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Hindi News ›   India News ›   CBI: Raids on 16 locations in country regarding Jammu and Kashmir power project, former Governor Malik raised the issue of bribery

CBI Raids: बिजली परियोजना को लेकर देश में 17 ठिकानों पर छापे, पूर्व राज्यपाल मलिक ने उठाया था रिश्वत का मुद्दा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 06 Jul 2022 07:44 PM IST
सार

सीबीआई इस मामले में आज श्रीनगर में दो जगह, जम्मू में पांच, दिल्ली में पांच, मुंबई में तीन और पटना में एक जगह जांच कर रही है। ये 17 ठिकाने बिचौलियों व प्रोजेक्ट से संबंधित लोगों के बताए गए हैं।

सीबीआई की छापेमारी
सीबीआई की छापेमारी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में एक बिजली परियोजना से जुड़े रिश्वतखोरी के मामले में सीबीआई ने आज देशभर में 17 स्थानों पर छापे मारे। यह मामला पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने उठाया था। किरू हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट लि. के सिविल वर्क का ठेका देने में कथित तौर पर रिश्वतखोरी की गई थी। 



सीबीआई इस मामले में आज श्रीनगर में दो जगह, जम्मू में पांच, दिल्ली में पांच, मुंबई में तीन और बिहार के पटना-दरभंगा में जांच कर रही है। ये 17 ठिकाने बिचौलियों व प्रोजेक्ट से संबंधित लोगों के बताए गए हैं। इस दौरान आईएएस नवीन कुमार चौधरी के सहयोगी के परिसर की भी तलाशी ली गई। इस दौरान डिजिटल साक्ष्य सहित आपत्तिजनक दस्तावेज एकत्र किए गए। तत्कालीन राज्यपाल मलिक ने आरोप लगाया था कि इसकी मंजूरी के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की गई थी। 


सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान उसे आरोपी सरकारी अफसरों के कुछ संदिग्ध लेन-देन का पता चला था। इनमें चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स लि. के तत्कालीन चेयरमेन नवीन कुमार चौधरी के लेन-देन भी शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच एजेंसी मुंबई में पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रूपेन पटेल, विजय गुप्ता और अमरेंद्र कुमार सिंह के परिसरों की तलाशी ले रही है।

अप्रैल में सीबीआई ने इस मामले में दो केस दर्ज किए थे। जांच एजेंसी ने तब छह राज्यों में छापेमारी की थी। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों पर दो प्राथमिकी दर्ज की थी। पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक जनसभा में आरोप लगाया था कि उन्हें जम्मू कश्मीर की दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। ये फाइलें राज्य में किरू जलविद्युत परियोजना से संबंधित सरकारी कर्मचारियों के लिए समूह चिकित्सा बीमा योजना से संबंधित थीं। 

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