जस्टिस लोया मामले पर CJI का फाइनल फैसला, जज तय नहीं करेंगे किसे सौंपा जाए केस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 13 Jan 2018 10:54 AM IST
CJI rejected four judges plea to hear PIL which filled for Justice loya death case
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सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने न्यायपालिका में चल रही गड़बड़ियों के खिलाफ शुक्रवार को मोर्चा खोल दिया। कई मांगों के बीच जजों ने जस्टिस लोया की मौत को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि ये केस स्पेशल बेंच के हाथों में देने की जरूरत है। दरअसल, इस केस में पीआईएल दाखिल की गई थी और जजों ने मांग करते हुए कहा कि इस केस को सीनियर जजों में दे दिया जाए। 
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) दीपक मिश्रा ने इस मांग को साफ तौर पर ठुकरा दिया। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक दीपक मिश्रा ने कहा कि अब तक सीजेआई ही ये तय करते हैं कि केस किन हाथों में दिया जाने हैं, ये प्रथा पहले से चलती आ रही है, जिसे वे तोड़ना नहीं चाहते। सीजेआई के ऑफिस की तरफ से कहा गया था कि पूर्व सीजेआई जस्टिस एच एल दत्तू, टीएस ठाकुर, जेएस खेहर के फैसलों पर ही केस बेंचों को दिए जाते थे। 

इसके बाद चारों जजों की ओर से सीजेआई को लेटर लिखा गया और विरोध जताया। लेटर में कहा गया कि सीजेआई को ये अधिकार है कि वे केस किस बेंच के हाथों में देना चाहते हैं, लेकिन लेकिन उनके सहयोगियों पर सीजीआई के किसी भी अधिकार, कानूनी या तथ्यात्मक की मान्यता नहीं है।

सीजेआई को बराबरी का माहौल बना कर रखना चाहिए। इसके जवाब में सीजेआई की तरफ से कहा गया कि जब आप अपने जूनियर्स को बराबर मानते हैं तो इस आपत्ति का कोई मतलब नहीं बनता।बता दें कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट से 25 जजों में से 10वें नंबर पर आने वाले जज को सौंपा गया है और सीनियर जजों ने इस पर आपत्ति जताई है।
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जस्टिस लोया की मौत पर उठे सवाल

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