीं अन्य मुख्यमंत्रियों ने मास्क पहन रखे थे। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के भाजपा जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा से फोन पर बात की थी।



इस दौरान उन्होंने कहा था कि आम नागरिकों को घर पर बने मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। बाजार में मिलने वाले मास्क की जगह गमछा, रूमाल या तीन परत में बनाया गया कपड़े का मास्क भी पहना जा सकता है। अपनी इसी बात का पालन करते हुए प्रधानमंत्री ने शनिवार की कॉन्फ्रेंस में घर पर बना हुआ मास्क पहना था।

वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार महामारी के प्रसार को रोकने के प्रयासों में लगे हुए सभी संबंधित एजेंसियों और हितधारकों के संपर्क में है। साथ ही राज्यों से इस विषय पर विचार भी प्राप्त किए गए। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से ऐसे समय में बात की है जब माना जा रहा है कि सरकार देशभर में लागू लॉकडाउन को कुछ संभावित छूट के साथ बढ़ा सकती है।

पंजाब और ओडिशा बढ़ा चुके हैं लॉकडाउन
गौरतलब है कि पंजाब और ओडिशा पहले ही अपने राज्यों में जारी लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा चुके हैं। वहीं देश में जारी लॉकडाउन आने वाले मंगलवार को खत्म हो रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न पहलुओं पर राज्य सरकारों से विचार मांगे हैं, जिसमें यह जानकारी भी शामिल है कि क्या अधिक लोगों और सेवाओं को छूट दी जानी चाहिए।

वर्तमान में जारी लॉकडाउन में केवल जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है। यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन के बाद मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की है। दो अप्रैल को हुई बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जारी लॉकडाउन से बाहर निकलने के लिए सख्त कदम उठाने के लिए कहा था।

केजरीवाल ने दिया लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेस में पूरे भारत में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव दिया है।

भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी से किया आग्रह
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि राज्य की सीमा के भीतर आर्थिक गतिविधियां संचालित करने की अनुमति दी जाए।

पंजाब के मुख्यमंत्री ने 15 दिनों के लिए लॉकडाउन बढ़ाने को कहा

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उद्योग और कृषि क्षेत्रों के लिए विशेष रियायतों के अलावा कम से कम एक पखवाड़े तक लॉकडाउन बढ़ाने की सिफारिश की। उन्होंने रैपिड टेस्टिंग किट की जल्द आपूर्ति के लिए भी कहा।

वाराणसी से भाजपा अध्यक्ष से क्या कहा था प्रधानमंत्री ने?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा से फोन पर बात की थी। इस दौरान उन्होंने फैशनेबल मास्क की जगह गमछे का प्रयोग करने की सलाह दी थी। विश्वकर्मा ने मास्क के संबंध में बताया तो प्रधानमंत्री ने कहा कि मास्क डॉक्टरों और ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों के लिए सुविधाजनक है। साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अधिकांश लोग अपने सिर पर गमछा बांधते हैं या तौलिया रखते हैं। अब उसी से मुंह ढंकने की आदत डालने के बारे में सबको सलाह दी जानी चाहिए।
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