LPG Crisis: एलपीजी सप्लाई पर केंद्र सख्त, राज्यों से कहा- जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर तुरंत कार्रवाई करें
पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी आपूर्ति को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट किया है। केंद्र ने कहा है कि गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोजाना नजर रखी जाए और जमाखोरी या ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो। आइए विस्तार से जानते हैं कि सरकार ने और क्या-क्या निर्देश दिए है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार ने एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। केंद्र ने कहा है कि देश में घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोजाना निगरानी रखी जाए और कहीं भी जमाखोरी या ब्लैक मार्केटिंग की शिकायत मिले तो तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। सरकार का कहना है कि अफवाहों और डर की वजह से बाजार में कृत्रिम संकट पैदा नहीं होने दिया जाएगा।
नई दिल्ली में गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को यह निर्देश दिए गए। बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। अधिकारियों ने कहा कि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
क्या कहा केंद्र ने राज्यों से?
बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में एलपीजी की सप्लाई पर रोजाना नजर रखें। साथ ही गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए सख्त कदम उठाएं। केंद्र ने यह भी कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और लोगों को सही जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
ये भी पढ़ें- Assam Development Projects: असम दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी और अमित शाह, 10 हजार करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात
क्या वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों पर लगी है रोक?
सरकार ने जानकारी दी कि एलपीजी नियंत्रण आदेश के तहत रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल संयंत्रों को गैस उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गैस वितरण पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं। हालांकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
गैस सप्लाई की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए?
केंद्र ने राज्यों को एलपीजी सप्लाई चेन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी कहा है। इसके तहत गैस गोदामों, परिवहन और वितरण व्यवस्था पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी खबरों पर निगरानी रखने और गलत जानकारी हटाने के लिए तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।
एलपीजी आपूर्ति पर पश्चिम एशिया संकट का कितना असर?
भारत हर साल करीब 3.13 करोड़ टन एलपीजी की खपत करता है, जिसमें से लगभग 87 प्रतिशत घरेलू उपयोग में आता है। कुल जरूरत का करीब 62 प्रतिशत हिस्सा आयात से पूरा होता है। भारत अपने एलपीजी आयात का लगभग 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम एशिया से मंगाता है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद ईरान के साथ बढ़े तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा आई है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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विस्तार
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार ने एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। केंद्र ने कहा है कि देश में घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोजाना निगरानी रखी जाए और कहीं भी जमाखोरी या ब्लैक मार्केटिंग की शिकायत मिले तो तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। सरकार का कहना है कि अफवाहों और डर की वजह से बाजार में कृत्रिम संकट पैदा नहीं होने दिया जाएगा।
नई दिल्ली में गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को यह निर्देश दिए गए। बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। अधिकारियों ने कहा कि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
क्या कहा केंद्र ने राज्यों से?
बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में एलपीजी की सप्लाई पर रोजाना नजर रखें। साथ ही गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए सख्त कदम उठाएं। केंद्र ने यह भी कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और लोगों को सही जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
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क्या वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों पर लगी है रोक?
सरकार ने जानकारी दी कि एलपीजी नियंत्रण आदेश के तहत रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल संयंत्रों को गैस उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गैस वितरण पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं। हालांकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
गैस सप्लाई की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए?
केंद्र ने राज्यों को एलपीजी सप्लाई चेन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी कहा है। इसके तहत गैस गोदामों, परिवहन और वितरण व्यवस्था पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी खबरों पर निगरानी रखने और गलत जानकारी हटाने के लिए तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।
एलपीजी आपूर्ति पर पश्चिम एशिया संकट का कितना असर?
भारत हर साल करीब 3.13 करोड़ टन एलपीजी की खपत करता है, जिसमें से लगभग 87 प्रतिशत घरेलू उपयोग में आता है। कुल जरूरत का करीब 62 प्रतिशत हिस्सा आयात से पूरा होता है। भारत अपने एलपीजी आयात का लगभग 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम एशिया से मंगाता है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद ईरान के साथ बढ़े तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा आई है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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