बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

कोरोना ने पकड़ी रफ्तार : देश में पहली बार 12 जून को दर्ज हुए थे 10 हजार से अधिक मामले, फिर घरों में कैद हो सकते हैं लोग!

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Thu, 25 Feb 2021 09:11 AM IST
विज्ञापन
लॉकडाउन
लॉकडाउन - फोटो : PTI

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
दुनिया भर में बीते एक साल से कोरोना वायरस का कहर जारी है। भारत भी करीब एक साल से इस महामारी के खिलाफ जंग लड़ रहा है। देश में एक बार फिर संक्रमण के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। जहां पिछले साल देश में वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के बीच पहली बार 12 जून, 2020 को 10 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए थे। वहीं अब जिंदगी पटरी पर लौटने के बाद एक बार फिर घरों में कैद होती दिखाई दे रही है। महाराष्ट्र और केरल समेत कई राज्यों में हालत भयावह हो गए हैं। संक्रमण के दैनिक मामले एक बार फिर बढ़कर 10 हजार के पार पहुंच गए हैं। आइए बताते हैं कि कोरोना वायरस को लेकर राज्यों की स्थिति और महामारी से निपटने के लिए उठाए गए कदम...
विज्ञापन


हाल ही में दर्ज किए गए कोरोना संक्रमण के 86 फीसदी नए मामले महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और पंजाब में हैं  कोरोना संक्रमण में तेजी को देखते हुए सख्त पाबंदियों का सिलसिला एकबार फिर शुरू हो गया है। कई राज्यों ने पाबंदियां लगाईं हैं।






महाराष्ट्र के कई जिलों में लॉकडाउन
कोरोना मामलों में वृद्धि को देखते हुए महाराष्ट्र के अमरावती जिले में एक हफ्ते के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया है। वहीं नागपुर में सात  मार्च तक के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। पुणे में भी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर बाकी लोगों के घर से निकलने पर रोक है। महाराष्ट्र के चार अन्य जिलों अकोला, वाशिम, बुलढाणा और यवतमाल में भी पाबंदियां लगाई गई हैं।बता दें कि महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोना के 8,807 नए केस दर्ज किए गए थे। वहीं 80 लोगों की संक्रमण से जान चली गई। देश में कोरोना से सबसे अधिक लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई है।
 
महाराष्ट्र: केरल समेत इन राज्यों से आने वालों के लिए नियम 
महाराष्ट्र सरकार की ओर से जानी नई मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुसार, केरल, गोवा, गुजरात, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान से आने वाले सभी यात्रियों को आरटी-पीसीआर निगेटिव जांच रिपोर्ट देनी जरूरी होगी। सैंपल लेने का समय प्रवेश के निर्धारित समय से 96 घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए। ऐसे यात्रियों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिनमें कोरोना महामारी के लक्षण नहीं होंगे। पूर्व में जारी मानक संचालन प्रक्रिया में कहा गया है कि जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर व्यक्ति को कोविड केयर सेंटर भेजा जाएगा। यहां आने वाला खर्च व्यक्ति को ही वहन करना होगा।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

दिल्ली: इन पांच राज्यों से आ रहे हैं, तो दिखानी होगी रिपोर्ट

विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X